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डकैती का खुलासा न होने पर आईजी खफा
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:19 AM IST
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तिलहर (शाहजहांपुर)। नगर के डॉक्टर बृजेंद्र गुप्ता के यहां 11 दिन पहले पड़ी दिनदहाड़े डकैती का खुलासा न होने पर आईजी एसके भगत बेहद खफा हैं। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसपी केबी सिंह से कहा कि लगता है कि अब उन्हें खुद यहां कैंप करना पड़ेगा। उन्होंने घटना की अब तक की प्रगति की समीक्षा की।
यहां बता दें कि सात अक्तूबर को नगर के डॉ. विजेंद्र गुप्ता के आवास पर सुबह आधा दर्जन बदमाशों ने अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर घर में घुसकर डॉक्टर सहित पूरे परिवार को बंधक बनाकर नकदी, जेवर और लाइसेंसी रिवाल्वर लूट ली थी। घटना के खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य करीब एक सप्ताह तक यहां डेरा डाले रहे। इस दौरान आसपास के थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच टीम को भी घटना के खुलासे के लिए जुटाया गया। एसपी केवी सिंह स्वयं खुलासे की मॉनिटरिंग करते रहे। इस बीच आईजी एसके भगत ने भी यहां दौरा करके डॉक्टर के घर जाकर स्वयं घटना की जानकारी ली थी। अपने दौरे के समय आईजी ने एक सप्ताह के अंदर खुलासे का आश्वासन दिया था। घटना का खुलासा न होने पर मंगलवार को आईजी थाना पहुंचे और कड़ी नाराजगी जताई। आईजी ने एसपी से कहा कि वह चोरी गई रिवॉल्वर को बरामद कर दें तो वह समझ लेंगे कि आपने घटना का खुलासा कर लिया है। अन्यथा यह समझूंगा कि मुझे झूठी दिलासा दी जा रही है। पत्रकारों से बातचीत में आईजी ने कहा कि धैर्य रखें, घटना का खुलासा अवश्य किया जाएगा। भले ही इसके लिए उन्हें हर सप्ताह यहां क्यों न आना पड़े।
...जब आई जी किशोरी के गांव चल दिए
थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में आईजी ने थाना इंचार्ज को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुलिस ने छेड़खानी के मामले को संजीदगी से नहीं लिया, जिसका दुखद परिणाम सामने आया। कहा कि पीड़ित लड़की के पक्ष को लड़के के घर जाकर शिकायत करनी चाहिए थी, लेकिन यहां इस मामले में लड़के पक्ष के लोग शिकायत करने लड़की पक्ष के घर गए। यह बात उनके गले नहीं उतर रही है। आखिर लड़के पक्ष को लड़की पक्ष के घर जाना पड़ा। इसमें यूपी 100 पुलिस संदेह के घेरे में है। कुछ देर देर बाद आईजी मृतक किशोरी के गांव की ओर चल दिए। वह गांव में पीड़ित किशोरी पक्ष व आरोपी के परिजनों से मिले तथा घटना की जानकारी लेते हुए मौका मुआयना किया। गांव पहुंचने पर उनके साथ पुलिस कप्तान केवी सिंह सहित स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे। लगभग आधा घंटा गांव में रुकने के बाद वह वापस तिलहर लौट आए। चीनी मिल गेस्ट हाउस में रुकने के बाद घटना का तत्काल खुलासा किए जाने के निर्देश देकर बरेली को प्रस्थान कर गए।
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यहां बता दें कि सात अक्तूबर को नगर के डॉ. विजेंद्र गुप्ता के आवास पर सुबह आधा दर्जन बदमाशों ने अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर घर में घुसकर डॉक्टर सहित पूरे परिवार को बंधक बनाकर नकदी, जेवर और लाइसेंसी रिवाल्वर लूट ली थी। घटना के खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य करीब एक सप्ताह तक यहां डेरा डाले रहे। इस दौरान आसपास के थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच टीम को भी घटना के खुलासे के लिए जुटाया गया। एसपी केवी सिंह स्वयं खुलासे की मॉनिटरिंग करते रहे। इस बीच आईजी एसके भगत ने भी यहां दौरा करके डॉक्टर के घर जाकर स्वयं घटना की जानकारी ली थी। अपने दौरे के समय आईजी ने एक सप्ताह के अंदर खुलासे का आश्वासन दिया था। घटना का खुलासा न होने पर मंगलवार को आईजी थाना पहुंचे और कड़ी नाराजगी जताई। आईजी ने एसपी से कहा कि वह चोरी गई रिवॉल्वर को बरामद कर दें तो वह समझ लेंगे कि आपने घटना का खुलासा कर लिया है। अन्यथा यह समझूंगा कि मुझे झूठी दिलासा दी जा रही है। पत्रकारों से बातचीत में आईजी ने कहा कि धैर्य रखें, घटना का खुलासा अवश्य किया जाएगा। भले ही इसके लिए उन्हें हर सप्ताह यहां क्यों न आना पड़े।
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...जब आई जी किशोरी के गांव चल दिए
थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में आईजी ने थाना इंचार्ज को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुलिस ने छेड़खानी के मामले को संजीदगी से नहीं लिया, जिसका दुखद परिणाम सामने आया। कहा कि पीड़ित लड़की के पक्ष को लड़के के घर जाकर शिकायत करनी चाहिए थी, लेकिन यहां इस मामले में लड़के पक्ष के लोग शिकायत करने लड़की पक्ष के घर गए। यह बात उनके गले नहीं उतर रही है। आखिर लड़के पक्ष को लड़की पक्ष के घर जाना पड़ा। इसमें यूपी 100 पुलिस संदेह के घेरे में है। कुछ देर देर बाद आईजी मृतक किशोरी के गांव की ओर चल दिए। वह गांव में पीड़ित किशोरी पक्ष व आरोपी के परिजनों से मिले तथा घटना की जानकारी लेते हुए मौका मुआयना किया। गांव पहुंचने पर उनके साथ पुलिस कप्तान केवी सिंह सहित स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे। लगभग आधा घंटा गांव में रुकने के बाद वह वापस तिलहर लौट आए। चीनी मिल गेस्ट हाउस में रुकने के बाद घटना का तत्काल खुलासा किए जाने के निर्देश देकर बरेली को प्रस्थान कर गए।
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