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महंगे शौक ने बीसीए, बीएड युवाओं को बना दिया लुटेरा
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शाहजहांपुर। महंगे शौकों ने संजीव और विक्रम को लुटेरा बना दिया। इनको नहीं पता था कि सराफा व्यापारी से लूट महंगी साबित होगी और जेल जाना होगा। संजीव और विक्रम सिंधौली थाने के गांव महाऊ महेश के रहने वाले हैं। दोनों की पहले से दोस्ती है। रोजा के गांव हथौड़ा बुजुर्ग का रहने वाला चांद मोहम्मद भी इनके संपर्क में था।
बीसीए की डिग्री लेने के बाद संजीव इन दिनों एक बैंक में आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा है। उसका दोस्त विक्रम स्नातक करने के बाद बीएड कर रहा है। टीचिंग लाइन में कैरियर बनाने का सपना देखने वाला विक्रम ट्यूशन भी पढ़ाता था। तीनों के महंगे शौक के साथ प्रेमिकाएं भी हैं। छोटी-मोटी नौकरी से खुद के खर्च पूरे नहीं हो रहे थे। ऊपर से प्रेमिकाओं के खर्च भी थे। ऐसे में इन लोगों ने लूट की योजना बनाई। कई दिन तक सराफा व्यापारी राजू रस्तोगी की रेकी की और मौका पाकर बृहस्पतिवार शाम लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। लूट का माल ठिकाने लगाने से पहले ही तीनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। वर्क आउट करने के बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर कोतवाली राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि तीनों के महंगे शौक थे। शौक पूरे करने के लिए ही इन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया।
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बीसीए की डिग्री लेने के बाद संजीव इन दिनों एक बैंक में आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा है। उसका दोस्त विक्रम स्नातक करने के बाद बीएड कर रहा है। टीचिंग लाइन में कैरियर बनाने का सपना देखने वाला विक्रम ट्यूशन भी पढ़ाता था। तीनों के महंगे शौक के साथ प्रेमिकाएं भी हैं। छोटी-मोटी नौकरी से खुद के खर्च पूरे नहीं हो रहे थे। ऊपर से प्रेमिकाओं के खर्च भी थे। ऐसे में इन लोगों ने लूट की योजना बनाई। कई दिन तक सराफा व्यापारी राजू रस्तोगी की रेकी की और मौका पाकर बृहस्पतिवार शाम लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। लूट का माल ठिकाने लगाने से पहले ही तीनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। वर्क आउट करने के बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर कोतवाली राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि तीनों के महंगे शौक थे। शौक पूरे करने के लिए ही इन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया।
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