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जीनत से निकाह का विरोध करने पर ली सना की जान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Tue, 10 Apr 2018 07:53 PM IST
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दरोगा बोंधे खां की बेटी सना चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए अरशद ने जीनत से निकाह करने का विरोध करने पर सना की हत्या की थी। उसने तमंचा अपने गांव के ही साथी सलमान से मंगवाया था। आरोपी को पुलिस ने मंगलवार को डॉक्टरी मुआयना के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि हत्यारोपी अरशद उर्फ असगर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह पुलिस में भर्ती के लिए जीएफ कॉलेज मैदान में जाता था। वहीं पर सना चौधरी और उसकी बहन जीनत भी दौड़ने आती थी। बातों ही बातों में उनसे दोस्ती हो गई। वह जीनत से निकाह करना चाहता था, लेकिन सना विरोध कर रही थी और उसने यह बात अपने माता-पिता को भी बता दी थी। इस पर सना के माता-पिता ने उसे डांटा था। जीनत से निकाह करने में असफल रहने पर उसने सना को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। इसमें उसने प्रतापगढ़ के थाना कंधई क्षेत्र के अपने गांव कठार से दोस्त सलमान को बुला लिया, वहीं 315 बोर का तमंचा लेकर आया था। चूंकि अरशद को दोनों बहनों के कोचिंग आने जाने का समय मालूम था, इसलिए वह सात अप्रैल को दोनों बहनों के कोचिंग से निकलने के कुछ समय पहले पहुंच गया। दोनों बहनें मोहल्ला रामनगर दिलाजॉक में दोपहर 12:30 बजे जैसे ही डॉ. मुजीब के घर के पास पहुंची, तो उसने सना चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से भाग निकला। एएसपी सिटी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के साथ ही उस बाइक को भी कब्जे में ले लिया है, जिस बाइक से दोनों मौके से भागे थे।
सिपाही की बाइक मांगकर ले गया था अरशद
अरशद ने सीतापुर सेल टैक्स में तैनात सिपाही की बाइक उसकी पत्नी से यह कहकर मांग ली थी कि वह कुछ जरूरी काम से जा रहा है। अभी वापस आ जाएगा, लेकिन सिपाही की पत्नी को क्या पता था कि वह बाइक सना को मारने के लिए ले जा रहा है। उसे तो जानकारी घटना के बाद हुई। सिपाही का परिवार यहीं पुलिस लाइन में रह रहा है।
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भागते समय फट गया बाइक का टायर
घटना को अंजाम देने के बाद अरशद साथी सलमान के साथ बाइक से पुवायां रोड की ओर भागा। इसके बाद वह गांव के संपर्क मार्गों से होकर हाईवे पर पहुंचकर लखनऊ पहुंचा, जहां बाइक का टायर फट गया। यहां उसने पुराना टायर बाइक में डलवाया। इसके बाद वह बाइक से ही प्रतापगढ़ पहुंचा।
पहले उसकी सना से ही थी दोस्ती
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अरशद की पहले सना से ही दोस्ती थी, लेकिन कुछ माह से अरशद ने सना की छोटी बहन से कुछ ज्यादा बोलचाल शुरू कर दी थी। यह बात सना को नागवार लगी और उसने अरशद को चेताया भी, लेकिन अरशद नहीं माना। इस पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और इसका परिणाम सना की हत्या के रूप में सामने आया।
चेहरे पर नहीं थी शिकन
अरशद के चेहरे पर हत्या की शिकन जरा भी नहीं मालूम हो रही थी। उसे मीडिया के सामने पेश किया गया तो उसने केवल इतना भर कहा कि उसे गुस्सा आ गया और उसने सना को गोली मार दी। गुस्सा क्यों और किस बात पर आया। इस पर वह कुछ नहीं बोला।
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एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि हत्यारोपी अरशद उर्फ असगर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह पुलिस में भर्ती के लिए जीएफ कॉलेज मैदान में जाता था। वहीं पर सना चौधरी और उसकी बहन जीनत भी दौड़ने आती थी। बातों ही बातों में उनसे दोस्ती हो गई। वह जीनत से निकाह करना चाहता था, लेकिन सना विरोध कर रही थी और उसने यह बात अपने माता-पिता को भी बता दी थी। इस पर सना के माता-पिता ने उसे डांटा था। जीनत से निकाह करने में असफल रहने पर उसने सना को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। इसमें उसने प्रतापगढ़ के थाना कंधई क्षेत्र के अपने गांव कठार से दोस्त सलमान को बुला लिया, वहीं 315 बोर का तमंचा लेकर आया था। चूंकि अरशद को दोनों बहनों के कोचिंग आने जाने का समय मालूम था, इसलिए वह सात अप्रैल को दोनों बहनों के कोचिंग से निकलने के कुछ समय पहले पहुंच गया। दोनों बहनें मोहल्ला रामनगर दिलाजॉक में दोपहर 12:30 बजे जैसे ही डॉ. मुजीब के घर के पास पहुंची, तो उसने सना चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से भाग निकला। एएसपी सिटी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के साथ ही उस बाइक को भी कब्जे में ले लिया है, जिस बाइक से दोनों मौके से भागे थे।
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सिपाही की बाइक मांगकर ले गया था अरशद
अरशद ने सीतापुर सेल टैक्स में तैनात सिपाही की बाइक उसकी पत्नी से यह कहकर मांग ली थी कि वह कुछ जरूरी काम से जा रहा है। अभी वापस आ जाएगा, लेकिन सिपाही की पत्नी को क्या पता था कि वह बाइक सना को मारने के लिए ले जा रहा है। उसे तो जानकारी घटना के बाद हुई। सिपाही का परिवार यहीं पुलिस लाइन में रह रहा है।
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भागते समय फट गया बाइक का टायर
घटना को अंजाम देने के बाद अरशद साथी सलमान के साथ बाइक से पुवायां रोड की ओर भागा। इसके बाद वह गांव के संपर्क मार्गों से होकर हाईवे पर पहुंचकर लखनऊ पहुंचा, जहां बाइक का टायर फट गया। यहां उसने पुराना टायर बाइक में डलवाया। इसके बाद वह बाइक से ही प्रतापगढ़ पहुंचा।
पहले उसकी सना से ही थी दोस्ती
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अरशद की पहले सना से ही दोस्ती थी, लेकिन कुछ माह से अरशद ने सना की छोटी बहन से कुछ ज्यादा बोलचाल शुरू कर दी थी। यह बात सना को नागवार लगी और उसने अरशद को चेताया भी, लेकिन अरशद नहीं माना। इस पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और इसका परिणाम सना की हत्या के रूप में सामने आया।
चेहरे पर नहीं थी शिकन
अरशद के चेहरे पर हत्या की शिकन जरा भी नहीं मालूम हो रही थी। उसे मीडिया के सामने पेश किया गया तो उसने केवल इतना भर कहा कि उसे गुस्सा आ गया और उसने सना को गोली मार दी। गुस्सा क्यों और किस बात पर आया। इस पर वह कुछ नहीं बोला।