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हत्या की कोशिश में 4 लोगों को पांच-पांच वर्ष कैद
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शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश कमलापति ने हत्या की कोशिश के एक मुकदमे की मंगलवार को सुनवाई पूरी कर चार आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही उन्होंने जुर्माने की धनराशि में आधी धनराशि घटना में चुटहिल हुए पीड़ित को दिलाने का आदेश भी पारित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव सिंधौली कलां निवासी वादी अवधेश 24 नवंबर 2012 को सुबह अपने भाई मिथिलेश सिंह के साथ बाइक से अशरफपुर गया था। वहां से सुबह दोनों भाई घर लौट रहे थे। जैसे ही वह दोनों अपने गांव केे निवासी सुरेंद्र सिंह (आरोपी) के घर के सामने पहुंचे तो वहां पहले से खड़े मुकेश, अमरेश, दिनेश कुमार और कमरू सिंह दिख गए जो कि उसके गांव के ही रहने वाले थे। उन लोगों ने सुरेंद्र सिंह से कहा कि आज मिथिलेश को निपटा दो। इस पर सुरेंद्र सिंह ने बंदूक से उसके भाई पर फायर कर दिया। इससे उसका भाई घायल होकर बाइक से गिर गया।
इस मामले में विवेचक द्वारा विवेचना के बाद सुरेंद्र सिंह, मुकेश, अमरेश और कुंवर पाल के खिलाफ धारा 307 आईपीसी के तहत आरोप पत्र न्यायालय मेेें प्रस्तुत किया गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान पांच गवाहों के बयानात और सरकारी वकील भावशील शुक्ला की दलीलों को सुनने के बाद नवम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सुरेंद्र सिंह, मुकेश, अमरेश और कुंवरपाल को दोषी पाते हुए उन्हें पांच-पांच वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव सिंधौली कलां निवासी वादी अवधेश 24 नवंबर 2012 को सुबह अपने भाई मिथिलेश सिंह के साथ बाइक से अशरफपुर गया था। वहां से सुबह दोनों भाई घर लौट रहे थे। जैसे ही वह दोनों अपने गांव केे निवासी सुरेंद्र सिंह (आरोपी) के घर के सामने पहुंचे तो वहां पहले से खड़े मुकेश, अमरेश, दिनेश कुमार और कमरू सिंह दिख गए जो कि उसके गांव के ही रहने वाले थे। उन लोगों ने सुरेंद्र सिंह से कहा कि आज मिथिलेश को निपटा दो। इस पर सुरेंद्र सिंह ने बंदूक से उसके भाई पर फायर कर दिया। इससे उसका भाई घायल होकर बाइक से गिर गया।
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इस मामले में विवेचक द्वारा विवेचना के बाद सुरेंद्र सिंह, मुकेश, अमरेश और कुंवर पाल के खिलाफ धारा 307 आईपीसी के तहत आरोप पत्र न्यायालय मेेें प्रस्तुत किया गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान पांच गवाहों के बयानात और सरकारी वकील भावशील शुक्ला की दलीलों को सुनने के बाद नवम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सुरेंद्र सिंह, मुकेश, अमरेश और कुंवरपाल को दोषी पाते हुए उन्हें पांच-पांच वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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