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प्रधान के घर घुसकर फायरिंग, पुत्र पर चाकू से हमला
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पुवायां। प्रधानी के चुनाव नजदीक आने के साथ ही गांवों में विवाद बढ़ने लगे हैं। गांव लखनापुर में शनिवार रात गांव जठियापुर में प्रधान के घर विरोधी पक्ष के लोगों ने हमलाकर फायरिंग की। चाकू से हमला कर प्रधान के पुत्र को घायल कर दिया। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दो आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
गांव जठियापुर बुजुर्ग निवासी सचिन दीक्षित ने पुलिस को बताया कि उनकी मां नीलम देवी गांव की प्रधान हैं। इस वजह से विपक्षीगण चुनावी रंजिश मानते हैं और गांव के कमजोर लोगों का शोषण करते हैं। 23 मई की रात लगभग नौ बजे विरोधी पक्ष के धीरज दीक्षित, शेखर, विपिन दीक्षित उर्फ रिंकू, रामनाथ, सुमित, मुकुल उनके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगे। इसके बाद आरोपी उनके घर में घुस आए और गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। धीरज दीक्षित और शेखर दीक्षित पीछे के गेट से घर के अंदर घुस आए और उन पर चाकू से हमला कर दिया। शोर मचाने पर धीरज दीक्षित ने जान से मारने की नियत से उनके ऊपर फायर कर दिया, उन्होंने छिपकर जान बचाई।
परिवार के लोगों के शोर मचाने पर आरोपी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए जाने लगे। परिवार के लोगों ने धीरज और शेखर को मौके पर ही पकड़ लिया। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को कोतवाली ले आई। सचिन की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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नीलम दीक्षित और धीरज के बीच हुआ था चुनावी मुकाबला
गांव जठियापुर बुजुर्ग के प्रधान प्रेमचंद्र दीक्षित का निधन हो जाने के बाद गांव में उपचुनाव कराया गया था। 18 अगस्त 2018 को मतगणना में प्रेमचंद्र दीक्षित की पत्नी नीलम देवी को 306, धीरज दीक्षित को 298 और ज्ञानेंद्र कुमार को 18 मत मिले थे। नीलम देवी के प्रधान बनने से दोनों पक्षों के बीच रंजिश बन गई। अब चुनावों की सुगबुगाहट से गांवों में चुनावी रंजिश के कारण विवाद बढ़ने लगे हैं।
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गांव जठियापुर बुजुर्ग निवासी सचिन दीक्षित ने पुलिस को बताया कि उनकी मां नीलम देवी गांव की प्रधान हैं। इस वजह से विपक्षीगण चुनावी रंजिश मानते हैं और गांव के कमजोर लोगों का शोषण करते हैं। 23 मई की रात लगभग नौ बजे विरोधी पक्ष के धीरज दीक्षित, शेखर, विपिन दीक्षित उर्फ रिंकू, रामनाथ, सुमित, मुकुल उनके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगे। इसके बाद आरोपी उनके घर में घुस आए और गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। धीरज दीक्षित और शेखर दीक्षित पीछे के गेट से घर के अंदर घुस आए और उन पर चाकू से हमला कर दिया। शोर मचाने पर धीरज दीक्षित ने जान से मारने की नियत से उनके ऊपर फायर कर दिया, उन्होंने छिपकर जान बचाई।
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परिवार के लोगों के शोर मचाने पर आरोपी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए जाने लगे। परिवार के लोगों ने धीरज और शेखर को मौके पर ही पकड़ लिया। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को कोतवाली ले आई। सचिन की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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नीलम दीक्षित और धीरज के बीच हुआ था चुनावी मुकाबला
गांव जठियापुर बुजुर्ग के प्रधान प्रेमचंद्र दीक्षित का निधन हो जाने के बाद गांव में उपचुनाव कराया गया था। 18 अगस्त 2018 को मतगणना में प्रेमचंद्र दीक्षित की पत्नी नीलम देवी को 306, धीरज दीक्षित को 298 और ज्ञानेंद्र कुमार को 18 मत मिले थे। नीलम देवी के प्रधान बनने से दोनों पक्षों के बीच रंजिश बन गई। अब चुनावों की सुगबुगाहट से गांवों में चुनावी रंजिश के कारण विवाद बढ़ने लगे हैं।