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शराब बनाते पकड़े एक युवक की जेल में हालत बिगड़ी, लखनऊ में मौत
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पुवायां/बंडा (शाहजहांपुर)। अवैध शराब बनाते समय पकड़कर जेल भेजे गए युवक की जेल में हालत बिगड़ जाने के बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मृतक की मां और भाई ने खुटार पुलिस पर युवक को जमकर पीटने और पिटाई के कारण मौत हो जाने का आरोप लगाया है।
खुटार थाने में तैनात दरोगा उपेंद्र मलिक ने 28 अगस्त को झुकना नदी के किनारे गांव टोडरपुर के राजू मसीह, बंडा के गांव ददिउरी का वीरपाल और खुटार के नवदिया मनकंठ निवासी हरिओम मिश्र को अवैझ शराब बनाते पकड़े पकड़ने के बाद रिपोर्ट दर्ज करा तीनों को जेल भेज दिया था। जेल में वीरपाल की हालत बिगड़ने पर पहले उसे जिला अस्पताल, फिर वहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान वीरपाल की मौत हो गई।
मृतक की मां नत्था देवी ने बताया कि उसका पुत्र राजू मसीह के झाले पर पशुओं को चारा आदि डालने की नौकरी करता था। उसने कभी भी अवैध शराब नहीं बनाई और न ही बेची है। खुटार पुलिस उसके पुत्र को झाले से सोते से उठा लिया था। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बताया कि पहले मौके पर उसके पुत्र को जमकर पीटा गया जिस कारण उसकी मौत हुई है। वीरपाल के भाई सुनील ने भी पुलिस पर भाई को पीटने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अभी तक कहीं कोई तहरीर नहीं दी गई है। नत्था देवी ने कहा कि वीरपाल का शव आने के बाद वह लोग कोई कार्रवाई करेंगे। जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि वीरपाल शराब का आदी था। उसे 29 अगस्त को जेल लाया गया था। शराब न मिलने के कारण 30 अगस्त की रात आठ बजे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे रात आठ बजे जिला अस्पताल भेजा गया था। बाद में उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉालेज में वीरपाल की 31 अगस्त की सुबह आठ बजे मौत हो गई। सीओ पुवायां प्रवीण कुमार ने बताया कि खुटार पुलिस ने वीरपाल को 29 अगस्त को जेल भेजा था। जेल भेजने से पहले मेडिकल कराया जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खुटार थाने में तैनात दरोगा उपेंद्र मलिक ने 28 अगस्त को झुकना नदी के किनारे गांव टोडरपुर के राजू मसीह, बंडा के गांव ददिउरी का वीरपाल और खुटार के नवदिया मनकंठ निवासी हरिओम मिश्र को अवैझ शराब बनाते पकड़े पकड़ने के बाद रिपोर्ट दर्ज करा तीनों को जेल भेज दिया था। जेल में वीरपाल की हालत बिगड़ने पर पहले उसे जिला अस्पताल, फिर वहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान वीरपाल की मौत हो गई।
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मृतक की मां नत्था देवी ने बताया कि उसका पुत्र राजू मसीह के झाले पर पशुओं को चारा आदि डालने की नौकरी करता था। उसने कभी भी अवैध शराब नहीं बनाई और न ही बेची है। खुटार पुलिस उसके पुत्र को झाले से सोते से उठा लिया था। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बताया कि पहले मौके पर उसके पुत्र को जमकर पीटा गया जिस कारण उसकी मौत हुई है। वीरपाल के भाई सुनील ने भी पुलिस पर भाई को पीटने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अभी तक कहीं कोई तहरीर नहीं दी गई है। नत्था देवी ने कहा कि वीरपाल का शव आने के बाद वह लोग कोई कार्रवाई करेंगे। जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि वीरपाल शराब का आदी था। उसे 29 अगस्त को जेल लाया गया था। शराब न मिलने के कारण 30 अगस्त की रात आठ बजे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे रात आठ बजे जिला अस्पताल भेजा गया था। बाद में उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉालेज में वीरपाल की 31 अगस्त की सुबह आठ बजे मौत हो गई। सीओ पुवायां प्रवीण कुमार ने बताया कि खुटार पुलिस ने वीरपाल को 29 अगस्त को जेल भेजा था। जेल भेजने से पहले मेडिकल कराया जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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