{"_id":"5e77936b8ebc3e78b032b46a","slug":"crimc-shahjahanpur-news-bly4004747121","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुटार रेंज के जंगल में माफिया ने काट डाले तीन पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुटार रेंज के जंगल में माफिया ने काट डाले तीन पेड़
विज्ञापन
पुवायां। खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट के पास नदी किनारे माफिया ने असैना और जामुन के तीन पेड़ काट डाले। अभी लकड़ी मौके पर ही पड़ी है। रात में लकड़ी को वाहनों में भरकर गायब किया जा सकता है।
खुटार रेंज के जंगल दुधवा और नेपाल की सीमा तक जंगलों से जुड़े हुए हैं। खुटार रेंज में बेहद कीमती कोरों, असैना, जामुन और सागौन की लकड़ी के पेड़ हैं। कीमती लकड़ी के कारण यहां माफिया हावी रहते हैं और वनकर्मियों की मिलीभगत से कटान करते रहते हैं। फरवरी माह में बंडा पुलिस ने खुटार रेंज के जंगल से काटी गई सागौन की लकड़ी के 17 बोटे बरामद किए थे। यह लकड़ी डीसीएम से बाहर ले जाई जा रही थी, लेकिन वाहन के फंस जाने के कारण गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना देकर पकड़वा दिया था।
अब फत्तेपुर बीट के आगे कठिना नदी के किनारे माफिया ने असैना और जामुन के तीन पेड़ काट डाले हैं। इन पेड़ों की लकड़ी रात में किसी वाहन से जंगल से बाहर ले जाने का प्लान है। जिस स्थान पर पेड़ काटे गए हैं वहां जंगल के किनारे वन कोठी भी है। दिन भर जंगल में गश्त करने वाले वनकर्मियों को कटान की जानकारी नहीं हो ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं किया जाना साबित करता है कि कटान में वनकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
विज्ञापन
मामले की जानकारी कराई जाएगी। पेड़ काटे गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है।
- डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी खुटार रेंज
विज्ञापन
खुटार रेंज के जंगल दुधवा और नेपाल की सीमा तक जंगलों से जुड़े हुए हैं। खुटार रेंज में बेहद कीमती कोरों, असैना, जामुन और सागौन की लकड़ी के पेड़ हैं। कीमती लकड़ी के कारण यहां माफिया हावी रहते हैं और वनकर्मियों की मिलीभगत से कटान करते रहते हैं। फरवरी माह में बंडा पुलिस ने खुटार रेंज के जंगल से काटी गई सागौन की लकड़ी के 17 बोटे बरामद किए थे। यह लकड़ी डीसीएम से बाहर ले जाई जा रही थी, लेकिन वाहन के फंस जाने के कारण गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना देकर पकड़वा दिया था।
विज्ञापन
अब फत्तेपुर बीट के आगे कठिना नदी के किनारे माफिया ने असैना और जामुन के तीन पेड़ काट डाले हैं। इन पेड़ों की लकड़ी रात में किसी वाहन से जंगल से बाहर ले जाने का प्लान है। जिस स्थान पर पेड़ काटे गए हैं वहां जंगल के किनारे वन कोठी भी है। दिन भर जंगल में गश्त करने वाले वनकर्मियों को कटान की जानकारी नहीं हो ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं किया जाना साबित करता है कि कटान में वनकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
विज्ञापन
मामले की जानकारी कराई जाएगी। पेड़ काटे गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है।
- डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी खुटार रेंज