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जानलेवा हमले में पिता और दो बेटों को चार साल कैद
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court
शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पिंकू कुमार ने हत्या की कोशिश के एक मुकदमे में पिता और उसके दो बेटों को चार-चार साल के कारावास की सजा दी है। दोषियों पर 3200-3200 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी संजय कुमार यादव के घर आठ मार्च 2012 की शाम होली मिलने के लिए मेहमान आए थे। शाम करीब साढ़े छह बजे मोहल्ले के भगवानदास और उनके बेटे सचिन और रंजीत ने उसके घर पर तमंचे से अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दी। इससे वे लोग भयभीत हो गए और घर के दरवाजे बंद कर लिए। छज्जे पर खड़ी मां पर फायर किए जिसमें वह बाल-बाल बच गईं। मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। पुलिस ने पहुंचकर मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वादी द्वारा दी गई तहरीर पर उन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 352, 307, 504 में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात तथा सरकारी वकील उमेश चंद्र अग्निहोत्री के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी भगवानदास, सचिन और रंजीत को दोषी पाया। दोषियों को चार-चार साल का कारावास तथा 32 सौ-32 सौ रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी संजय कुमार यादव के घर आठ मार्च 2012 की शाम होली मिलने के लिए मेहमान आए थे। शाम करीब साढ़े छह बजे मोहल्ले के भगवानदास और उनके बेटे सचिन और रंजीत ने उसके घर पर तमंचे से अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दी। इससे वे लोग भयभीत हो गए और घर के दरवाजे बंद कर लिए। छज्जे पर खड़ी मां पर फायर किए जिसमें वह बाल-बाल बच गईं। मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। पुलिस ने पहुंचकर मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वादी द्वारा दी गई तहरीर पर उन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 352, 307, 504 में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात तथा सरकारी वकील उमेश चंद्र अग्निहोत्री के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी भगवानदास, सचिन और रंजीत को दोषी पाया। दोषियों को चार-चार साल का कारावास तथा 32 सौ-32 सौ रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है।
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