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लुईस खुर्शीद की अग्रिम जमानत पर हुई बहस, अब सुनवाई 11 को
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शाहजहांपुर। कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद और उनके सचिव अतहर फारूखी की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबाबू शर्मा की कोर्ट में बहस हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने इस पर समय मांगा कि उनके विवेचक बाहर है, इसलिए उन्हें समय दिया जाए। इस पर जिला जज ने कार्रवाई स्थगित करते हुए 11 अक्तूबर सुनवाई की तारीख नियत की है।
लुईस खुर्शीद डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। वह दिव्यांगजनों के उपकरण वितरण के 17 जिलों के 71.50 लाख रुपये के अनुदान घोटाले के मामले में आरोपों के घेरे में हैं, इसमें चार लाख शाहजहांपुर में दिव्यांग उपकरण घोटाले का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट सदर बाजार कोतवाली में इंस्पेक्टर रामशंकर यादव ने 13 जून 2017 को फर्रुखाबाद के खतराना स्ट्रीट निवासी प्रत्युश शुक्ला व अज्ञात साथियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान लुईस खुर्शीद व उनके सचिव को लगा कि वह भी इस मामले में लपेटे में आ सकते हैं, इसलिए अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र 30 सितंबर को लुईस के अधिवक्ता एजाज हसन खां और जसविंदर सिंह बजाज ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां डाला था। जिस पर शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबाबू शर्मा की कोर्ट में बहस हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने इस पर समय मांगा कि हमारा विवेचक बाहर है, इसलिए हमें समय दिया जाए। इस पर जिला जज ने कार्रवाई स्थगित करते हुए 11 अक्तूबर वास्ते सुनवाई नियत की। इसी के परिप्रेक्ष्य में लुईस के अधिवक्ताओं ने कहा कि अंतरिम जमानत दे दी जाए, इस पर भी कोई राहत नहीं दी गई।
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लुईस खुर्शीद डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। वह दिव्यांगजनों के उपकरण वितरण के 17 जिलों के 71.50 लाख रुपये के अनुदान घोटाले के मामले में आरोपों के घेरे में हैं, इसमें चार लाख शाहजहांपुर में दिव्यांग उपकरण घोटाले का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट सदर बाजार कोतवाली में इंस्पेक्टर रामशंकर यादव ने 13 जून 2017 को फर्रुखाबाद के खतराना स्ट्रीट निवासी प्रत्युश शुक्ला व अज्ञात साथियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान लुईस खुर्शीद व उनके सचिव को लगा कि वह भी इस मामले में लपेटे में आ सकते हैं, इसलिए अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र 30 सितंबर को लुईस के अधिवक्ता एजाज हसन खां और जसविंदर सिंह बजाज ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां डाला था। जिस पर शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबाबू शर्मा की कोर्ट में बहस हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने इस पर समय मांगा कि हमारा विवेचक बाहर है, इसलिए हमें समय दिया जाए। इस पर जिला जज ने कार्रवाई स्थगित करते हुए 11 अक्तूबर वास्ते सुनवाई नियत की। इसी के परिप्रेक्ष्य में लुईस के अधिवक्ताओं ने कहा कि अंतरिम जमानत दे दी जाए, इस पर भी कोई राहत नहीं दी गई।
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