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हत्या में पिता-पुत्रों समेत छह को आजीवन कारावास की सजा
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शाहजहांपुर। वर्ष 2015 में मिर्जापुर के ढाई गांव में बैंक के सामने हुई हत्या एवं रायफल लूटने के मामले में प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने पिता व पुत्रों समेत छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह और उमेश चंद्र अग्निहोत्री के अनुसार मुकदमे के वादी रूम सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में कश्मीर पुत्र हीरा सिंह की हत्या के मामले में उसके ताऊ द्वारिका सिंह, चाचा वीरपाल, भाई सतेंद्र को नामजद किया गया था। इसी रंजिश को लेकर कश्मीर सिंह के भाई आमोद कुमार उर्फ पिंकी, रामनिवास, रामनिवास के बेटे पंकज, लेखराज, लेखराज के बेटे सिंकू व रिंकू और रामनाथ ने साजिश करके छह मई 2015 को शाम चार बजे ढाई गांव में रूम सिंह के ताऊ द्वारिका सिंह को घेर लिया।
अंधाधुंध गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उनकी लाइसेंसी रायफल लूट ली। ग्रामीण के आने पर वे लोग भाग गए। वादी की तहरीर पर रामनिवास, पंकज, लेखराज, सिंकू, रिंकू, रामनाथ, आमोद कुमार उर्फ पिंकी के विरुद्ध मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी लेखराज, रिंकू, सिंकू, रामनाथ, रामनिवास व पंकज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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रामनाथ पर 43 हजार, सिंकू पर 48 हजार, रिंकू पर 50 हजार, रामनिवास, लेखराज, पंकज पर 33-33 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया। आरोपी आमोद कुमार उर्फ पिंकी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सभी आरोपी पृथ्वीपुर गांव के रहने वाले हैं।
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सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह और उमेश चंद्र अग्निहोत्री के अनुसार मुकदमे के वादी रूम सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में कश्मीर पुत्र हीरा सिंह की हत्या के मामले में उसके ताऊ द्वारिका सिंह, चाचा वीरपाल, भाई सतेंद्र को नामजद किया गया था। इसी रंजिश को लेकर कश्मीर सिंह के भाई आमोद कुमार उर्फ पिंकी, रामनिवास, रामनिवास के बेटे पंकज, लेखराज, लेखराज के बेटे सिंकू व रिंकू और रामनाथ ने साजिश करके छह मई 2015 को शाम चार बजे ढाई गांव में रूम सिंह के ताऊ द्वारिका सिंह को घेर लिया।
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अंधाधुंध गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उनकी लाइसेंसी रायफल लूट ली। ग्रामीण के आने पर वे लोग भाग गए। वादी की तहरीर पर रामनिवास, पंकज, लेखराज, सिंकू, रिंकू, रामनाथ, आमोद कुमार उर्फ पिंकी के विरुद्ध मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी लेखराज, रिंकू, सिंकू, रामनाथ, रामनिवास व पंकज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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रामनाथ पर 43 हजार, सिंकू पर 48 हजार, रिंकू पर 50 हजार, रामनिवास, लेखराज, पंकज पर 33-33 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया। आरोपी आमोद कुमार उर्फ पिंकी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सभी आरोपी पृथ्वीपुर गांव के रहने वाले हैं।