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दहेज हत्या में पति, सास, देवर समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश किरनपाल सिंह ने दहेज हत्या के एक मामले में पति, देवर, सास समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से भी दंडित किया है।
अपर शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्रिपाठी के मुताबिक शहर के मोहल्ला बाबूजई की रहने वाली शमा परवीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी जूबिया का विवाह मोहल्ला अलीजई निवासी खालिद के साथ किया था। शादी के बाद बेटी का पति और उसके परिजन एक लाख रुपये और बाइक के लिए उसके साथ मारपीट करने लगे। 19 फरवरी 2017 को पुत्री के देवर राशिद ने उसे जमीन पर गिरा दिया।
पति की बहन महनाज, शबनम ने बेटी के हाथ पकड़ लिए। पति ने मिट्टी का तेल डालकर माचिस से आग लगा दी। कमरे का दरवाजा बंदकर आरोपियों ने उसे जलने के लिए छोड़ दिया। उसे मृत समझकर आरोपी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस और मजिस्ट्रेट ने बेटी के मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किए। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
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वादिनी शमा परवीन की तहरीर पर 20 फरवरी 2017 को थाना सदर बाजार पुलिस ने खालिद व तीन अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद विवेचना अधिकारी क्षेत्राधिकारी नगर ने खालिद, राशिद, महनाज, शबनम, सास जायरा उर्फ शायरा बानो के विरुद्ध आईपीसी की धारा 498ए, 304बी, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत आरोप पत्र अदालत भेजा।
अपर सत्र न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात एवं सरकारी वकील आशीष कुमार त्रिपाठी और संतोष कुमार त्रिवेदी के तर्कों को सुनने के बाद जज ने खालिद, राशिद, महनाज, शबनम और जायरा को दोषी पाया। सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
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अपर शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्रिपाठी के मुताबिक शहर के मोहल्ला बाबूजई की रहने वाली शमा परवीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी जूबिया का विवाह मोहल्ला अलीजई निवासी खालिद के साथ किया था। शादी के बाद बेटी का पति और उसके परिजन एक लाख रुपये और बाइक के लिए उसके साथ मारपीट करने लगे। 19 फरवरी 2017 को पुत्री के देवर राशिद ने उसे जमीन पर गिरा दिया।
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पति की बहन महनाज, शबनम ने बेटी के हाथ पकड़ लिए। पति ने मिट्टी का तेल डालकर माचिस से आग लगा दी। कमरे का दरवाजा बंदकर आरोपियों ने उसे जलने के लिए छोड़ दिया। उसे मृत समझकर आरोपी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस और मजिस्ट्रेट ने बेटी के मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किए। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
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वादिनी शमा परवीन की तहरीर पर 20 फरवरी 2017 को थाना सदर बाजार पुलिस ने खालिद व तीन अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद विवेचना अधिकारी क्षेत्राधिकारी नगर ने खालिद, राशिद, महनाज, शबनम, सास जायरा उर्फ शायरा बानो के विरुद्ध आईपीसी की धारा 498ए, 304बी, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत आरोप पत्र अदालत भेजा।
अपर सत्र न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात एवं सरकारी वकील आशीष कुमार त्रिपाठी और संतोष कुमार त्रिवेदी के तर्कों को सुनने के बाद जज ने खालिद, राशिद, महनाज, शबनम और जायरा को दोषी पाया। सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।