फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Court can issue notice to girl for presenting false evidence against Former Minister Chinmayanand

UP: दबाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री पर दर्ज कराया था झूठा मुकदमा, वादिनी के खिलाफ जारी हो सकता है नोटिस

Fri, 02 Feb 2024 03:24 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 02 Feb 2024 03:24 PM IST
सार

शिष्या से दुष्कर्म के मुकदमे में पेश किए गए साक्ष्यों को अपर्याप्त करार देते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट/अपर जिला जज तृतीय अहसान हुसैन ने बृहस्पतिवार को पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को दोषमुक्त कर दिया। वादिनी ने अदालत में अपने बयान में कहा कि उसने दबाव में मुकदमा दर्ज कराया था।

विज्ञापन
Court can issue notice to girl for presenting false evidence against Former Minister Chinmayanand
अपने वकील के साथ पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर में दुष्कर्म के मुकदमे में वादी पक्ष के मुकरने से पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद अदालत से दोषमुक्त हो गए। वादिनी ने अदालत में अपने बयान में कहा कि उसने दबाव में मुकदमा दर्ज कराया था। बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक मिथ्या साक्ष्य के लिए अदालत वादिनी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 344 के तहत नोटिस जारी कर सकती है।

विज्ञापन

  
12 साल दो महीने बाद बहुचर्चित मामले में बृहस्पतिवार को स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली। मुमुक्षु आश्रम में रहने वाली वादिनी ने बदायूं के रहने वाले एक व्यक्ति से शादी कर ली थी। इसके बाद वादिनी ने चिन्मयानंद के खिलाफ बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। 
विज्ञापन


मुकदमा दर्ज होने के बाद कई साल तक मामला ठंडे बस्ते में रहा। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की कार्रवाई शुरू हुई लेकिन वादिनी के एतराज के बाद अदालत ने प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। चिन्मयानंद के वकील फिरोज हसन खां ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


UP News: इस शहर के नामचीन होटल के पराठे में निकली हड्डी, छात्रों ने किया हंगामा, पुलिस को दी तहरीर

इनमें वादिनी के अलावा मेडिकल करने वालीं डॉ. सईद फातिमा, एफआईआर लेखक खुर्शीद अहमद, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एमपी गंगवार, बदायूं निवासी एक व्यक्ति और विवेचक मुकदमा इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह शामिल थे। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि वादिनी के अदालत में बयान हुए तो उसने आरोपों से इन्कार किया। उसने बताया कि एक व्यक्ति ने साजिश रचकर उस पर दबाव बनाया और आरोप लगवाए। दबाव बनाकर उससे कागजों पर हस्ताक्षर और मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए। 

वादिनी के खिलाफ जारी हो सकता है नोटिस 
वादिनी ने अदालत में कहा कि चिन्मयानंद ने उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं किया है। वादिनी के मेडिकल परीक्षण में भी चिन्मयानंद के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक अभी अदालती आदेश की कॉपी नहीं मिली है। झूठे साक्ष्य पेश करने पर वादिनी के खिलाफ नोटिस जारी हो सकता है।   

विधि छात्रा ने भी बदले थे बयान  
चिन्मयानंद पर उन्हीं के लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली एलएलएम की एक छात्रा ने बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। 27 अगस्त 2019 को पीड़िता के पिता ने चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद खुद पीड़िता ने भी 5 सितंबर 2019 को नई दिल्ली के थाना लोधी कॉलोनी में चिन्मयानंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 

एसआईटी ने संयुक्त तौर पर दोनों एफआईआर पर जांच की। नौ अक्तूबर 2020 को छात्रा ने अपने साथ दुष्कर्म होने की बात से इन्कार कर दिया। उसने लोगों के बहकावे और दबाव में आकर चिन्मयानंद पर आरोप लगाने की बात स्वीकारी थी। इसके बाद अदालत ने चिन्मयानंद को बरी कर दिया था। 

सीआरपीसी की धारा 344 यह है 
बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अनित त्रिवेदी ने बताया कि मिथ्या साक्ष्य देने पर सीआरपीसी की धारा 344 के तहत अदालत वादी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इसमें 500 रुपये तक जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा का प्रावधान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed