{"_id":"58bda7194f1c1be417dc3ec5","slug":"council-schools-teachers-found-absent","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय स्कूलों के शिक्षक मिले नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय स्कूलों के शिक्षक मिले नदारद
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
टीचर
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बीएसए के नेतृत्व में कलान-मिर्जापुर में चली क्रास चेकिंग
कई स्कूलों में मध्यान्न भोजन नहीं बना, फल वितरण भी नहीं कर रहे शिक्षक
मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की। परिषदीय स्कूलों की स्थिति लगभग ऐसी ही है। बीएसए ने जब से निरीक्षण अभियान चलाया है, तब से शायद ही कोई ऐसा दिन रहा हो, जब उन्हें अथवा उनकी टीम को स्कूल बंद न मिले हों। आपसी सेटिंग से स्कूलों के शिक्षक गैरहाजिर पाए गए हैं। ऐसा नहीं कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही, लेकिन शिक्षक हैं कि अपनी आदत से मजबूर हैं और उनके ऊपर निरीक्षणों का जैसे कोई असर ही नहीं हो रहा।
निरीक्षण के इसी सिलसिले को जारी रखते हुए बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने सोमवार को विकास खंड मिर्जापुर-कलान के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में क्रॉस चेकिंग कराई। इसका नेतृत्व स्वयं बीएसए ने किया। चेकिंग कर दोपहर बाद लौटे बीएसए ने बताया कि देहात क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है, शिक्षक मनमानी पर तुले हुए हैं। निरीक्षण में कई स्कूलों में शिक्षक गैरहाजिर मिले। इसके अलावा कुछ स्कूलों में मिड-डे-मील भी नहीं बना था। हद तो तब हो गई, जब उन्हें बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल में सोमवार को कभी फल ही नहीं बांटे गए। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
बीएसए पांडेय ने बताया कि देर शाम तक निरीक्षण रिपोर्ट का इंतजार है, इसके बाद दोषी शिक्षकों पर कोई रियायत नहीं की जाएगी। आखिर यह मनमानी कब तक चलेगी। इस बार बड़ी संख्या में शिक्षकों का निलंबन किया जाएगा। केवल वेतन काटने भर से काम नहीं चलने वाला। तमाम स्कूलों में छात्र संख्या भी चिंताजनक मिली। बीएसए ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन स्कूलों में फल वितरण अथवा मध्यान्न भोजन नहीं बना है, उन शिक्षकों से रिकवरी भी की जाएगी। यहां बता दें कि पिछले सप्ताह चले निरीक्षण अभियान में भी कई स्कूल बंद पाए गए थे, जिनके इंचार्ज को निलंबित किया गया और शिक्षकों का वेतन काटा गया था, लेकिन शिक्षकों ने अपना रवैया नहीं बदला।
कई स्कूलों में मध्यान्न भोजन नहीं बना, फल वितरण भी नहीं कर रहे शिक्षक
मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की। परिषदीय स्कूलों की स्थिति लगभग ऐसी ही है। बीएसए ने जब से निरीक्षण अभियान चलाया है, तब से शायद ही कोई ऐसा दिन रहा हो, जब उन्हें अथवा उनकी टीम को स्कूल बंद न मिले हों। आपसी सेटिंग से स्कूलों के शिक्षक गैरहाजिर पाए गए हैं। ऐसा नहीं कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही, लेकिन शिक्षक हैं कि अपनी आदत से मजबूर हैं और उनके ऊपर निरीक्षणों का जैसे कोई असर ही नहीं हो रहा।
निरीक्षण के इसी सिलसिले को जारी रखते हुए बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने सोमवार को विकास खंड मिर्जापुर-कलान के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में क्रॉस चेकिंग कराई। इसका नेतृत्व स्वयं बीएसए ने किया। चेकिंग कर दोपहर बाद लौटे बीएसए ने बताया कि देहात क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है, शिक्षक मनमानी पर तुले हुए हैं। निरीक्षण में कई स्कूलों में शिक्षक गैरहाजिर मिले। इसके अलावा कुछ स्कूलों में मिड-डे-मील भी नहीं बना था। हद तो तब हो गई, जब उन्हें बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल में सोमवार को कभी फल ही नहीं बांटे गए। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
विज्ञापन
बीएसए पांडेय ने बताया कि देर शाम तक निरीक्षण रिपोर्ट का इंतजार है, इसके बाद दोषी शिक्षकों पर कोई रियायत नहीं की जाएगी। आखिर यह मनमानी कब तक चलेगी। इस बार बड़ी संख्या में शिक्षकों का निलंबन किया जाएगा। केवल वेतन काटने भर से काम नहीं चलने वाला। तमाम स्कूलों में छात्र संख्या भी चिंताजनक मिली। बीएसए ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन स्कूलों में फल वितरण अथवा मध्यान्न भोजन नहीं बना है, उन शिक्षकों से रिकवरी भी की जाएगी। यहां बता दें कि पिछले सप्ताह चले निरीक्षण अभियान में भी कई स्कूल बंद पाए गए थे, जिनके इंचार्ज को निलंबित किया गया और शिक्षकों का वेतन काटा गया था, लेकिन शिक्षकों ने अपना रवैया नहीं बदला।
विज्ञापन