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नालियां खोदकर मिट्टी सड़क पर डाली..दलदल होने से बढ़ी परेशानी
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शाहजहांपुर। रोजा इंडस्ट्रियल एरिया की सड़क का खस्ता हाल है। नालियों को खोदकर उसकी मिट्टी सड़क पर ही डाल दी गई है। जो कि बारिश के चलते दलदल में तब्दील हो गई है। जिसकी वजह से उधर से गुजरने वाले राहगीरों, उद्यमियों और कर्मचारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। छह महीने पहले 3.82 करोड़ का बजट पास होेने के बाद भी सड़क और नाली का निर्माण कार्य अटका पड़ा है।
इंडस्ट्रियल एरिया में जाने के लिए दो प्रवेश द्वार हैं, जिनमें एक आईआईटी की तरफ और दूसरा पावर हाउस तक जाती है। इसके अलावा एक इंटरनल एक रोड है, जो एक से दूसरे को कनेक्ट करती है। दो-तीन छोटी सड़कें भी हैं। जिनका उपयोग रोजा इंडस्ट्रियल एरिया तक आने के लिए किया जाता है। मगर इन सभी सड़कों की हालत बद-से-बदतर हो चुकी है। इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य कराने के लिए छह महीने पहले टेंडर हुआ था। जिसके बाद ठेकेदार द्वारा सभी सड़कों को खोदकर डाला गया है। लेकिन मरम्मत कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
कार तो दूर बाइक निकलना मुश्किल
दो मुख्य रोड में एक पर नाली को खोदकर उसकी मिट्टी सड़क पर ही डाल दी गई है। जिसके बाद इधर से कार तो दूर बाइक लेकर निकलना भी मुश्किल होता है। मिट्टी पूरी सड़क पर फैली हुई है। फैक्ट्रियों व घर से निकलने वाला पानी भरा हुआ है।
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सड़क के किनारे ही छोड़ दी बजरी-मोरंग
सड़क के किनारे ही रेता, बजरी और मोरंग आदि को डालकर रखा गया है। जिसकी वजह से भी इस सड़क से फैक्ट्रियों तक जाने का रास्ता नहीं बचता है। दूसरी साइड में नाली खुदी पड़ी है, मिट्टी गीली होने के कारण कीचड़ जैसी स्थिति बनी रहती है।
कीचड़ की वजह से बढ़ी फिसलन
इंडस्ट्रियल एरिया में प्रवेश की दूसरी सड़क की स्थिति की बात करें, तो इस पर भी कीचड़ जैसे हालात पैदा हो गए है। सड़क पर मिट्टी और पानी होने की वजह से कीचड़ हो गई। जिसके ऊपर से ट्रक आदि निकलने के कारण के फिसलन हो चुकी है।
सड़ रहा नालियों का पानी
नालियों को खोदकर डालने के बाद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। लेकिन आसपास की फैक्ट्रियों आदि का पानी निकलने पर इन गड्ढों में भर चुका है। यह पिछले दो महीने से लगातार सड़ रहा है। जिसकी वजह से इंडस्ट्रियल एरिया में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
आईआईए ने जताई थी नाराजगी
नाली व सड़कों को खोदकर डाले और निर्माण कार्य में शिथिलता बरते जाने पर आईआईए के पदाधिकारियों ने इस पर नाराजगी भी जताई थी। आईआईए शिष्टमंडल द्वारा इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
राइस मिलों का सीजन चल रहा है
वर्तमान में राइस मिलों का सीजन चलने की वजह से रोजा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित राइस मिलों तक वाहनों का आवागमन बना रहता है। लेकिन नाली व सड़क न बनने से औद्योगिक संस्थानों में अधिकारियों व कर्मचारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
छह महीने पहले बजट हुआ था पास
रोजा औद्योगिक आस्थान इलाके की नाली व सड़क के लिए छह महीने पहले तीन करोड़ 82 लाख का बजट पास हुआ था। फिर भी नालियों और सड़कों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जबकि रोजा में लगभग 51 प्लॉट हैं, जहां 25 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लगी हुई हैं। उसमें अधिकतर राइस मिल हैं।
रोजा इंडस्ट्रियल एरिया की समस्याओं को लेकर उपायुक्त उद्योग को अवगत कराया गया था। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई हुई। मंगलवार को सीडीओ प्रेरणा शर्मा ने इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया था। ठेकेदार को काम जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए है।
- अभिनव ओमर, चैप्टर चेयरमैन आईआईए
बारिश की वजह से काम धीमा हो गया था, लेकिन अब गति पकड़ना शुरू कर दिया है। ठेकेदार ने एक महीने में काम पूरा करने का वादा किया है। उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करवाया जा रहा है।
- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त उद्योग
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इंडस्ट्रियल एरिया में जाने के लिए दो प्रवेश द्वार हैं, जिनमें एक आईआईटी की तरफ और दूसरा पावर हाउस तक जाती है। इसके अलावा एक इंटरनल एक रोड है, जो एक से दूसरे को कनेक्ट करती है। दो-तीन छोटी सड़कें भी हैं। जिनका उपयोग रोजा इंडस्ट्रियल एरिया तक आने के लिए किया जाता है। मगर इन सभी सड़कों की हालत बद-से-बदतर हो चुकी है। इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य कराने के लिए छह महीने पहले टेंडर हुआ था। जिसके बाद ठेकेदार द्वारा सभी सड़कों को खोदकर डाला गया है। लेकिन मरम्मत कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
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कार तो दूर बाइक निकलना मुश्किल
दो मुख्य रोड में एक पर नाली को खोदकर उसकी मिट्टी सड़क पर ही डाल दी गई है। जिसके बाद इधर से कार तो दूर बाइक लेकर निकलना भी मुश्किल होता है। मिट्टी पूरी सड़क पर फैली हुई है। फैक्ट्रियों व घर से निकलने वाला पानी भरा हुआ है।
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सड़क के किनारे ही छोड़ दी बजरी-मोरंग
सड़क के किनारे ही रेता, बजरी और मोरंग आदि को डालकर रखा गया है। जिसकी वजह से भी इस सड़क से फैक्ट्रियों तक जाने का रास्ता नहीं बचता है। दूसरी साइड में नाली खुदी पड़ी है, मिट्टी गीली होने के कारण कीचड़ जैसी स्थिति बनी रहती है।
कीचड़ की वजह से बढ़ी फिसलन
इंडस्ट्रियल एरिया में प्रवेश की दूसरी सड़क की स्थिति की बात करें, तो इस पर भी कीचड़ जैसे हालात पैदा हो गए है। सड़क पर मिट्टी और पानी होने की वजह से कीचड़ हो गई। जिसके ऊपर से ट्रक आदि निकलने के कारण के फिसलन हो चुकी है।
सड़ रहा नालियों का पानी
नालियों को खोदकर डालने के बाद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। लेकिन आसपास की फैक्ट्रियों आदि का पानी निकलने पर इन गड्ढों में भर चुका है। यह पिछले दो महीने से लगातार सड़ रहा है। जिसकी वजह से इंडस्ट्रियल एरिया में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
आईआईए ने जताई थी नाराजगी
नाली व सड़कों को खोदकर डाले और निर्माण कार्य में शिथिलता बरते जाने पर आईआईए के पदाधिकारियों ने इस पर नाराजगी भी जताई थी। आईआईए शिष्टमंडल द्वारा इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
राइस मिलों का सीजन चल रहा है
वर्तमान में राइस मिलों का सीजन चलने की वजह से रोजा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित राइस मिलों तक वाहनों का आवागमन बना रहता है। लेकिन नाली व सड़क न बनने से औद्योगिक संस्थानों में अधिकारियों व कर्मचारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
छह महीने पहले बजट हुआ था पास
रोजा औद्योगिक आस्थान इलाके की नाली व सड़क के लिए छह महीने पहले तीन करोड़ 82 लाख का बजट पास हुआ था। फिर भी नालियों और सड़कों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जबकि रोजा में लगभग 51 प्लॉट हैं, जहां 25 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लगी हुई हैं। उसमें अधिकतर राइस मिल हैं।
रोजा इंडस्ट्रियल एरिया की समस्याओं को लेकर उपायुक्त उद्योग को अवगत कराया गया था। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई हुई। मंगलवार को सीडीओ प्रेरणा शर्मा ने इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया था। ठेकेदार को काम जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए है।
- अभिनव ओमर, चैप्टर चेयरमैन आईआईए
बारिश की वजह से काम धीमा हो गया था, लेकिन अब गति पकड़ना शुरू कर दिया है। ठेकेदार ने एक महीने में काम पूरा करने का वादा किया है। उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करवाया जा रहा है।
- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त उद्योग