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शिक्षक की जगह मिला डमी, स्कूल भी था बंद
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शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डीआईओएस ने बृहस्पतिवार को भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मिर्जापुर, कलान क्षेत्रों के कई कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे, राउटर, इंटरनेट कनेक्शन आदि की जानकारी ली। इस दौरान मिर्जापुर के ग्रामीणों ने राजकीय हाईस्कूल नियमित न खुलने की शिकायत की।
डीआईओएस पंकज पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह राजकीय प्रधानाचार्य दीपक दीक्षित और डॉ. बृजेश के साथ मिर्जापर-कलान क्षेत्र के केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। कलान में कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की कि राजकीय हाईस्कूल हथिनी नगरिया में तैनात शिक्षक महीनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, इस कारण यहां की छात्र संख्या भी मात्र 13 ही है। डीआईओएस ने बताया कि विद्यालय में तैनात शिक्षक नेत्रपाल की शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं और उनका वेतन भी रोका जा चुका है। जब वह निरीक्षण को पहुंचे तो हथिनी नगरिया स्कूल बंद था। शिक्षक नेत्रपाल ने अपने स्थान पर अखिलेश नाम के किसी व्यक्ति को पढ़ाने के लिए रखा है। अखिलेश ने भी इसे स्वीकार कर लिया और बताया कि उसे भी नेत्रपाल ने पढ़ाने के एवज में तय हुआ पैसा नहीं दिया है। डीआईओएस ने कहा कि वह शिक्षक नेत्रपाल की बर्खास्तगी की संस्तुति करेंगे। भ्रमण के दौरान उन्होंने माध्यमिक कॉलेजों के साथ प्राथमिक विद्यालय हरसीपुर में एमडीएम की गुणवत्ता भी परखी।
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डीआईओएस पंकज पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह राजकीय प्रधानाचार्य दीपक दीक्षित और डॉ. बृजेश के साथ मिर्जापर-कलान क्षेत्र के केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। कलान में कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की कि राजकीय हाईस्कूल हथिनी नगरिया में तैनात शिक्षक महीनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, इस कारण यहां की छात्र संख्या भी मात्र 13 ही है। डीआईओएस ने बताया कि विद्यालय में तैनात शिक्षक नेत्रपाल की शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं और उनका वेतन भी रोका जा चुका है। जब वह निरीक्षण को पहुंचे तो हथिनी नगरिया स्कूल बंद था। शिक्षक नेत्रपाल ने अपने स्थान पर अखिलेश नाम के किसी व्यक्ति को पढ़ाने के लिए रखा है। अखिलेश ने भी इसे स्वीकार कर लिया और बताया कि उसे भी नेत्रपाल ने पढ़ाने के एवज में तय हुआ पैसा नहीं दिया है। डीआईओएस ने कहा कि वह शिक्षक नेत्रपाल की बर्खास्तगी की संस्तुति करेंगे। भ्रमण के दौरान उन्होंने माध्यमिक कॉलेजों के साथ प्राथमिक विद्यालय हरसीपुर में एमडीएम की गुणवत्ता भी परखी।
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