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पंखा ठीक करते समय पीआरडी जवान की करंट लगने से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:54 PM IST
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हादसा
- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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बिलहरी गांव स्थित घर में पंखा सही करते समय पीआरडी जवान की करंट लगने से मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना क्षेत्र के गांव बिलहरी निवासी सीताराम का 48 वर्षीय पुत्र ऋषिपाल गंगवार पीआरडी का जवान था। वह चीनी मिल प्रबंधक के आवास पर ड्यूटी करता था। चाची द्रोपदी के बरेली में उपचार के दौरान मौत होने की खबर मिलने पर वह रविवार को वह गांव चला गया था। चाची का शव देर रात गांव लाया गया। सोमवार को सुबह चाची की अंत्येष्टि होनी थी। घर में रिश्तेदारों के आने को लेकर ऋषिपाल सुबह करीब छह बजे अपने कमरे की छत पर टंगे खराब पंखे ठीक कर रहा था। इसी बीच पंखे में आ रहे क रंट की चपेट में आने से वह गिर पड़ा। पंखे का एक तार ऋषिपाल की सीन में चिपक गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
चूंकि दूसरे घर में चाची की शव पड़ा हुआ था। घर के अन्य लोग चाची के घर पर थे। कुछ देर बाद परिवार का एक व्यक्ति घर आया तो कमरे में ऋषिपाल को पड़ा देख उसके होश उड़ गए। जानकारी मिलते ही परिजन घर की ओर दौड़ पड़े और ऋषि को उठाकर देखा तो उसने दम तोड़ दिया था। एक साथ एक घर में चाची और भतीजे की मौत पर घर में कोहराम मच गया। जिसने सुना वह दौड़ पड़ा। मृतक के पिता ने बताया के ऋ षिपाल कई वर्षों से पीआरडी का जवान था। वह वर्तमान में चीनी मिल प्रबंधक के आवास पर ड्यूटी करता था। उनके पांच बेटे हैं। ऋषिपाल दूसरे नंबर पर थे। कुछ वर्षों पहले छोटे बेटे की भी मौत हो गई थी। अब ऋषिपाल के न रहने से पिता को काफी सदमा पहुंचा है। ऋषिपाल अपने पीछे पत्नी पुष्पा देवी पुत्र विकास, आकाश और पुत्री रूबी को छोड़ गए हैं। बड़े पुत्र विकास व रूबी का विवाह हो चुका है। दोपहर बाद गांव पहुंचे एसएसआई स्वामीनाथ ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। उधर, घरवालों ने चाची द्रोपदी का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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थाना क्षेत्र के गांव बिलहरी निवासी सीताराम का 48 वर्षीय पुत्र ऋषिपाल गंगवार पीआरडी का जवान था। वह चीनी मिल प्रबंधक के आवास पर ड्यूटी करता था। चाची द्रोपदी के बरेली में उपचार के दौरान मौत होने की खबर मिलने पर वह रविवार को वह गांव चला गया था। चाची का शव देर रात गांव लाया गया। सोमवार को सुबह चाची की अंत्येष्टि होनी थी। घर में रिश्तेदारों के आने को लेकर ऋषिपाल सुबह करीब छह बजे अपने कमरे की छत पर टंगे खराब पंखे ठीक कर रहा था। इसी बीच पंखे में आ रहे क रंट की चपेट में आने से वह गिर पड़ा। पंखे का एक तार ऋषिपाल की सीन में चिपक गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
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चूंकि दूसरे घर में चाची की शव पड़ा हुआ था। घर के अन्य लोग चाची के घर पर थे। कुछ देर बाद परिवार का एक व्यक्ति घर आया तो कमरे में ऋषिपाल को पड़ा देख उसके होश उड़ गए। जानकारी मिलते ही परिजन घर की ओर दौड़ पड़े और ऋषि को उठाकर देखा तो उसने दम तोड़ दिया था। एक साथ एक घर में चाची और भतीजे की मौत पर घर में कोहराम मच गया। जिसने सुना वह दौड़ पड़ा। मृतक के पिता ने बताया के ऋ षिपाल कई वर्षों से पीआरडी का जवान था। वह वर्तमान में चीनी मिल प्रबंधक के आवास पर ड्यूटी करता था। उनके पांच बेटे हैं। ऋषिपाल दूसरे नंबर पर थे। कुछ वर्षों पहले छोटे बेटे की भी मौत हो गई थी। अब ऋषिपाल के न रहने से पिता को काफी सदमा पहुंचा है। ऋषिपाल अपने पीछे पत्नी पुष्पा देवी पुत्र विकास, आकाश और पुत्री रूबी को छोड़ गए हैं। बड़े पुत्र विकास व रूबी का विवाह हो चुका है। दोपहर बाद गांव पहुंचे एसएसआई स्वामीनाथ ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। उधर, घरवालों ने चाची द्रोपदी का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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