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कोरोना का असर - होली पर नहीं दिखेंगी चाइनीज पिचकारियां और इलेक्ट्रिक आइटम
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शाहजहांपुर। चीन में कोरोना के कहर का असर भारतीय बाजार तक पड़ रहा है। होली पर पिचकारी के अलावा खिलौने और इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार भी इससे खासा प्रभावित हुआ है। कोरोना की वजह से न सिर्फ चीन से इन उत्पादों की आवक कम हुई है बल्कि व्यापारी भी ऑर्डर करने से बच रहे हैं। इस वजह से थोक व्यापारी पुराने स्टॉक को 25 से 30 फीसदी तक महंगा कर बाजार में खपा रहे हैं।
होली के बाजार में चाइनीज पिचकारियों की भारी खपत होती है। दशहरा मेला हो या फिर उर्स के मेले, वहां सजने वाली दुकानों पर भी चाइनीज खिलौने छाए रहते हैं। मोबाइल फोन उद्योग चाइनीज पार्ट्स पर ही टिका है। यह उत्पाद सस्ते और आकर्षक होने के कारण बच्चों को खूब लुभाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से दिल्ली के होलसेलर्स ने चीन से नया माल मंगाना बंद कर दिया है। इस कारण वहां के थोक व्यापारी नए माल के ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। महानगर में ही खिलौना के करीब आधा दर्जन और बिजली सामान के 50 से अधिक थोक प्रतिष्ठान हैं। यहां के कारोबारियों का कहना है कि दिल्ली के व्यापारी पुराने स्टॉक पर रेट बढ़ा रहे हैं। इस वजह से उन्होंने होली पर पिचकारियों के नए आर्डर नहीं दिए हैं। मोबाइल एसेसरीज विक्रेताओं का कहना है कि मोबाइल बैटरी के दाम 50 से 70 रुपये बढ़ जाने से लोग अब भारतीय कंपनियों की बैटरी डलवाने लगे हैं क्योंकि चाइनीज और देश मेें निर्मित बैटरी के दामों में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।
चाइनीज खिलौनों के दामों मेें होली तक जारी रहेगा उछाल
जिले मेें प्रतिमाह करीब एक करोड़ रुपये का खिलौनों का कारोबार होता है, इसमेें चाइनीज माल की बड़ी हिस्सेदारी है। दिल्ली के थोक व्यापारियों ने पुराने स्टॉक के रेट भी बढ़ा दिए हैं। प्रेशर पंप वाली जो पिचकारी पिछले साल 270-275 के थोक रेट पर मिली, वह इस बार 360 रुपये की है। फुटकर विक्रेता भी पुराने माल के रेट बढ़ाकर बिक्री कर रहे हैं। - अरुण शुक्ला, खिलौना के थोक व्यवसायी, पोस्ती पाकड़
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चाइनीज माल के बजाय प्रोडक्शन मशीन मंगाए सरकार
चाइनीज माल की गुणवत्ता खराब होने से लोगों का मन भर चुका है, लेकिन सस्ते के लोभ मेें लोग टेबल लैंप, टार्च, चार्जर आदि खरीद रहे हैं। हालांकि, कुल दैनिक बिक्री में चाइनीज उत्पादों की हिस्सेदारी दो से पांच प्रतिशत तक सीमित है। सरकार चीन से प्रोडक्शन मशीनेें मंगाए तो स्वदेशी माल की खपत के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। -पंकज टंडन, अध्यक्ष, इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रॉनिक गुड्स एसोसिएशन
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होली के बाजार में चाइनीज पिचकारियों की भारी खपत होती है। दशहरा मेला हो या फिर उर्स के मेले, वहां सजने वाली दुकानों पर भी चाइनीज खिलौने छाए रहते हैं। मोबाइल फोन उद्योग चाइनीज पार्ट्स पर ही टिका है। यह उत्पाद सस्ते और आकर्षक होने के कारण बच्चों को खूब लुभाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से दिल्ली के होलसेलर्स ने चीन से नया माल मंगाना बंद कर दिया है। इस कारण वहां के थोक व्यापारी नए माल के ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। महानगर में ही खिलौना के करीब आधा दर्जन और बिजली सामान के 50 से अधिक थोक प्रतिष्ठान हैं। यहां के कारोबारियों का कहना है कि दिल्ली के व्यापारी पुराने स्टॉक पर रेट बढ़ा रहे हैं। इस वजह से उन्होंने होली पर पिचकारियों के नए आर्डर नहीं दिए हैं। मोबाइल एसेसरीज विक्रेताओं का कहना है कि मोबाइल बैटरी के दाम 50 से 70 रुपये बढ़ जाने से लोग अब भारतीय कंपनियों की बैटरी डलवाने लगे हैं क्योंकि चाइनीज और देश मेें निर्मित बैटरी के दामों में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।
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चाइनीज खिलौनों के दामों मेें होली तक जारी रहेगा उछाल
जिले मेें प्रतिमाह करीब एक करोड़ रुपये का खिलौनों का कारोबार होता है, इसमेें चाइनीज माल की बड़ी हिस्सेदारी है। दिल्ली के थोक व्यापारियों ने पुराने स्टॉक के रेट भी बढ़ा दिए हैं। प्रेशर पंप वाली जो पिचकारी पिछले साल 270-275 के थोक रेट पर मिली, वह इस बार 360 रुपये की है। फुटकर विक्रेता भी पुराने माल के रेट बढ़ाकर बिक्री कर रहे हैं। - अरुण शुक्ला, खिलौना के थोक व्यवसायी, पोस्ती पाकड़
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चाइनीज माल के बजाय प्रोडक्शन मशीन मंगाए सरकार
चाइनीज माल की गुणवत्ता खराब होने से लोगों का मन भर चुका है, लेकिन सस्ते के लोभ मेें लोग टेबल लैंप, टार्च, चार्जर आदि खरीद रहे हैं। हालांकि, कुल दैनिक बिक्री में चाइनीज उत्पादों की हिस्सेदारी दो से पांच प्रतिशत तक सीमित है। सरकार चीन से प्रोडक्शन मशीनेें मंगाए तो स्वदेशी माल की खपत के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। -पंकज टंडन, अध्यक्ष, इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रॉनिक गुड्स एसोसिएशन