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Shahjahanpur News: रामताल के किनारे सड़क व नाला निर्माण का कार्य शुरू
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जलालाबाद में रामताल किनारे चल रहा नाला निर्माण। संवाद
जलालाबाद। परशुराम जन्मस्थली परिसर में सुंदरीकरण के साथ ही रामताल किनारे सड़क व नाला निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है। यह कार्य सीएनडीएस की देखरेख में लखनऊ की जगदीश सिंह एंड कंपनी ने शुरू कराया है।
नगर के मोहल्ला खेड़ा (वार्ड परशुरामपुरी) स्थित भगवान परशुराम मंदिर के सामने करीब 42 बीघा के रकबे का तालाब है जो रामताल के नाम से प्रसिद्ध है। बुजुर्ग बताते हैं कि कभी यहां से होकर रामगंगा निकली थी। उसी नदी की छांड़ के रूप में यह तालाब है। नगर पालिका के छह से ज्यादा नालों का मुंह तालाब में होने से इसका पानी काफी गंदा और दूषित हो गया है।
परशुराम की जन्मस्थली घोषित होने के बाद सरकार ने इस तालाब को अमृत सरोवर योजना में शामिल कर सुंदरीकरण कराने के लिए 11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। सरकार की मंशा मंदिर तक एक चौड़ा रास्ता बनाने की भी थी। अन्य कही जगह न होने पर प्रशासन ने करीब एक माह पहले रामताल के किनारे लोगों द्वारा किए अवैध कब्जों को हटवा दिया।
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अब इसी जमीन पर रामताल से मंदिर तक साढ़े सात फुट चौड़ा मार्ग व इसके पीछे डेढ़ मीटर चौड़ा नाला बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के जेई नरेंद्र कुमार ने बताया कि रामताल में जाने वाले सभी नालों के गंदे पानी को नए नाले में डालते हुए उसे रामताल मार्ग पर बने नाले तक पहुंचा दिया जाएगा ताकि गंदा पानी रामताल में न जा सके।
बताया कि रामताल के पानी को साफ भी किया जाएगा। साथ ही 11 करोड़ की स्वीकृत धनराशि से ही तालाब का सुंदरीकरण, मार्ग तथा नाले का निर्माण किया जाएगा।
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नगर के मोहल्ला खेड़ा (वार्ड परशुरामपुरी) स्थित भगवान परशुराम मंदिर के सामने करीब 42 बीघा के रकबे का तालाब है जो रामताल के नाम से प्रसिद्ध है। बुजुर्ग बताते हैं कि कभी यहां से होकर रामगंगा निकली थी। उसी नदी की छांड़ के रूप में यह तालाब है। नगर पालिका के छह से ज्यादा नालों का मुंह तालाब में होने से इसका पानी काफी गंदा और दूषित हो गया है।
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परशुराम की जन्मस्थली घोषित होने के बाद सरकार ने इस तालाब को अमृत सरोवर योजना में शामिल कर सुंदरीकरण कराने के लिए 11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। सरकार की मंशा मंदिर तक एक चौड़ा रास्ता बनाने की भी थी। अन्य कही जगह न होने पर प्रशासन ने करीब एक माह पहले रामताल के किनारे लोगों द्वारा किए अवैध कब्जों को हटवा दिया।
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अब इसी जमीन पर रामताल से मंदिर तक साढ़े सात फुट चौड़ा मार्ग व इसके पीछे डेढ़ मीटर चौड़ा नाला बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के जेई नरेंद्र कुमार ने बताया कि रामताल में जाने वाले सभी नालों के गंदे पानी को नए नाले में डालते हुए उसे रामताल मार्ग पर बने नाले तक पहुंचा दिया जाएगा ताकि गंदा पानी रामताल में न जा सके।
बताया कि रामताल के पानी को साफ भी किया जाएगा। साथ ही 11 करोड़ की स्वीकृत धनराशि से ही तालाब का सुंदरीकरण, मार्ग तथा नाले का निर्माण किया जाएगा।