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पुलिस की तोड़ी घेराबंदी और पहुंच गए जिला मुख्यालय कांग्रेसी
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शाहजहांपुर। दुष्कर्म के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद के बहाने भाजपा सरकार को घेरने की कांग्रेस की रणनीति कामयाब हो गई। पुलिस की घेराबंदी को तोड़ते हुए सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता यहां जिला मुख्यालय पहुंच गए। पुलिस लाइन स्थित अस्थाई जेल से लेकर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के आवास और पानी टंकी पर चढ़कर कांग्रेसियों ने जमकर गदर काटा और प्रदेश सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। नाकेबंदी के बावजूद कांग्रेसी जिला मुख्यालय तक कैसे पहुंच गए, इस पर अधिकारी कन्नी काटते नजर आए।
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से पीड़ित छात्रा के समर्थन में उतरने की हरी झंडी मिलते ही कांग्रेस नेताओं ने यहां जिला मुख्यालय पहुंचकर छात्रा को न्याय दिलाने के लिए शाहजहांपुर से लखनऊ तक न्याय पद यात्रा निकालने का ऐलान किया तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। यात्रा निकाले जाने से एक दिन पहले देर शाम प्रशासन ने न्याय यात्रा निकाले जाने की अनुमति न देते हुए रोक लगा दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने सोमवार सुबह शहर के चारों ओर नाकेबंदी कर दी, ताकि कोई भी कांग्रेसी शहर के अंदर न आ सके। इसके बावजूद भी सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बरेली, संभल, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत आदि शहरों से आ गए। कांग्रेसियों को रोकने के लिए बरेली मोड़, तिलहर, जलालाबाद, निगोही, गुर्री चौकी, पुवायां, निगोही वार्डर पर पुलिस फोर्स लगाया गया था।
गाड़ियों में नहीं लगाया गया था पार्टी था झंडा, इसलिए नहीं जान पाई पुलिस
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मकसद शाहजहांपुर पहुंचकर प्रदेश सरकार को यह बताना था कि छात्रा के साथ न्याय की लड़ाई में वह कंधे से कंधा मिलकर लड़ने को तैयार है, इसीलिए गैर जनपद से आने वाले कांग्रेसियों ने पहचान छिपाने के लिए अधिकतर गाड़ियों में पार्टी का झंडा नहीं लगाया और इसी वजह से पुलिस कांग्रेसियों को पहचान नहीं पाई और सामान्य वाहनों के आवागमन के साथ कांग्रेसी जिला मुख्यालय पहुंचने में कामयाब हो गए।
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कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से पीड़ित छात्रा के समर्थन में उतरने की हरी झंडी मिलते ही कांग्रेस नेताओं ने यहां जिला मुख्यालय पहुंचकर छात्रा को न्याय दिलाने के लिए शाहजहांपुर से लखनऊ तक न्याय पद यात्रा निकालने का ऐलान किया तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। यात्रा निकाले जाने से एक दिन पहले देर शाम प्रशासन ने न्याय यात्रा निकाले जाने की अनुमति न देते हुए रोक लगा दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने सोमवार सुबह शहर के चारों ओर नाकेबंदी कर दी, ताकि कोई भी कांग्रेसी शहर के अंदर न आ सके। इसके बावजूद भी सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बरेली, संभल, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत आदि शहरों से आ गए। कांग्रेसियों को रोकने के लिए बरेली मोड़, तिलहर, जलालाबाद, निगोही, गुर्री चौकी, पुवायां, निगोही वार्डर पर पुलिस फोर्स लगाया गया था।
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गाड़ियों में नहीं लगाया गया था पार्टी था झंडा, इसलिए नहीं जान पाई पुलिस
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मकसद शाहजहांपुर पहुंचकर प्रदेश सरकार को यह बताना था कि छात्रा के साथ न्याय की लड़ाई में वह कंधे से कंधा मिलकर लड़ने को तैयार है, इसीलिए गैर जनपद से आने वाले कांग्रेसियों ने पहचान छिपाने के लिए अधिकतर गाड़ियों में पार्टी का झंडा नहीं लगाया और इसी वजह से पुलिस कांग्रेसियों को पहचान नहीं पाई और सामान्य वाहनों के आवागमन के साथ कांग्रेसी जिला मुख्यालय पहुंचने में कामयाब हो गए।
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