{"_id":"65ff4c4510e355d04f039d04","slug":"confidential-investigation-after-complaint-then-action-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-115539-2024-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: शिकायत के बाद गोपनीय जांच, फिर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: शिकायत के बाद गोपनीय जांच, फिर कार्रवाई
Sun, 24 Mar 2024 03:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 24 Mar 2024 03:10 AM IST
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। बंडा थाने में आवास पर रिश्वत लेते पकड़े गए दरोगा नरेंद्र कुमार शर्मा की शिकायत के बाद कार्रवाई से पहले गोपनीय जांच भी कराई गई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद लखनऊ से भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एसपी ने टीम गठित कर उसे पकड़ने का आदेश जारी किया था।
एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर सुनील कुमार की ओर से सदर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है। गांव भांभी के सत्यपाल सिंह छह मार्च को बरेली में एंटी करप्शन ब्यूरो में सीओ से मिले। बताया था कि उन पर अवैध शराब बेचने के झूठे आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बंडा थाने के दरोगा नरेंद्र कुमार इसकी जांच कर रहे हैं और धाराएं बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। धाराएं न बढ़ाने के लिए दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। वह परेशान हैं और रिश्वत नहीं देना चाहते। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी। सीओ ने इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। उन्होंने मामले की गोपनीय जांच इंस्पेक्टर आनंद कुमार से कराई तो शिकायतकर्ता के आरोप सही मिले।
विज्ञापन
जांच में यह भी लिखा था कि दरोगा की छवि आम जनमानस में भ्रष्ट लोकसेवक की है। इसके बाद 21 मार्च को लखनऊ से एंटी करप्शन ब्यूरो के एसपी ने टीम का गठन किया था। 22 मार्च को दरोगा को रिश्वत के नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
-- -- -
चार इंस्पेक्टर सहित 12 लोगों की टीम ने की गिरफ्तारी
ट्रैप टीम में इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल, इंस्पेक्टर आनंद कुमार वर्मा, इश्तियाक वारसी, मुख्य आरक्षी प्रमोद कुमार वर्मा, मोहम्मद इमरान, संदीप कुमार, अमित कुमार, आशीष चौधरी, जितेंद्र यादव, राहुल यादव शामिल थे।
-- -- -
दो लोकसेवक साक्षी भी लिए थे साथ
ट्रैप टीम पहले शाहजहांपुर आकर जिलाधिकारी से मिली और दो लोकसेवक साक्षी उपलब्ध कराने के लिए गोपनीय पत्र सौंपा। डीएम ने एडीएम प्रशासन को पत्र लिखा। इसके बाद एडीएम ने फार्मकीपर नितिन प्रकाश और एकाउंटेंट हेमंत कुमार अग्निहोत्री को टीम के साथ भेजा था।
-- --
विज्ञापन
एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर सुनील कुमार की ओर से सदर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है। गांव भांभी के सत्यपाल सिंह छह मार्च को बरेली में एंटी करप्शन ब्यूरो में सीओ से मिले। बताया था कि उन पर अवैध शराब बेचने के झूठे आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
बंडा थाने के दरोगा नरेंद्र कुमार इसकी जांच कर रहे हैं और धाराएं बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। धाराएं न बढ़ाने के लिए दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। वह परेशान हैं और रिश्वत नहीं देना चाहते। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी। सीओ ने इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। उन्होंने मामले की गोपनीय जांच इंस्पेक्टर आनंद कुमार से कराई तो शिकायतकर्ता के आरोप सही मिले।
विज्ञापन
जांच में यह भी लिखा था कि दरोगा की छवि आम जनमानस में भ्रष्ट लोकसेवक की है। इसके बाद 21 मार्च को लखनऊ से एंटी करप्शन ब्यूरो के एसपी ने टीम का गठन किया था। 22 मार्च को दरोगा को रिश्वत के नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
चार इंस्पेक्टर सहित 12 लोगों की टीम ने की गिरफ्तारी
ट्रैप टीम में इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल, इंस्पेक्टर आनंद कुमार वर्मा, इश्तियाक वारसी, मुख्य आरक्षी प्रमोद कुमार वर्मा, मोहम्मद इमरान, संदीप कुमार, अमित कुमार, आशीष चौधरी, जितेंद्र यादव, राहुल यादव शामिल थे।
दो लोकसेवक साक्षी भी लिए थे साथ
ट्रैप टीम पहले शाहजहांपुर आकर जिलाधिकारी से मिली और दो लोकसेवक साक्षी उपलब्ध कराने के लिए गोपनीय पत्र सौंपा। डीएम ने एडीएम प्रशासन को पत्र लिखा। इसके बाद एडीएम ने फार्मकीपर नितिन प्रकाश और एकाउंटेंट हेमंत कुमार अग्निहोत्री को टीम के साथ भेजा था।