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Shahjahanpur News: शेखर अस्पताल में तोड़फोड़, डॉक्टर-स्टाफ से मारपीट के मामले में दी तहरीर
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शाहजहांपुर। मोहल्ला अंटा रोड स्थित शेखर अस्पताल में पांच अक्तूबर को मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे, तोड़फोड़ और डॉक्टर-स्टाफ से मारपीट के मामले में अस्पताल संचालक ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल संचालक डॉ. सोमशेखर दीक्षित ने बताया कि चार अक्तूबर की शाम करीब छह बजे मोहल्ला मोहम्मदजई निवासी पवन की पत्नी नेहा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बता दिया गया था। जांच में नेहा को गंभीर डेंगू की बीमारी सामने आई। परिजनों की सहमति से उसका इलाज किया गया। पांच अक्तूबर की सुबह करीब आठ बजे नेहा की मौत हो गई।
डॉ. दीक्षित का आरोप है कि नेहा की मौत के बाद उसके पति और अन्य परिजन करीब 40-50 लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी। कंपाउंडर और ट्रेनिंग स्टाफ राज, आकर्षित समेत कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। अस्पताल आए डॉ. मयंक दीक्षित को गेट पर ही रोककर पीटा गया और जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
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उन्होंने बताया कि घटना के समय अस्पताल में 15-20 दरोगा और सिपाही मौजूद थे। इसके बावजूद उनके सामने भी मारपीट और तोड़फोड़ की गई। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। अस्पताल में लगे सीसी कैमरों में पूरी घटना कैद है। अस्पताल में करीब 50-60 हजार रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया है।
डॉ. दीक्षित के अनुसार, घटना के दौरान मृतका के परिजनों ने पूर्व विधायक राजेश यादव को भी बुला लिया था। उनके सामने भी उपद्रव किए जाने का आरोप है। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल संचालक डॉ. सोमशेखर दीक्षित ने बताया कि चार अक्तूबर की शाम करीब छह बजे मोहल्ला मोहम्मदजई निवासी पवन की पत्नी नेहा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बता दिया गया था। जांच में नेहा को गंभीर डेंगू की बीमारी सामने आई। परिजनों की सहमति से उसका इलाज किया गया। पांच अक्तूबर की सुबह करीब आठ बजे नेहा की मौत हो गई।
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डॉ. दीक्षित का आरोप है कि नेहा की मौत के बाद उसके पति और अन्य परिजन करीब 40-50 लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी। कंपाउंडर और ट्रेनिंग स्टाफ राज, आकर्षित समेत कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। अस्पताल आए डॉ. मयंक दीक्षित को गेट पर ही रोककर पीटा गया और जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
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उन्होंने बताया कि घटना के समय अस्पताल में 15-20 दरोगा और सिपाही मौजूद थे। इसके बावजूद उनके सामने भी मारपीट और तोड़फोड़ की गई। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। अस्पताल में लगे सीसी कैमरों में पूरी घटना कैद है। अस्पताल में करीब 50-60 हजार रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया है।
डॉ. दीक्षित के अनुसार, घटना के दौरान मृतका के परिजनों ने पूर्व विधायक राजेश यादव को भी बुला लिया था। उनके सामने भी उपद्रव किए जाने का आरोप है। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।