{"_id":"620182c671e87f5b6a322c29","slug":"coldwave-and-fog-continue-shahjahanpur-news-bly474807618","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीतलहर और कोहरा से नहीं थम रहा सर्दी का कहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीतलहर और कोहरा से नहीं थम रहा सर्दी का कहर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर-पश्चिम हवाएं शीतलहर बनकर सर्दी बढ़ा रही हैं। वहीं सुबह और रात के समय कोहरा जनजीवन को ठिठुरने पर मजबूर कर रहा है। हालांकि रात में बादलों की वजह से न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री बढ़कर 6.4 डिग्री सेल्सियस हुआ, लेकिन सुबह कोहरा छाए रहने से वातावरण में काफी गलन महसूस की गई। बाद में धूप निकलने से दिन में अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़कर 20.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। इससे लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन छायादार स्थानों पर ठंड अपना असर दिखाती रही।
गत सप्ताह बूंदाबांदी, ओलावृष्टि और बारिश के दौरान चार दिन तक बादल छाए रहने के कारण धूप नहीं निकली। इससे तापमान में भारी गिरावट के साथ कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया, लेकिन सुबह-शाम कोहरा की ज्यादा समस्या नहीं रही। इधर, जब से वायुदाब मेें वृद्घि से हवा की गति बढ़ी और दिन में धूप निकलनी शुरू हुई, तभी से रात और सुबह के वक्त घना कोहरा छाने लगा। इससे शीतलहर में भी तीखापन आ गया क्योंकि बारिश से वातावरण में घुली नमी धूप से वाष्प में बदलने के साथ कोहरा के तौर पर दिखने लगी।
बीते दिन सुबह से वायुदाब सामान्य से अधिक होने के कारण तेज हवा चलने से दोपहर में धूप निकली तो कोहरा का कोप बढ़ने का अंदेशा हो गया जो आज सुबह सच साबित हुआ। आधी रात से कोहरा की धुंध छानी शुरू हुई जो सुबह तक काफी घना हो गया। इस दौरान हवा के झोंके शीतलहर बनकर जनजीवन को सताते रहे। सूर्योदय के करीब दो घंटे बाद कोहरा की चादर चीरकर सूर्य किरणें जमीन पर उतरीं तो माहौल में थोड़ी गरमाहट आई। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पहाड़ों पर जब तक बर्फबारी नहीं थमेगी, सुबह और रात में कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि वायुदाब में गिरावट के कारण मंगलवार को सुबह से कोहरा के साथ दिन भर बादल छाए रहने के आसार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गत सप्ताह बूंदाबांदी, ओलावृष्टि और बारिश के दौरान चार दिन तक बादल छाए रहने के कारण धूप नहीं निकली। इससे तापमान में भारी गिरावट के साथ कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया, लेकिन सुबह-शाम कोहरा की ज्यादा समस्या नहीं रही। इधर, जब से वायुदाब मेें वृद्घि से हवा की गति बढ़ी और दिन में धूप निकलनी शुरू हुई, तभी से रात और सुबह के वक्त घना कोहरा छाने लगा। इससे शीतलहर में भी तीखापन आ गया क्योंकि बारिश से वातावरण में घुली नमी धूप से वाष्प में बदलने के साथ कोहरा के तौर पर दिखने लगी।
विज्ञापन
बीते दिन सुबह से वायुदाब सामान्य से अधिक होने के कारण तेज हवा चलने से दोपहर में धूप निकली तो कोहरा का कोप बढ़ने का अंदेशा हो गया जो आज सुबह सच साबित हुआ। आधी रात से कोहरा की धुंध छानी शुरू हुई जो सुबह तक काफी घना हो गया। इस दौरान हवा के झोंके शीतलहर बनकर जनजीवन को सताते रहे। सूर्योदय के करीब दो घंटे बाद कोहरा की चादर चीरकर सूर्य किरणें जमीन पर उतरीं तो माहौल में थोड़ी गरमाहट आई। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पहाड़ों पर जब तक बर्फबारी नहीं थमेगी, सुबह और रात में कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि वायुदाब में गिरावट के कारण मंगलवार को सुबह से कोहरा के साथ दिन भर बादल छाए रहने के आसार हैं।
विज्ञापन