{"_id":"6694160f798f7230050ec9d9","slug":"cluster-teachers-and-arps-will-resign-en-masse-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-122816-2024-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: संकुल शिक्षक और एआरपी देंगे सामूहिक रूप से इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: संकुल शिक्षक और एआरपी देंगे सामूहिक रूप से इस्तीफा
विज्ञापन
शाहजहांपुर। परिषदीय शिक्षक एवं संविदा शिक्षक संयुक्त संघर्ष समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें निर्णय हुआ कि हर न्याय पंचायत स्तर पर बनाए गए 5-5 संकुल शिक्षक भी अपनी बीआरसी पर खंड शिक्षा अधिकारियों को सामूहिक इस्तीफा देंगे।
जनपद में कार्यरत सभी एआरपी द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने पर आपसी सहमति बनाई जा रही है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त आह्वान पर सभी ब्लॉक में अधिकतर शिक्षकों ने विभाग की ओर से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं।
जो कुछ शिक्षक अभी जुड़े है वह भी ग्रुप को छोड़ेंगे। बोले कि ऑनलाइन हाजिरी मुद्दे पर सरकार के तानाशाही रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया कि लगभग 84 प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक न होने के कारण इंचार्ज शिक्षक ही विद्यालय संचालित करते आ रहें हैं।
विज्ञापन
इस विरोध प्रदर्शन में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति के लिए दस साल से लंबित पदोन्नति न होने के विरोध में इंचार्ज शिक्षक भी अपना प्रभार छोड़ सकते हैं। निर्णय किया गया कि 20 जनवरी को जिला मुख्यालय पर होने वाले प्रदर्शन से पूर्व शिक्षक अपने गैर शैक्षणिक कार्य को छोड़कर सरकार से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
विज्ञापन
जनपद में कार्यरत सभी एआरपी द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने पर आपसी सहमति बनाई जा रही है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त आह्वान पर सभी ब्लॉक में अधिकतर शिक्षकों ने विभाग की ओर से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं।
विज्ञापन
जो कुछ शिक्षक अभी जुड़े है वह भी ग्रुप को छोड़ेंगे। बोले कि ऑनलाइन हाजिरी मुद्दे पर सरकार के तानाशाही रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया कि लगभग 84 प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक न होने के कारण इंचार्ज शिक्षक ही विद्यालय संचालित करते आ रहें हैं।
विज्ञापन
इस विरोध प्रदर्शन में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति के लिए दस साल से लंबित पदोन्नति न होने के विरोध में इंचार्ज शिक्षक भी अपना प्रभार छोड़ सकते हैं। निर्णय किया गया कि 20 जनवरी को जिला मुख्यालय पर होने वाले प्रदर्शन से पूर्व शिक्षक अपने गैर शैक्षणिक कार्य को छोड़कर सरकार से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आंदोलन तेज करेंगे।