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Shahjahanpur News: सिर्फ कागजों में शुरू होने का दावा, नहीं शुरू हो पाए रिसोर्स रिकवरी सेंटर
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सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर।
शाहजहांपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन के लिए लाखों रुपये की लागत से रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनाए जा रहे हैं। कागजों में सेंटर सक्रिय हैं, लेकिन अधिकतर स्थानों पर अब भी शुरू भी नहीं हो पाए हैं। प्रशासन के सभी दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। गांवों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
जनपद में 1068 ग्राम पंचायतें हैं। प्रशासन ने 727 ग्राम पंचायतों में आरआरसी संचालित होने का दावा किया है, साथ ही 130 ग्राम पंचायतों में सेंटर निर्माणाधीन हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक लाख 40 हजार रुपये कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शों के लिए वितरित किए गए हैं। जिम्मेदारी दी गई है कि गांव के प्रत्येक घर से कूड़ा एकत्र करके सेंटर पहुंचाया जाए। यहां पर नियुक्त कर्मचारी गीले और सूखे कूड़े को अलग करेंगे। इसके विपरीत अधिकतर ग्राम पंचायतों में अब तक सेंटर सक्रिय नहीं हो पाए हैं।
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आरआरसी सेंटर में कूड़ा प्रबंधन कर बनाई जाएगी खाद
प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब चार लाख रुपयों की कीमत से सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही कूड़ा एकत्र करने के लिए 1.40 लाख रुपये ई-रिक्शों के लिए ग्राम पंचायत काे बजट दिया जा रहा है। सेंटर पर एक कर्मचारी नियुक्त किया जा रहा है। जिसे छह हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाना है। इसमें प्रत्येक घर से कूड़ा उठान के एवज में 50 रुपये प्रति माह रुपये की वसूली की जानी है। इसी से कर्मचारी के वेतन की व्यवस्था की जाएगी।
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सेंटर तैयार... बस संचालन का इंतजार
जैतीपुर। ग्राम पंचायत बझेड़ा भगवानपुर के मुख्य चौराहे से अंदर जाने वाले रास्ते पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े के ढेर से रास्ता दब गया है। हल्की सी बारिश में कूड़ा कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इसमें राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गांव में सेंटर काफी समय बनकर तैयार हो गया था। ग्राम पंचायत को ई-रिक्शा भी आवंटित करा दिया गया, लेकिन इसके बाद भी अब तक सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह कुर्रियाकलां की ग्राम पंचायत चौहनापुर में बीच गली में कीचड़ भरा हुआ है। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्राम पंचायत में सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन अब तक संचालित नहीं हो पाया है। संवाद
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कूड़े से रास्ता तक बंद
कूड़े से गांव का रास्ता बंद हो गया है। राहगीरों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
- सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर
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गांव में लगे कूड़े के ढेर की वजह से दुर्गंध आती है। कूड़ा फैला होने की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन इसके बाद भी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- शिवा, बझेड़ा भगवानपुर
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अधिकतर ग्राम पंचायतों में सेंटर सक्रिय कर दिए गए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है। जिन गांवों में सेंटर शुरू नहीं हो पा रहे हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
- अरविंद कुमार, एडीएम एफआर व प्रभारी डीपीआरओ
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जनपद में 1068 ग्राम पंचायतें हैं। प्रशासन ने 727 ग्राम पंचायतों में आरआरसी संचालित होने का दावा किया है, साथ ही 130 ग्राम पंचायतों में सेंटर निर्माणाधीन हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक लाख 40 हजार रुपये कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शों के लिए वितरित किए गए हैं। जिम्मेदारी दी गई है कि गांव के प्रत्येक घर से कूड़ा एकत्र करके सेंटर पहुंचाया जाए। यहां पर नियुक्त कर्मचारी गीले और सूखे कूड़े को अलग करेंगे। इसके विपरीत अधिकतर ग्राम पंचायतों में अब तक सेंटर सक्रिय नहीं हो पाए हैं।
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आरआरसी सेंटर में कूड़ा प्रबंधन कर बनाई जाएगी खाद
प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब चार लाख रुपयों की कीमत से सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही कूड़ा एकत्र करने के लिए 1.40 लाख रुपये ई-रिक्शों के लिए ग्राम पंचायत काे बजट दिया जा रहा है। सेंटर पर एक कर्मचारी नियुक्त किया जा रहा है। जिसे छह हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाना है। इसमें प्रत्येक घर से कूड़ा उठान के एवज में 50 रुपये प्रति माह रुपये की वसूली की जानी है। इसी से कर्मचारी के वेतन की व्यवस्था की जाएगी।
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सेंटर तैयार... बस संचालन का इंतजार
जैतीपुर। ग्राम पंचायत बझेड़ा भगवानपुर के मुख्य चौराहे से अंदर जाने वाले रास्ते पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े के ढेर से रास्ता दब गया है। हल्की सी बारिश में कूड़ा कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इसमें राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गांव में सेंटर काफी समय बनकर तैयार हो गया था। ग्राम पंचायत को ई-रिक्शा भी आवंटित करा दिया गया, लेकिन इसके बाद भी अब तक सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह कुर्रियाकलां की ग्राम पंचायत चौहनापुर में बीच गली में कीचड़ भरा हुआ है। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्राम पंचायत में सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन अब तक संचालित नहीं हो पाया है। संवाद
कूड़े से रास्ता तक बंद
कूड़े से गांव का रास्ता बंद हो गया है। राहगीरों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
- सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर
गांव में लगे कूड़े के ढेर की वजह से दुर्गंध आती है। कूड़ा फैला होने की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन इसके बाद भी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- शिवा, बझेड़ा भगवानपुर
अधिकतर ग्राम पंचायतों में सेंटर सक्रिय कर दिए गए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है। जिन गांवों में सेंटर शुरू नहीं हो पा रहे हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
- अरविंद कुमार, एडीएम एफआर व प्रभारी डीपीआरओ

सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर।

सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर।

सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर।

सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर।

सुनील कुमार, बझेड़ा भागवानपुर।