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ग्राम निधि घोटाला में डीपीआरओ पर गिरी निलंबन की गाज
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शाहजहांपुर। विकास खंड कलान में अधिकारियों के डोंगल से ग्राम पंचायत रफियाबाद कलान की ग्राम निधि से 15.77 लाख रुपये की धनराशि क्षेत्रीय कारोबारियों के बैंक खातों में भेजकर उसका गबन कर लिए जाने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार को शासन ने निलंबित कर दिया है। खास बात यह है कि इस मामले में शासन स्तर से हुई जांच के बाद डीपीआरओ ने दस आरोपियों के खिलाफ कलान थाने में धोखाधड़ी और गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और शेष आरोपियों को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ साक्ष्य तलाश करने में जुटी है।
बता दें कि शासन स्तर पर हुई शिकायत और पंचायती राज विभाग के देवीपाटन मंडल के उप निदेशक आरएस चौधरी के स्तर से की गई जांच में घोटाला का आरोप सही पाए जाने पर पंचायती राज निदेशक के आदेश पर डीपीआरओ पवन कुमार ने कलान थाने में ब्लॉक प्रमुख रुचि वर्मा, उनके पति राहुल वर्मा, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एडीपीएम) देवी लाल मौर्य, संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर केशरी नंदन, अरुण निगम, धनराज पटेल, पंकज कुमार, संजीव कुमार, गुड्डू और पीयूष गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घोटाले की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक यादवेंद्र सिंह का कहना है कि अन्य आरोपियों से पूछताछ कर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
डीपीआरओ के निलंबन का अभी शासन से आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर उनका प्रभार किसी अन्य अधिकारी को देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, क्योंकि पंचायत राज विभाग के जरिए तमाम जनहित के कार्य कराए जा रहे हैं।
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- श्याम बहादुर सिंह, सीडीओ
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बता दें कि शासन स्तर पर हुई शिकायत और पंचायती राज विभाग के देवीपाटन मंडल के उप निदेशक आरएस चौधरी के स्तर से की गई जांच में घोटाला का आरोप सही पाए जाने पर पंचायती राज निदेशक के आदेश पर डीपीआरओ पवन कुमार ने कलान थाने में ब्लॉक प्रमुख रुचि वर्मा, उनके पति राहुल वर्मा, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एडीपीएम) देवी लाल मौर्य, संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर केशरी नंदन, अरुण निगम, धनराज पटेल, पंकज कुमार, संजीव कुमार, गुड्डू और पीयूष गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घोटाले की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक यादवेंद्र सिंह का कहना है कि अन्य आरोपियों से पूछताछ कर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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डीपीआरओ के निलंबन का अभी शासन से आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर उनका प्रभार किसी अन्य अधिकारी को देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, क्योंकि पंचायत राज विभाग के जरिए तमाम जनहित के कार्य कराए जा रहे हैं।
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- श्याम बहादुर सिंह, सीडीओ