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हाल बेहाल : एक तो गर्मी, ऊपर से बिजली कटौती
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शाहजहांपुर। पिछले एक सप्ताह में गर्मी ने बेहाल कर रख दिया है। मंगलवार को तो सबसे गर्म रात रही थी। ऊपर से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो जा रही है। ऐसे में चिकित्सकों ने एहतियात बरतने के लिए कहा है। उनका कहना है कि थोड़ी सी भी लापरवाही बीमार कर सकती है।
एक सप्ताह से दिन में धूप के साथ बादल छाए रहने से उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण रात में आर्द्रता से हवा ठंडी होने पर थोड़ा सुकून मिल रहा था, लेकिन अब वातावरण में नमी का स्तर घटने और बारिश नहीं होने से रात में भी पारा लगातार उछल रहा है। बुधवार की रात भी न्यूनतम तापमान लगातार पांचवें दिन 0.4 डिग्री उछलकर 31.2 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु पर पहुंच गया। इससे लोगों को रात में चैन की नींद भी नहीं मिल रही और अगले दो दिन तक गर्मी के प्रकोप से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। उमस भरी भीषण गर्मी के दौर में बिजली फाल्ट जन सामान्य के लिए मुसीबत बन गए हैं। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में हीट स्ट्रोक से बीमार पड़ने की आशंका बढ़ रही है और इससे बचने के लिए लोगों को जरूरी एहतियाती उपाय करने होंगे।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दिन और रात के तापमान में अंतर पिछले 72 घंटे से कम हो रहा है और इसीलिए रात में उमस और दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि बादल छाए रहने के कारण बीते दिन की तुलना में धूप कम निकली और इसीलिए बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री घटकर 39 डिग्री सेल्सियस रह गया, लेकिन रात में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण दिन के तापमान में गिरावट से भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी।
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मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वायुदाब स्थिर नहीं होने से पश्चिमी विक्षोभ बार-बार कमजोर पड़ रहा है और इसीलिए अगले दो दिन तक बारिश होने के कोई आसार नहीं होने के कारण तापमान में वृद्धि भी जारी रहेगी।
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गत वर्ष के सापेक्ष रात का तापमान (डिग्री सेल्सियस)
दिनांक वर्ष 2020 वर्ष 2021
27 जून 26.6 26.7
28 जून 27.8 27.9
29 जून 23.6 27.8
30 जून 25.4 30.8
01 जुलाई 27.8 31.2
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ट्रॉली की टक्कर से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त, गुल हुई बत्ती
शाहजहांपुर। गर्रा नदी से बालू खनन करके ले जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक ने बृहस्पतिवार को सुबह लोहारों का चौराहा पर लगे ट्रांसफार्मर के डबल पोल में टक्कर मार दी। इससे ट्रांसफार्मर समेत पोल क्षतिग्रस्त हो गया। तड़के करीब 3.30 बजे हुए इस फाल्ट के कारण ककरा कलां और आनंदपुरम फीडर से जुड़े विभिन्न इलाकों के लगभग 1500 घरों की बत्ती गुल हो गई। सुबह करीब आठ बजे फाल्ट ठीक हो सका।
इस दौरान ककरा कलां, ककरा खुर्द, मदराखेल, तिलहरजई, अलीजई (आंशिक), आनंदपुरम कालोनी, आजादपुरम, विवेक विहार, लोहारों का चौराहा, विश्वकर्मा चौक, सिंजई (आंशिक) आदि क्षेत्रों में भीषण गर्मी और उमस के चलते लोगों का बिजली के बगैर रहना दुश्वार हो गया।
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बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा
शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजीव सिंह के अनुसार गर्मी का सीजन सेहत के लिहाज से वैसे ही ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन अब उमस भी हो रही है और ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। राह चलते चक्कर आने और मितली महसूस होने पर यह मानकर चलें कि गर्मी ने शरीर पर हमला किया है। उनका कहना है कि हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण दिखते ही धूप में बाहर निकलने के बजाय घर में रहकर आराम करें। कामकाजी और नौकरीपेशा लोग ज्यादा समय घर पर नहीं बिता सकते। इसलिए विवशता में बाहर निकलना हो तो भरपूर पानी पीकर जाएं और पानी की बोतल साथ रखने की आदत बना लें। इसके साथ ही सिर पर गमछा बांधें और जरूरत पड़ने पर भी उसे भी पानी से तर करके सिर पर लपेटें। इन दिनों पानी की कमी शरीर का तापमान बढ़ाने के साथ गुर्दों में संक्रमण भी पैदा कर सकती है। रक्तचाप और हृदय के रोगियों के लिए ज्यादा पानी पीना नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए वह अपने डॉक्टर के संपर्क में बने रहें और उनकी सलाह से ही कोई एहतियाती कदम उठाएं।
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जन सामान्य की बात
पिछले कुछ दिन से इतनी गर्मी पड़ रही है कि घर के अंदर रहना कठिन हो रहा है। किचन में खाना पकाते वक्त पंखा चलने पर पसीना सुखाने में मदद मिलती है, लेकिन बत्ती गुल होने पर खाना पकाने से लेकर गृहस्थी के अन्य काम प्रभावित होते हैं।
-पूनम देवी
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मेरा घर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में होने के कारण गर्मी के दिनों में बिजली के बगैर काम करना किसी सजा से कम नहीं होता। बिजली विभाग गर्मी के सीजन को ध्यान में रखकर लाइनों में जरूरी सुधार पहले करा ले तो ठीक होगा।
-सरिता गुप्ता
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होली और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले पावर कॉरपारेशन के अभियंता लाइनों के रखरखाव को विशेष अभियान चलाने का दावा करते हैं, लेकिन गर्मी में जब बिजली के बगैर काम नहीं चलता, तभी लाइनों में खराबियां पैदा होने लगती हैं।
-सोनू अरोड़ा
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हर साल गर्मी में बिजली नेटवर्क में खराबियां पैदा होने पर विभागीय अभियंता ओवरलोडिंग का बहाना शुरू कर देते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान नहीं देते। इन दिनों पानी की खपत बढ़ जाती है, लेकिन बिजली गुल होने पर पानी भी नहीं मिलता है।
-अमित कुमार
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एक सप्ताह से दिन में धूप के साथ बादल छाए रहने से उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण रात में आर्द्रता से हवा ठंडी होने पर थोड़ा सुकून मिल रहा था, लेकिन अब वातावरण में नमी का स्तर घटने और बारिश नहीं होने से रात में भी पारा लगातार उछल रहा है। बुधवार की रात भी न्यूनतम तापमान लगातार पांचवें दिन 0.4 डिग्री उछलकर 31.2 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु पर पहुंच गया। इससे लोगों को रात में चैन की नींद भी नहीं मिल रही और अगले दो दिन तक गर्मी के प्रकोप से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। उमस भरी भीषण गर्मी के दौर में बिजली फाल्ट जन सामान्य के लिए मुसीबत बन गए हैं। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में हीट स्ट्रोक से बीमार पड़ने की आशंका बढ़ रही है और इससे बचने के लिए लोगों को जरूरी एहतियाती उपाय करने होंगे।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दिन और रात के तापमान में अंतर पिछले 72 घंटे से कम हो रहा है और इसीलिए रात में उमस और दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि बादल छाए रहने के कारण बीते दिन की तुलना में धूप कम निकली और इसीलिए बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री घटकर 39 डिग्री सेल्सियस रह गया, लेकिन रात में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण दिन के तापमान में गिरावट से भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी।
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मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वायुदाब स्थिर नहीं होने से पश्चिमी विक्षोभ बार-बार कमजोर पड़ रहा है और इसीलिए अगले दो दिन तक बारिश होने के कोई आसार नहीं होने के कारण तापमान में वृद्धि भी जारी रहेगी।
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गत वर्ष के सापेक्ष रात का तापमान (डिग्री सेल्सियस)
दिनांक वर्ष 2020 वर्ष 2021
27 जून 26.6 26.7
28 जून 27.8 27.9
29 जून 23.6 27.8
30 जून 25.4 30.8
01 जुलाई 27.8 31.2
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ट्रॉली की टक्कर से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त, गुल हुई बत्ती
शाहजहांपुर। गर्रा नदी से बालू खनन करके ले जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक ने बृहस्पतिवार को सुबह लोहारों का चौराहा पर लगे ट्रांसफार्मर के डबल पोल में टक्कर मार दी। इससे ट्रांसफार्मर समेत पोल क्षतिग्रस्त हो गया। तड़के करीब 3.30 बजे हुए इस फाल्ट के कारण ककरा कलां और आनंदपुरम फीडर से जुड़े विभिन्न इलाकों के लगभग 1500 घरों की बत्ती गुल हो गई। सुबह करीब आठ बजे फाल्ट ठीक हो सका।
इस दौरान ककरा कलां, ककरा खुर्द, मदराखेल, तिलहरजई, अलीजई (आंशिक), आनंदपुरम कालोनी, आजादपुरम, विवेक विहार, लोहारों का चौराहा, विश्वकर्मा चौक, सिंजई (आंशिक) आदि क्षेत्रों में भीषण गर्मी और उमस के चलते लोगों का बिजली के बगैर रहना दुश्वार हो गया।
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बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा
शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजीव सिंह के अनुसार गर्मी का सीजन सेहत के लिहाज से वैसे ही ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन अब उमस भी हो रही है और ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। राह चलते चक्कर आने और मितली महसूस होने पर यह मानकर चलें कि गर्मी ने शरीर पर हमला किया है। उनका कहना है कि हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण दिखते ही धूप में बाहर निकलने के बजाय घर में रहकर आराम करें। कामकाजी और नौकरीपेशा लोग ज्यादा समय घर पर नहीं बिता सकते। इसलिए विवशता में बाहर निकलना हो तो भरपूर पानी पीकर जाएं और पानी की बोतल साथ रखने की आदत बना लें। इसके साथ ही सिर पर गमछा बांधें और जरूरत पड़ने पर भी उसे भी पानी से तर करके सिर पर लपेटें। इन दिनों पानी की कमी शरीर का तापमान बढ़ाने के साथ गुर्दों में संक्रमण भी पैदा कर सकती है। रक्तचाप और हृदय के रोगियों के लिए ज्यादा पानी पीना नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए वह अपने डॉक्टर के संपर्क में बने रहें और उनकी सलाह से ही कोई एहतियाती कदम उठाएं।
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जन सामान्य की बात
पिछले कुछ दिन से इतनी गर्मी पड़ रही है कि घर के अंदर रहना कठिन हो रहा है। किचन में खाना पकाते वक्त पंखा चलने पर पसीना सुखाने में मदद मिलती है, लेकिन बत्ती गुल होने पर खाना पकाने से लेकर गृहस्थी के अन्य काम प्रभावित होते हैं।
-पूनम देवी
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मेरा घर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में होने के कारण गर्मी के दिनों में बिजली के बगैर काम करना किसी सजा से कम नहीं होता। बिजली विभाग गर्मी के सीजन को ध्यान में रखकर लाइनों में जरूरी सुधार पहले करा ले तो ठीक होगा।
-सरिता गुप्ता
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होली और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले पावर कॉरपारेशन के अभियंता लाइनों के रखरखाव को विशेष अभियान चलाने का दावा करते हैं, लेकिन गर्मी में जब बिजली के बगैर काम नहीं चलता, तभी लाइनों में खराबियां पैदा होने लगती हैं।
-सोनू अरोड़ा
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हर साल गर्मी में बिजली नेटवर्क में खराबियां पैदा होने पर विभागीय अभियंता ओवरलोडिंग का बहाना शुरू कर देते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान नहीं देते। इन दिनों पानी की खपत बढ़ जाती है, लेकिन बिजली गुल होने पर पानी भी नहीं मिलता है।
-अमित कुमार