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नालों की सफाई के दावे की पहली बारिश में खुली पोल

Sun, 13 Jun 2021 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 12:27 AM IST
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Civic Amenities
शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से बरसात से पहले नाले-नालियों की सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। अब तक लगभग 90 प्रतिशत काम भी करवा लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद शहर के विभिन्न स्थानों पर जलभराव की समस्या पैदा हो रही है। नगर निगम कार्यालय परिसर में ही बरसात का पानी भर जाता है, जबकि यहां पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि नालों की सफाई होने से जलभराव की स्थिति में काफी हद तक सुधार हुआ है।
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नाले-नालियों की सफाई के लिए शहर को पांच सफाई जोन में बांटा गया है। सभी जोन में एक सफाई एवं स्वास्थ्य निरीक्षक की नियुक्ति की गई है। पिछले दो-तीन दिनों में हुई बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। नालों की सफाई के बावजूद सड़कों, गलियों और घरों में गंदा पानी भर रहा है। शनिवार को भी टाउनहाल, गोविंदगंज, लाल इमली चौराहा, जलालनगर, लोदीपुर, अलीजई आदि इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सफाई कार्य के लिए लगाए गए 200 कर्मचारी
शहर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 90 नाले हैं, जिनकी सफाई के लिए आउटसोर्सिंग माध्यम से 200 कर्मचारियों को लगाया गया। प्रत्येक कर्मचारी को दस हजार रुपये वेतन के हिसाब से एजेंसी को भुगतान किया जाता है। इस तरह से 20 लाख रुपये महीना खर्च किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि कर्मचारियों को वेतन दिए जाने के लिए ही बजट खर्च मिलता है। नालों की सफाई का काम नगर निगम को अलग से कोई बजट नहीं मिलता है। अपने संसाधनों से कार्य को संपन्न कराया जाता है।
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72 घंटे से ज्यादा पानी भरा रहने की स्थिति में निकाला जाता है समाधान
बारिश होने पर आधे-एक घंटे में पानी निकल जाने पर नगर निगम जलभराव की समस्या नहीं मानता। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी गौतम के मुताबिक 72 घंटे के बाद भी बरसात का पानी नहीं निकलने पर जलभराव की समस्या मानी जाती है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हमेशा से चली आ रही है। जिससे निजात के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है।

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नाले-नालियों की सफाई ठीक से नहीं हो पाती है। जिसकी वजह से बारिश होने पर पानी उफनाकर सड़कों पर भरता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- प्रभात वर्मा
नगर निगम की टीम आती है और थोड़ी देर काम करके चली जाती है। जरा सी बारिश में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। नाले-नालियों की सफाई के दावे हवा-हवाई साबित होते हैं।
- संतोष राठौर
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