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बारिश में बदहाल हुआ लिपुलेख-भिंड राष्ट्रीय राजमार्ग

Tue, 25 Aug 2020 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 01:19 AM IST
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Civic Amenities
शाहजहांपुर। उत्तर-मध्य भारत की सैन्य छावनियों को चीन सीमा से जोड़ने वाले सामरिक महत्व के लिपुलेख-भिंड राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-730 सी) की लंबे समय से मरम्मत नहीं कराए जाने से बारिश में दुर्दशा का शिकार होने लगा है। फर्रुखाबाद की ओर से जिले की सीमा में आने वाले हाईवे पर अल्हागंज से लेकर जलालाबाद तक गड्ढों की भरमार है। जलालाबाद क्षेत्र में इसी हाईवे पर बझेड़ा की जर्जर पुलिया एक्सीडेंट जोन में तब्दील हो चुकी है। शाहजहांपुर से इसी हाईवे पर बीसलपुर की ओर बढ़ने पर बलेली से निगोही और निगोही से जिंदपुरा के बीच की सड़क खस्ताहाल हो चुकी है।
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वाहन चालकों के लिए काल बना जर्जर हाईवे
अल्हागंज। यह हाईवे जलालाबाद तक बेशुमार गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए खतरनाक हो गया है। कुछ जगह तो सड़क पूरी तरह गड्ढों में बदल चुकी है। वाहन को सुरक्षित निकालने के प्रयास में कई बार वाहन चालक उल्टी दिशा में चले जाते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं। क्षेत्र के गांव गोरा से लेकर हुल्लापुर तक और रामगंगा पुल के दोनों तरफ सड़क गड्ढों में बदल गई है। इसी तरह सुगसुगी गांव के पास तारकोल सहित गिट्टी बजरी उखड़ी पड़ी है। लोक निर्माण विभाग अभी तक केवल पैच वर्क कराता रहा लेकिन नेशनल हाईवे घोषित होने के बाद यह काम भी बंद हो गया। रामगंगा पुल के दूसरी तरफ थाना क्षेत्र राजेपुर, फर्रुखाबाद के गांव जैनापुर के पास सड़क कई जगह फट चुकी है और वहां वाहनों के एक्सेल टूटना और टायर पंक्चर होना आम बात है।
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जर्जर बझेड़ा पुलिया हुई खतरनाक
जलालाबाद। हाईवे पर याकूबपुर तिराहे से अल्हागंज तक सड़क गायब होकर गड्ढों में बदल चुकी है। गड्ढों से बचने के प्रयास में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बड़े वाहनों के लिए यहां से होकर गुजरना किसी सजा से कम नही है। याकूबपुर तिराहे से दो किमी दूर अल्हागंज की ओर गांव बझेड़ा के सामने वाली पुलिया काफी संकरी और क्षतिग्रस्त है। पुलिया के दोनों तरफ की रेलिंग टूट चुकी है, साथ ही वाहन फंसने से आए दिन जाम लगता है। याकूबपुर तिराहे पर इस हाइवे में कटरा बिल्हौर स्टेट हाईवे और कुछ आगे चलने पर कोला मोड़ पर बदायूं दिल्ली वाला रोड भी मिल जाता है। इससे नेशनल हाइवे पर रात दिन वाहनों का रेला लगा रहता है। शाहजहांपुर की ओर बढ़ने पर उबरिया मंदिर तक कई जगह रोड के किनारे कट जाने से गड्ढे हो गए हैं।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हाईवे
निगोही। हाईवे की सामरिक दृष्टि से बहुत अहमियत है क्योंकि लिपुलेख चीन सीमा के बिल्कुल नजदीक है। सन 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध के दौरान सीमा पर सैनिकों को पहुंचाने के लिए यह मार्ग बनाया गया था। दो वर्ष पहले डबल लेन के इस हाईवे पर बजरी-कोलतार की एक परत बिछाने का काम शुरू हुआ। यह कार्य गुरगवां तक हो सका कि हाईवे को फोर लेन किए जाने की स्वीकृति मिली और मरम्मत का काम रोक दिया गया। तब से रोड कई स्थानों पर खराब हो चुका है। कस्बे के हमजापुर चौराहा सहित क्षेत्र के गांव गुरगवां, कजरी नूरपुर, राघवपुर सिकंदरपुर, संडा खास, पिपरिया उदयभानपुर और ऊनकलां तक जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। वर्तमान में चीन से सीमा विवाद के कारण इस मार्ग की अहमियत फिर बढ़ गई है। कस्बे के निकट हमजापुर के श्यामा फिलिंग स्टेशन के सामने, संडा खास, पिपरिया, राघवपुर, सिकंदरपुर, कजरी नूरपुर, गुरगवां, ऊनकलां के पास हाईवे वाहन दौड़ाने लायक नहीं रहा। बीसलपुर मेें इसी हाईवे से मिले बरेली रोड पर भी कई जगह जानलेवा गड्ढे बन गए हैं।
जलालाबाद से फर्रुखाबाद तक आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया है। बझेड़ा वाली पुलिया से होकर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है, लेकिन उसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
-विमल गुप्ता, याकूबपुर तिराहा (जलालाबाद)
मुझे जब कभी अल्हागंज से जलालाबाद की तरफ्र जाना होता है तो यह समझ में नहीं आता है कि वाहन को किस साइड में रखकर चलाएं। गड्ढों में वाहन के जाने से पेट दुखने लगता है।
-रवि सिंह, मोहल्ला पछौआ (अल्हागंज)
निगोही क्षेत्र के खनंका पुल से लेकर गांव गुरगवां के बीच 15 किमी तक कोलतार लेपन कार्य नहीं कराने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है। मार्ग पर बने गड्ढों से आए दिन दुर्घटना होती है।
-संदीप सिंह, ग्राम धुल्लिया (निगोही)
किसी काम से शाहजहांपुर या फिर बीसलपुर की ओर जाने से पहले दस बार सोचना पड़ता है। हाईवे पर गड्ढे इतने ज्यादा हो गए हैं कि थोड़ी दूर चलने पर वाहन को मजबूरी में ब्रेक लगाना पड़ता है।

-रियासत अली, ग्राम प्रधान निगोही
यह हाईवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए जाने के बाद अब इसकी मरम्मत का काम एनएचएआई की बरेली शाखा को कराना है। लिपुलेख-भिंड हाईवे अभी 10.5 मीटर चौड़ा है। एनएचएआई को यह रोड चौड़ा भी करना है। हाईवे अथॉरिटी और कार्यदायी संस्था के अधिकारी इस काम में लापरवाही बरत रहे हैं।
-ओपी वर्मा, एक्सईएन, लोनिवि (प्रांतीय खंड)
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