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Shahjahanpur News: शहर की सड़कें बनीं तालाब, खेतों में धान की फसल बिछी
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खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद
- फोटो : credit
शाहजहांपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात के असर से बुधवार शाम अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा और गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश रातभर रुक-रुककर होती रही। करीब 60 मिलीमीटर बारिश से शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव हो गया। फैक्टरी स्टेट, खिरनीबाग और ओसीएफ रामलीला मैदान भी पानी से भर गए। खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई, जबकि कटकर पड़े धान के भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई। रोजा मंडी में भी हजारों क्विंटल धान बारिश की चपेट में आ गया। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
बुधवार रात करीब नौ बजे बिजली कड़कने और बादल गरजने के साथ तेज हवा चली और बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बाद बारिश थम गई, लेकिन रात 12 बजे के बाद बारिश फिर शुरू हो गई। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न तक रुक-रुककर बारिश होती रही।
इससे टाउनहाल स्थित कवि तिराहा, पुराने नगर निगम परिसर, शहीद पार्क के सामने, रोडवेज-रेलवे क्रॉसिंग, लाल इमली चौराहा से कटियाटोला जाने वाली सड़क, राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर और पुलिस चौकी के पास, अंटा चौराहा, सिंजई, रंगीन चौपाल, बारादरी, महमंद हद्दफ, मोहम्मदजई, लाल इमली चौराहा से घंटाघर जाने वाली सड़क, मंदिराखेल, ताजूखेल और महमंद जंगला समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सुबह लोगों को जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ा।
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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
बारिश से खेतों में पानी भर गया। कई जगह तेज हवा के कारण पककर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में कटकर पड़े धान के भीगने से भी नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत और लागत लगी है। खेतों में पानी अधिक समय तक रहने और बारिश जारी रहने पर नुकसान बढ़ सकता है। गिरी हुई फसल को संभालने और कटाई में अतिरिक्त मेहनत व खर्च भी आएगा।
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रोजा मंडी में हजारों क्विंटल धान बारिश की भेंट चढ़ा
रोजा मंडी समिति परिसर में बारिश का पानी भरने से व्यापारियों का खरीदा हुआ और मंडी में बिक्री के लिए लाया गया हजारों क्विंटल धान भीग गया। जलभराव के कारण ट्रॉलियों के आवागमन में भी परेशानी आई। व्यापारियों ने बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
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किसानों ने कहा-बारिश से काफी नुकसान हुआ
किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। सरकार को सर्वे कराकर मुआवजा दिलाना चाहिए।
- नरेश चंद्र, रामपुर नवदिया, खुदागंज
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बुधवार रात हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है।
- हरेंद्रपाल सिंह, जैतीपुर
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असमय बारिश और ओलावृष्टि से पकी फसल की बालियां झड़ गईं हैं। किसान बर्बाद हो गया है।
- संजीव कुमार सिंह, महमूदापुर, जैतीपुर
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लगभग 11 बीघा खेत में धान की फसल लगाई थी। बारिश के कारण फसल को बहुत नुकसान पहुंचा है।
-ओमप्रकाश, साहूकारा, खुदागंज
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धान के साथ ही सब्जियों को भी नुकसान
कृषि रक्षा अधिकारी संजय यादव ने बताया कि 12 घंटों से अधिक लगातार बारिश हुई है। कुछ दिन पहले हुई बारिश से धान और गन्ने की फसल गिर गई थी जो अब तक सीधी नहीं हो पाई है। पानी में भीगने से फसल के सड़ने और उसमें फंगस लगने की समस्या पैदा हो सकती है। गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। लौकी, तोरई, कद्दू, करेला, धनिया, मिर्च आदि की फसलें लगभग बर्बाद हो गईं हैं। अगर बारिश और होती है तो नुकसान बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों में भरा पानी जल्द से जल्द निकलवाएं ताकि फसल को बचाया जा सके।
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न्यूनतम तापमान में चार डिग्री से अधिक की गिरावट, फिर बारिश के आसार
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान बुधवार की तुलना में बराबर रहा जबकि न्यूनतम में 4.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। उन्होंने बताया कि वायुदाब 15 मिलीबार गिरा हुआ है। इससे फिर बारिश होने के आसार बन रहे हैं। तापमान में भी गिरावट होने की संभावना है।
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कराया जाएगा सर्वे : एडीएम
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि पहले हुई बारिश के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। बुधवार रात और बृहस्पतिवार को हुई बारिश से फसलों के नुकसान का भी सर्वे कराया जाएगा।
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दोपहर तक अधिकांश इलाकों से जलभराव कम हो गया था। जहां पर पानी भरा हुआ है, उसे पंप के जरिये निकलवाया जा रहा है।
-सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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बुधवार रात करीब नौ बजे बिजली कड़कने और बादल गरजने के साथ तेज हवा चली और बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बाद बारिश थम गई, लेकिन रात 12 बजे के बाद बारिश फिर शुरू हो गई। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न तक रुक-रुककर बारिश होती रही।
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इससे टाउनहाल स्थित कवि तिराहा, पुराने नगर निगम परिसर, शहीद पार्क के सामने, रोडवेज-रेलवे क्रॉसिंग, लाल इमली चौराहा से कटियाटोला जाने वाली सड़क, राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर और पुलिस चौकी के पास, अंटा चौराहा, सिंजई, रंगीन चौपाल, बारादरी, महमंद हद्दफ, मोहम्मदजई, लाल इमली चौराहा से घंटाघर जाने वाली सड़क, मंदिराखेल, ताजूखेल और महमंद जंगला समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सुबह लोगों को जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ा।
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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
बारिश से खेतों में पानी भर गया। कई जगह तेज हवा के कारण पककर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में कटकर पड़े धान के भीगने से भी नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत और लागत लगी है। खेतों में पानी अधिक समय तक रहने और बारिश जारी रहने पर नुकसान बढ़ सकता है। गिरी हुई फसल को संभालने और कटाई में अतिरिक्त मेहनत व खर्च भी आएगा।
रोजा मंडी में हजारों क्विंटल धान बारिश की भेंट चढ़ा
रोजा मंडी समिति परिसर में बारिश का पानी भरने से व्यापारियों का खरीदा हुआ और मंडी में बिक्री के लिए लाया गया हजारों क्विंटल धान भीग गया। जलभराव के कारण ट्रॉलियों के आवागमन में भी परेशानी आई। व्यापारियों ने बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
किसानों ने कहा-बारिश से काफी नुकसान हुआ
किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। सरकार को सर्वे कराकर मुआवजा दिलाना चाहिए।
- नरेश चंद्र, रामपुर नवदिया, खुदागंज
बुधवार रात हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है।
- हरेंद्रपाल सिंह, जैतीपुर
असमय बारिश और ओलावृष्टि से पकी फसल की बालियां झड़ गईं हैं। किसान बर्बाद हो गया है।
- संजीव कुमार सिंह, महमूदापुर, जैतीपुर
लगभग 11 बीघा खेत में धान की फसल लगाई थी। बारिश के कारण फसल को बहुत नुकसान पहुंचा है।
-ओमप्रकाश, साहूकारा, खुदागंज
धान के साथ ही सब्जियों को भी नुकसान
कृषि रक्षा अधिकारी संजय यादव ने बताया कि 12 घंटों से अधिक लगातार बारिश हुई है। कुछ दिन पहले हुई बारिश से धान और गन्ने की फसल गिर गई थी जो अब तक सीधी नहीं हो पाई है। पानी में भीगने से फसल के सड़ने और उसमें फंगस लगने की समस्या पैदा हो सकती है। गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। लौकी, तोरई, कद्दू, करेला, धनिया, मिर्च आदि की फसलें लगभग बर्बाद हो गईं हैं। अगर बारिश और होती है तो नुकसान बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों में भरा पानी जल्द से जल्द निकलवाएं ताकि फसल को बचाया जा सके।
न्यूनतम तापमान में चार डिग्री से अधिक की गिरावट, फिर बारिश के आसार
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान बुधवार की तुलना में बराबर रहा जबकि न्यूनतम में 4.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। उन्होंने बताया कि वायुदाब 15 मिलीबार गिरा हुआ है। इससे फिर बारिश होने के आसार बन रहे हैं। तापमान में भी गिरावट होने की संभावना है।
कराया जाएगा सर्वे : एडीएम
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि पहले हुई बारिश के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। बुधवार रात और बृहस्पतिवार को हुई बारिश से फसलों के नुकसान का भी सर्वे कराया जाएगा।
दोपहर तक अधिकांश इलाकों से जलभराव कम हो गया था। जहां पर पानी भरा हुआ है, उसे पंप के जरिये निकलवाया जा रहा है।
-सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit

खुदागंज में पानी से खराब हुई फसल दिखाता किसान रमेश। संवाद- फोटो : credit