भावलखेड़ा। सरकार ने योजनाएं तो बहुत चलाईं लेकिन उनको लाभ गरीबन तक नहीं पहुंच पाओ। प्रशासनिक अधिकारियन ने बस अपनो पेट भरो और गरीब जनता की ओर ध्यान नहीं दिया। छुट्टा मवेशी किसान की फसल खा गए। यह कहना है ग्राम पंचायत मिश्रीपुर में चुनावी चौपाल के दौरान चिरौंजी लाल वर्मा का। ददरौल विधानसभा की ग्राम पंचायत मिश्रीपुर में हुई चुनावी चर्चा के दौरान मिलीजुली प्रतिक्रिया आई।
चिरौंजी लाल वर्मा ने कहा कि सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान योजनाएं तो बहुत चलाईं लेकिन उनका लाभ गरीब तक नहीं पहुंच पाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों एवं गरीब जनता को गुमराह किया। रूपराम वर्मा ने बताया कि सरकार ने राशन खूब बंटवाओ। हर घर में अनाज पहुंचा। उज्जवला योजना के माध्यम से रसोई गैस आई। प्रत्येक व्यक्ति लाभान्वित हुआ। अजय मिश्रा ने कहा कि सरकारी योजनाओं को प्रशासनिक लापरवाही का ग्रहण लग गया। योजनाओं के माध्यम से सरकार ने जो बजट भेजा, वह आधे से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी खा गए। गरीब जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाया। इस चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सौरभ वर्मा ने कहा कि सरकार ने कोई भी ऐसी योजना नहीं चलाई जिससे नौजवानों को लाभ मिल सके। उन्हें न तो रोजगार मिला और न ही सरकारी नौकरी। पढ़े-लिखे युवा रोजगार पाने को भटकते रहे। जनप्रतिनिधियों ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया। विवेक मिश्रा सरकार के कामकाज से संतुष्ट दिखे। बुल्ले खां का कहना था कि गांव की ओर जाने वाले मार्गों को उसी दशा में छोड़ दिया गया जो पूर्व में थे। आवागमन में लोगों को भारी परेशानी हुई। इस बार जो प्रत्याशी वोट मांग रहे हैं, उन्हें रोड दिखाएंगे और उनसे पूछेंगे कि विकास कार्य क्यों नहीं हुए। साजिद खान ने कहा कि सरकार कहती थी कि किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी, लेकिन छुट्टा पशुओं ने किसानों की आय खत्म ही कर दी। चुनावी चर्चा के दौरान ग्राम पंचायत मिश्रीपुर में जमकर बहस हुई। कुछ लोग सरकार के पक्ष में थे तो कुछ लोग सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन न होने से नाराज नजर आए।