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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: पुरानी यादें ताजा हुईं तो झलक आयीं भइया-बहन की आंखें
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शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के आरोप में जेल में बंद छात्रा का भाई भइया दूज कराने जेल पहुंचा तो पुरानी यादें ताजा हो गईं। भाई-बहन दोनों की आंखों आंसू छलक आए। भाई ने हिम्मत बंधाते हुए जल्द जेल से रिहा कराने का भरोसा दिया।
पूर्व गृह राज्यमंत्री से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में एलएलएम की छात्रा 25 सितंबर से जेल में बंद है। यह मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से जेल प्रशासन ने भइया दूज पर चिन्मयानंद और छात्रा को लेकर पहले से तैयारी कर रखी थी। छात्रा को उसके भाई से किस समय मिलवाया जाएगा। ये भी पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे जेल गेट पर भइया दूज करने वाली महिलाओं की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। बंदियों से बहनों की मिलाई का सिलसिला लगभग नौ बजे से शुरू हुआ। सुबह लगभग 10 बजे छात्रा से मिलने उसका भाई, पिता और छोटी बहन के साथ जेल गेट पर पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर जेल प्रशासन ने उन्हें छात्रा से मिलने की अनुमति दे दी। बंदी रक्षकों के साथ तीनों जेल परिसर में पहुंचे। जहां भाई-बहन ने एक-दूसरे को देखा तो पुराने दिनों की याद करके दोनों सुबकने लगे। पिता के समझाने पर दोनों ने हिम्मत बांधी। छात्रा ने भाई के माथे टीका लगाकर लंबी उम्र की कामना दी। तो भाई ने जेल से जल्द रिहा कराने का वायदा किया। इसके बाद छात्रा ने पिता व छोटी बहन से बातचीत की और मां काहाल जाना। चारों ने केस को लेकर भी आपस में कानूनी पहलुओं को लेकर चर्चा की। छात्रा को समझाया कि हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र पर छह नवंबर को बहस होगी। उम्मीद जताई कि इस बार जमानत मंजूर हो जाएगी।
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पूर्व गृह राज्यमंत्री से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में एलएलएम की छात्रा 25 सितंबर से जेल में बंद है। यह मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से जेल प्रशासन ने भइया दूज पर चिन्मयानंद और छात्रा को लेकर पहले से तैयारी कर रखी थी। छात्रा को उसके भाई से किस समय मिलवाया जाएगा। ये भी पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे जेल गेट पर भइया दूज करने वाली महिलाओं की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। बंदियों से बहनों की मिलाई का सिलसिला लगभग नौ बजे से शुरू हुआ। सुबह लगभग 10 बजे छात्रा से मिलने उसका भाई, पिता और छोटी बहन के साथ जेल गेट पर पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर जेल प्रशासन ने उन्हें छात्रा से मिलने की अनुमति दे दी। बंदी रक्षकों के साथ तीनों जेल परिसर में पहुंचे। जहां भाई-बहन ने एक-दूसरे को देखा तो पुराने दिनों की याद करके दोनों सुबकने लगे। पिता के समझाने पर दोनों ने हिम्मत बांधी। छात्रा ने भाई के माथे टीका लगाकर लंबी उम्र की कामना दी। तो भाई ने जेल से जल्द रिहा कराने का वायदा किया। इसके बाद छात्रा ने पिता व छोटी बहन से बातचीत की और मां काहाल जाना। चारों ने केस को लेकर भी आपस में कानूनी पहलुओं को लेकर चर्चा की। छात्रा को समझाया कि हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र पर छह नवंबर को बहस होगी। उम्मीद जताई कि इस बार जमानत मंजूर हो जाएगी।
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