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ब्रह्मकुमारी बहनों ने जेल में चिन्मयानंद को लगाया लंबी उम्र का तिलक
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शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को भइया दूज पहली बार जेल में मनानी पड़ी। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से जुड़ी दो ब्रह्मकुमारी बहनों ने जेल में जाकर चिन्मयानंद के माथे पर तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र की कामना की। जिला जेल प्रशासन के मुताबिक ब्रह्मकुमारी बहनों के अलावा मंगलवार को अन्य कोई चिन्मयानंद से मिलने नहीं पहुंचा।
एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में 20 सितंबर से चिन्मयानंद जेल में बंद है। ब्रह्मकुमारी बहनें चरिता और विनीता मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे जिला कारागार पहुंचीं। जहां जेल प्रशासन की इजाजत मिलने के बाद दोनों ने जेल में प्रवेश किया। इसके बाद चिन्मयानंद से मिलकर उनके माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाई और उनकी लंबी उम्र की कामना। चिन्मयानंद के जीवन की यह पहली भइयादूज रही, जो जेल में मनानी पड़ है। ब्रह्मकुमारी बहनों ने भइयादूज करने के बाद चिन्मयानंद से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा।
एक समर्थक ने बताया कि इससे पहले चिन्मयानंद हरिद्वार स्थित आश्रम और कभी-कभार शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम में दिवाली और भइया दूज मनाते रहे हैं। ज्यादातर त्योहारों पर चिन्मयानंद हरिद्वार में रहते थे। हरिद्वार में उनकी भइयादूज ब्रह्मकुमारी बहनें करती थीं।
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एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में 20 सितंबर से चिन्मयानंद जेल में बंद है। ब्रह्मकुमारी बहनें चरिता और विनीता मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे जिला कारागार पहुंचीं। जहां जेल प्रशासन की इजाजत मिलने के बाद दोनों ने जेल में प्रवेश किया। इसके बाद चिन्मयानंद से मिलकर उनके माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाई और उनकी लंबी उम्र की कामना। चिन्मयानंद के जीवन की यह पहली भइयादूज रही, जो जेल में मनानी पड़ है। ब्रह्मकुमारी बहनों ने भइयादूज करने के बाद चिन्मयानंद से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा।
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एक समर्थक ने बताया कि इससे पहले चिन्मयानंद हरिद्वार स्थित आश्रम और कभी-कभार शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम में दिवाली और भइया दूज मनाते रहे हैं। ज्यादातर त्योहारों पर चिन्मयानंद हरिद्वार में रहते थे। हरिद्वार में उनकी भइयादूज ब्रह्मकुमारी बहनें करती थीं।
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