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चिन्मयानंद को बचाने के लिए हो रहा सत्ता का दुरुपयोग: वृंदा करात
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शाहजहांपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात और जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सुभाषिनी अली ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चिन्मयानंद को बचाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाकपा नेता ने गुरुवार को चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली और खुद उनसे फिरौती मांगने के आरोप में जेल में बंद छात्रा से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में उसका साथ देने को कहा। इसके बाद दोनो नेताओं ने एसआईटी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाने और छात्रा के हॉस्टल के कमरे से साक्ष्यों को गायब करने का आरोप लगाते हुए कॉलेज प्रशासन पर रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की ।
एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया और उसने दिल्ली में जो तहरीर दी उसको एसआईटी के पास भेज दिया गया। इसके बाद भी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, बल्कि उससे हल्की धारा लगाई गई। इससे साफ जाहिर है कि आरोपी को बचाने का प्रयास हो रहा है और छात्रा को फिरौती के आरोप में जेल भेजकर उसका व उसके परिवार का मनोबल तोड़ा जा रहा है। इस तरह से तो कोई भी पीड़ित महिला अपनी आवाज नहीं उठा पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी मंशा तो स्वामी चिन्मयानंद पर पहले से दर्ज दुष्कर्म के मामले को खत्म करने का प्रयास करके जता चुकी है। उन्होंने छात्रा की तहरीर पर यथोचित धाराओं में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करने और हॉस्टल के कमरे से गायब किए गए साक्ष्यों पर कॉलेज प्रशासन पर उंगली उठाते हुए मामला दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इससे पहले भाकपा नेता वृंदा करात ने छात्रा के वकील से बात कर केस को समझा। फिर वह 11:33 बजे जेल में बंद पीड़ित छात्रा से मिलने पहुंचीं। जेल में लगभग एक घंटे की मुलाकात के बाद वह जजी कचहरी में छात्रा की वकील के पास मौजूद जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सुभाषिनी अली व उनकी टीम की महिला पदाधिकारियों के साथ पुलिस लाइन स्थित एसआईटी के कैंप कार्यालय पहुंची और यहां मौजूद एसआईटी की सदस्य भारती सिंह को एसआईटी प्रभारी नवीन अरोरा को संबोधित पत्र सौंपा। वह पीड़ित छात्रा के वकीलों से भी मिलीं।
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एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया और उसने दिल्ली में जो तहरीर दी उसको एसआईटी के पास भेज दिया गया। इसके बाद भी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, बल्कि उससे हल्की धारा लगाई गई। इससे साफ जाहिर है कि आरोपी को बचाने का प्रयास हो रहा है और छात्रा को फिरौती के आरोप में जेल भेजकर उसका व उसके परिवार का मनोबल तोड़ा जा रहा है। इस तरह से तो कोई भी पीड़ित महिला अपनी आवाज नहीं उठा पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी मंशा तो स्वामी चिन्मयानंद पर पहले से दर्ज दुष्कर्म के मामले को खत्म करने का प्रयास करके जता चुकी है। उन्होंने छात्रा की तहरीर पर यथोचित धाराओं में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करने और हॉस्टल के कमरे से गायब किए गए साक्ष्यों पर कॉलेज प्रशासन पर उंगली उठाते हुए मामला दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इससे पहले भाकपा नेता वृंदा करात ने छात्रा के वकील से बात कर केस को समझा। फिर वह 11:33 बजे जेल में बंद पीड़ित छात्रा से मिलने पहुंचीं। जेल में लगभग एक घंटे की मुलाकात के बाद वह जजी कचहरी में छात्रा की वकील के पास मौजूद जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सुभाषिनी अली व उनकी टीम की महिला पदाधिकारियों के साथ पुलिस लाइन स्थित एसआईटी के कैंप कार्यालय पहुंची और यहां मौजूद एसआईटी की सदस्य भारती सिंह को एसआईटी प्रभारी नवीन अरोरा को संबोधित पत्र सौंपा। वह पीड़ित छात्रा के वकीलों से भी मिलीं।
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