रचनात्मक संस्था संकल्प के बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन उसी ठाठ-बाट से किया गया, जैसा कभी शुरू किया गया होगा। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती को मूर्खाधिराज की पदवी से नवाजा गया। एसपी कॉलेज में देर शाम हुए महामूर्ख सम्मेलन में होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. संगीता मोहन, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्रवण कुमार मिश्र और सुनील अग्निहोत्री को मूर्ख शिरोमणि, संकल्प संस्था के संस्थापक डॉ. अवधेश मणि त्रिपाठी को मूर्ख संस्थापक, डॉ. इंदु अजनबी को मूर्ख संचालक और इस अवसर पर अतिथि हास्य कवि केके अग्निहोत्री और अमरेंद्र चौहान को बज्र मूर्ख की उपाधि से नवाजा गया। अपने किस्म के अलग इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी चिन्मयानंद ने मूर्खाधिराज के चित्र (शीशा) का अनावरण कर और कछुआ भगाने वाली अगरबत्ती को जलाकर किया। इसके बाद सभी मूर्खों का श्रंगार सब्जियों की माला, उपाधि लिखे कलश और जोकरनुमा कैप पहनाकर किया गया। इस अवसर पर सभी ने अपने जीवन के मूर्खतापूर्ण संस्मरण सुनाकर सभी को लोटपोट किया। अध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व सचिव हिमांशु पाराशरी ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोजन में डॉ. अवनीश मिश्र, डॉ. सुरेश मिश्र, अशोक अग्रवाल, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा, आरके शर्मा, त्रिलोकी नाथ पांडेय, कमल चतुर्वेदी, आशापाल, ज्योति शर्मा, चंद्रवीर गंगू, राकेश पांडेय, अनूप गुप्ता, उपेंद्र नाथ शुक्ल, शोभित गुप्ता, चंद्र भान त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे।