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Chinmayanand Case: दुष्कर्म मामले में चिन्मयानंद फरार घोषित, सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा करने का आदेश

Thu, 15 Dec 2022 10:58 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 15 Dec 2022 10:58 PM IST
सार

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट असमा सुल्ताना ने चिन्मयानंद को फरार मानते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाने का आदेश जारी किया है।

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Chinmayanand declared absconding in misdeed case order to paste notice at public places
आरोपी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिष्या से दुष्कर्म के 11 साल पुराने मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री चिन्मयानंद गुरुवार को कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट असमा सुल्ताना ने चिन्मयानंद को फरार मानते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाने का आदेश जारी किया है। मुकदमे की अगली तारीख 16 जनवरी तय की है।

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अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चिन्मयानंद को 30 नवंबर तक अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बावजूद चिन्मयानंद कोर्ट में नहीं हाजिर हुए। गुरुवार को चिन्मयानंद की ओर से उनके अधिवक्ता कोर्ट में हाजिर हुए। 

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अधिवक्ता के द्वारा चिन्मयानंद ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि वह एक 'कमजोर और बुजुर्ग है, गंभीर बीमारियों के कारण कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं हो पा रहे हैं'। उन्होंने हाईकोर्ट, इलाहाबाद में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया है, जिसकी सुनवाई 19 दिसंबर को होनी है। चिन्मयानंद ने एनबीडब्ल्यू की प्रक्रिया में रियायत देते हुए उपस्थिति के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया। 

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विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना की ओर से इस पर मौखिक आपत्ति दर्ज की गई। अभियुक्त द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। चिन्मयानंद के खिलाफ पहले से ही गैर जमानती वारंट जारी है। पत्रावली पर किसी भी सक्षम न्यायालय का स्थगन आदेश मौजूद नहीं है। पत्रावली में रिपोर्ट लगी है कि चिन्मयानंद लगातार फरार चल रहे हैं। जीडी में दर्ज है कि आरोपी की तलाश में दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिले। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि चिन्मयानंद हरिद्वार गए हुए हैं। अभी तक वापस नहीं आए हैं।

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इस पर अदालत ने सभी तथ्यों के मद्देनजर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत आदेशिकाएं जारी करने का आदेश जारी किया। इसके तहत चिन्मयानंद के निवास स्थान, किसी सार्वजनिक स्थान, न्यायालय आदि स्थानों पर उद्घोषणा की प्रति चस्पा की जाए। आदेश के अनुपालन के लिए एसपी और संबंधित थानाध्यक्ष को आदेशित किया जाए। अदालत ने अग्रिम कार्यवाही के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है।

यह है मामला
चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या ने 2011 में चौक कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 2018 में भाजपा सरकार ने मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन पीड़िता के एतराज पर अदालत ने प्रक्रिया खारिज कर दी थी। चिन्मयानंद के हाजिर न होने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ पहले जमानती फिर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। चिन्मयानंद सुप्रीम कोर्ट गए लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। वहीं पुलिस अब तक चिन्मयानंद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

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