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उगले सूरज को अर्घ्य देकर सम्पन्न हुआ छठ महापर्व
शाहजहांपुर
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:17 AM IST
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छठ महापर्व
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नहाय-खाय से शुरू हुआ छठ पर्व शूक्रवार को सूर्य उदय के साथ संपन्न हो गया। सुहागिनों ने खन्नौत नदी के घाट पर उगते सूरज को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की और 36 घंटे की कठिन तपस्या के बाद व्रत खोला। इससे पहले बृहस्पतिवार को डूबते सूरज को अर्घ्य दिया गया था।
शहर के खन्नौत और गर्रा नदी के घाटों पर पूर्वांचल और बिहार के परिवार शुक्रवार सुबह तड़के ही पहुंच गए। उन्होंने बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर पूजा अर्चना की। नदियों के घाटों पर शुक्रवार सुबह स्नान कर भास्कर देव को दूध-जल, फल और पकवानों के साथ अर्घ्य दिया। अपने परिवार की सुख शांति की कामना की। नदियों के घाटों पर महिलाओं ने कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्योदय की प्रतीक्षा की। सूर्योदय होने पर छठ मइया के गीतों का भजन किया। इस दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा। बिहार और पूर्वांचल के ज्यादातर परिवार उगते सूरज को अर्ध्य देने के लिए खन्नौत घाट पर जमा हुए। भक्तिमय माहौल में छठ मैया को विदा किया गया। महिलाओं ने सूर्य देव से परिवार में सुख-शांति और अपनी संतानों की दीर्घयु की कामना की।
तड़के से ही जुटने लगी खन्नौत घाट पर भीड़
छठ पूर्व के समापन पर उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने के लिए शुक्रवार सुबह से ही खन्नौत नदी के घाट पर भक्तों की भीड़ जुटने लगी। नगर पालिका ने खन्नौत घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था भी कराई थी। छठ पूजा करने पहुंची संजू शर्मा ने बताया कि परिवार के साथ वह सुबह चार बजे खन्नौत के घाट पर पहुंच गई थीं।
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बच्चों के मुंडन भी कराए
पूर्वांचल और बिहार में छठ पूजा उत्सव का विशेष महत्व है। शुक्रवार को कई परिवारों ने छठ पूजा के मौके पर खन्नौत घाट पर बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए। खन्नौत घाट पर इस दौरा मेले जैसा माहौल नजर आया। यहां लोगों ने प्रसाद-फल आदि की दुकानें भी लगाईं।
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शहर के खन्नौत और गर्रा नदी के घाटों पर पूर्वांचल और बिहार के परिवार शुक्रवार सुबह तड़के ही पहुंच गए। उन्होंने बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर पूजा अर्चना की। नदियों के घाटों पर शुक्रवार सुबह स्नान कर भास्कर देव को दूध-जल, फल और पकवानों के साथ अर्घ्य दिया। अपने परिवार की सुख शांति की कामना की। नदियों के घाटों पर महिलाओं ने कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्योदय की प्रतीक्षा की। सूर्योदय होने पर छठ मइया के गीतों का भजन किया। इस दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा। बिहार और पूर्वांचल के ज्यादातर परिवार उगते सूरज को अर्ध्य देने के लिए खन्नौत घाट पर जमा हुए। भक्तिमय माहौल में छठ मैया को विदा किया गया। महिलाओं ने सूर्य देव से परिवार में सुख-शांति और अपनी संतानों की दीर्घयु की कामना की।
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तड़के से ही जुटने लगी खन्नौत घाट पर भीड़
छठ पूर्व के समापन पर उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने के लिए शुक्रवार सुबह से ही खन्नौत नदी के घाट पर भक्तों की भीड़ जुटने लगी। नगर पालिका ने खन्नौत घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था भी कराई थी। छठ पूजा करने पहुंची संजू शर्मा ने बताया कि परिवार के साथ वह सुबह चार बजे खन्नौत के घाट पर पहुंच गई थीं।
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बच्चों के मुंडन भी कराए
पूर्वांचल और बिहार में छठ पूजा उत्सव का विशेष महत्व है। शुक्रवार को कई परिवारों ने छठ पूजा के मौके पर खन्नौत घाट पर बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए। खन्नौत घाट पर इस दौरा मेले जैसा माहौल नजर आया। यहां लोगों ने प्रसाद-फल आदि की दुकानें भी लगाईं।