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कोटे की जांच के नाम पर चल रहा खेल
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 17 Sep 2016 11:38 PM IST
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पुवायां तहसील क्षेत्र में कोटे की जांच के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। कोटे की जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर अधिकारी बयान देते हैं कि कार्रवाई कराई जाएगी, लेकिन कुछ दिन बाद बयान आता है कि जांच में जो गड़बड़ी पाई गई थी, वह भ्रमवश थी। इससे शिकायतकर्ता भी बेहद परेशान हैं। इससे गरीबों को राशन, तेल, चीनी नहीं मिल पा रही है और शासन की मंशा प्रभावित हो रही है। सरकार की सख्ती के बाद भी अधिकारी मनमानी करने पर उतारू हैं।
मामला एक
पहला मामला बंडा के गांव गुनाह खमरिया का है। गांव के तमाम लोग कोटेदार पर वितरण में धांधली छह माह से शिकायतें कर रहें हैं। छह सितंबर को एसडीएम जयपाल सिंह ने कोटेदार के यहां जाकर छापा मारा था और जांच की थी। एसडीएम ने बताया था कि जांच में स्टाक कम पाया गया है। डीएम को कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई है और डीएम के आदेश के बाद कोटेदार पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
कई दिन कार्रवाई नहीं होने पर गांव के लोग एसडीएम से मिले तो उन्होंने गांव के लोगों को फटकार लगा दी। परेशान लोगों ने अब इस मामले में मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और डीएम को पत्र भेजकर कोटेदार और उसे क्लीन चिट दिए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की है। गांव के लोगों का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने पर वह लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
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मामला दो
दूसरा मामला सिंधौली के गांव कमलापुर का है। गांव के लोगों की तमाम शिकायतें मिलने के बाद छह सितंबर को नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मौके पर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में गेहूं, चावल और चीनी आदि तय स्टाक से कम पाई गई थीं। नायब तहसीदार ने वितरण और स्टाक रजिस्टर मांगने पर कोटेदार के पति ने अभद्रता करते हुए अभिलेख दिखाने से इंकार कर दिया था। एनटी ने मामले की सूचना एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने एनटी से रिपोर्ट तलब की थी और बताया था कि कोटेदार के खिलाफ डीएम से अनुमति लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी, इसे मामले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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मामला एक
पहला मामला बंडा के गांव गुनाह खमरिया का है। गांव के तमाम लोग कोटेदार पर वितरण में धांधली छह माह से शिकायतें कर रहें हैं। छह सितंबर को एसडीएम जयपाल सिंह ने कोटेदार के यहां जाकर छापा मारा था और जांच की थी। एसडीएम ने बताया था कि जांच में स्टाक कम पाया गया है। डीएम को कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई है और डीएम के आदेश के बाद कोटेदार पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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कई दिन कार्रवाई नहीं होने पर गांव के लोग एसडीएम से मिले तो उन्होंने गांव के लोगों को फटकार लगा दी। परेशान लोगों ने अब इस मामले में मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और डीएम को पत्र भेजकर कोटेदार और उसे क्लीन चिट दिए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की है। गांव के लोगों का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने पर वह लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
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मामला दो
दूसरा मामला सिंधौली के गांव कमलापुर का है। गांव के लोगों की तमाम शिकायतें मिलने के बाद छह सितंबर को नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मौके पर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में गेहूं, चावल और चीनी आदि तय स्टाक से कम पाई गई थीं। नायब तहसीदार ने वितरण और स्टाक रजिस्टर मांगने पर कोटेदार के पति ने अभद्रता करते हुए अभिलेख दिखाने से इंकार कर दिया था। एनटी ने मामले की सूचना एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने एनटी से रिपोर्ट तलब की थी और बताया था कि कोटेदार के खिलाफ डीएम से अनुमति लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी, इसे मामले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।