{"_id":"578fb26a4f1c1b4423c4b4c1","slug":"change-in-the-fast-unto-death-bhakiyu-of-mortgage-performance","type":"story","status":"publish","title_hn":"आमरण अनशन में बदला भाकियू का धरना-प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आमरण अनशन में बदला भाकियू का धरना-प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:54 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाकियू कार्यकर्ताओं का एसडीएम कार्यालय के सामने चल रहा धरना-प्रदर्शन बुधवार से आमरण अनशन में तब्दील हो गया। अधिकारियों के सुनवाई नहीं करने से मौके पर मौजूद किसानों में नाराजगी देखी गई।
गौरतलब है कि किसानों की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए भाकियू की ओर से एसडीएम को ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि समस्याओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो 12 जुलाई से एसडीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि किसानों की समस्याओं का एसडीएम और सीओ के स्तर से निराकरण हो सकने के बाद भी अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया, मजबूरन भाकियू कार्यकर्ता 12 जुलाई से धरने पर बैठ गए।
किसान बारिश होने के बाद भी धरना प्रदर्शन पर डटे रहे, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी समस्याओं के निराकरण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। इस कारण बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया गया। भाकियू कार्यकर्ता मोहनलाल और रामनरेश आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। महेंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि यदि जल्द ही समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे। इस दौरान सोनपाल सिंह, डीपी यादव, बनवारीलाल यादव, करन सिंह, धनीराम राजपूत, सत्यप्रकाश, रामबहादुर वर्मा, वीरपाल, हरीलाल गौतम आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि किसानों की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए भाकियू की ओर से एसडीएम को ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि समस्याओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो 12 जुलाई से एसडीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि किसानों की समस्याओं का एसडीएम और सीओ के स्तर से निराकरण हो सकने के बाद भी अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया, मजबूरन भाकियू कार्यकर्ता 12 जुलाई से धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
किसान बारिश होने के बाद भी धरना प्रदर्शन पर डटे रहे, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी समस्याओं के निराकरण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। इस कारण बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया गया। भाकियू कार्यकर्ता मोहनलाल और रामनरेश आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। महेंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि यदि जल्द ही समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे। इस दौरान सोनपाल सिंह, डीपी यादव, बनवारीलाल यादव, करन सिंह, धनीराम राजपूत, सत्यप्रकाश, रामबहादुर वर्मा, वीरपाल, हरीलाल गौतम आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन