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ऋषिगंगा में टनल पर काम कर रहे खुटार के शेर सिंह का नहीं चल सका पता

Wed, 10 Feb 2021 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 12:44 AM IST
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chamoli jal pralay
खुटार (शाहजहांपुर)। उत्तराखंड त्रासदी में लापता खुटार के गांव महुआ मैनिया निवासी शेर सिंह का मंगलवार शाम तक कोई पता नहीं चल सका है। समझा जाता है कि वह टनल के अंदर फंसे हो सकते हैं। मंगलवार को शेर सिंह के बुजुर्ग माता-पिता लखीमपुर के लिए रवाना हो गए, जो बुधवार को उत्तराखंड के चमोली जाएंगे।
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उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा में आई जल प्रलय में कई लोगों की मौत हो चुकी है और तमाम लोग लापता हैं। लापता लोगों की सूची में खुटार इलाके के गांव महुआ मैनिया निवासी शेर सिंह का नाम भी शामिल है। मंगलवार सुबह उत्तराखंड जाने की तैयारी में लगे शेर सिंह के पिता दीनदयाल ने बताया कि शेर सिंह (40) की ससुराल लखीमपुर के थाना बेलरायां के गांव कुल्हौरी में है। एक वर्ष पूर्व शेरसिंह ससुराल में रहने चले गए थे। वहीं से गोलू नाम के एक ठेकेदार के साथ शेर सिंह ऋषिगंगा तापीय परियोजना में काम करने चले गये थे।
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ऋषिगंगा में आई जल प्रलय की सूचना परिवार वालों को गांव के लोगों ने दी। इस पर पिता दीनदयाल ने शेर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं लग सका। शेर सिंह की ससुराल के लोग कोई जानकारी नहीं दे सके। संपर्क करने पर ठेकेदार ने बताया कि शेर सिंह काम कर रहा था। अचानक मलबा, पानी आ गया। वह खुद शेर सिंह की तलाश में लगे हैं। मंगलवार सुबह दीनदयाल और उनकी पत्नी कलावती लखमीपुर के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि ठेकेदार गोलू के किसी व्यक्ति के साथ वे बुधवार को ऋषिगंगा के लिए रवाना होंगे।
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चार भाइयों में सबसे बड़े हैं शेर सिंह
पुवायां। शेर सिंह के भाई रंजीत कुमार ने बताया कि वह चार भाई और तीन बहनें हैं। पिता के पास मात्र दो बीघा जमीन होने के कारण पूरा परिवार मजदूरी करता है। शेर सिंह भाई बहनों में सबसे बड़े हैं, जो एक वर्ष पूर्व अपनी ससुराल जाकर रहने लगे थे। वहां एक ठेकेदार के संपर्क में आकर ज्यादा मजदूरी के लालच में शेर सिंह ऋषिगंगा परियोजना में जाकर काम करने चले गए थे।
रंजीत ने बताया कि मजदूरी से भरण पोषण के कारण उन लोगों के पास इतने रुपये भी नहीं हैं कि उत्तराखंड जाकर भाई की तलाश कर सकें। अब उन लोगों को उत्तराखंड सरकार और प्रशासन से ही उम्मीदे हैं। रंजीत ने बताया कि उनके पिता और मां लखीमपुर गए हैं, जहां से वह शेर सिंह के रहने के स्थान की जानकारी करने के बाद उत्तराखंड जा सकते हैं।
हाल जानने नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
पुवायां। रंजीत कुमार ने बताया कि भाई शेर सिंह के लापता होने से पूरा परिवार बेहद दुखी है। गांव के तमाम लोग आकर उन लोगों को सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी उनके यहां नहीं पहुंचा है। एसडीएम का फोन आया था, वह शेर सिंह के बारे में जानकारी ले रहे थे। मंगलवार सुबह दो सिपाही आए और पूछताछ कर लौट गए।

शेर सिंह के भाई रंजीत से बात हुई है। उत्तराखंड शासन से अभी शेर सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। कोई सूचना मिलती है तो शेर सिंह के परिवार को जानकारी दी जाएगी। - दशरथ कुमार, एसडीएम पुवायां
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