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सीबीआई जांच से खुलेगी सच्चाई
खुटार।
Updated Wed, 17 Jun 2015 09:08 PM IST
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किसान मजदूर संगठन के मुखिया वीएम सिंह ने कहा कि पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के मामले में यदि प्रदेश सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है तो केंद्र सरकार को एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी।
किसान नेता वीएम सिंह बुधवार को पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे और उनके पिता सुमेर सिंह से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इसके बाद वह परिवार के लोगों के साथ धरने में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह जगेंद्र सिंह के परिवार के साथ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को परिवार के लोगों की पूरी मदद करने को कहा है।
मीडिया से बात करते हुए किसान नेता ने कहा कि पत्रकार की हत्या के मामले में सरकार का रवैया बेहद खराब है। यदि पत्रकार के मामले में ऐसा हो रहा है तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवार को सांत्वना देने आए हैं। वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश में आम जनता की कोई वैल्यू नहीं है, वैल्यू केवल वोट की है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अखिलेश की बात मान भी ली जाए कि राज्यमंत्री निर्दोष हैं तो उन्हें सीबीआई जांच पर आपत्ति क्यों है। यदि सीबीआई जांच में भी मंत्री दोषी पाए जाएं, जेल भेजे जाएं और सरकार को लगे कि बिना मंत्री के सरकार नहीं चल सकती तो मंत्री से जेल के अंदर से कार्य कराएं।
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वीएम सिंह ने कहा कि सरकार को जनता की ताकत का एहसास नहीं है यही कारण है कि अभी तक जगेंद्र प्रकरण में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जगेंद्र के पत्रकार होने पर उठ रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि टीवी चैनल, डेली न्यूज पेपर के अलावा साप्ताहिक, मासिक पत्रिका सहित सोशल मीडिया पर खबरें लिखने वाला भी पत्रकार है। इस पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। इस दौरान अमरदीप सिंह, अमरजीत सिंह, मनदेव मिश्रा, अमरीश दीक्षित, मनप्रीत सिंह, श्रीकृष्ण वर्मा, गुरनाम सिंह, गुरमुख सिंह आदि मौजूद रहे।
फफक कर रोए सुमेर तो भर आईं वीएम की भी भी आंखे
खुटार। किसान नेता वीएम सिंह जब धरना स्थल पर पहुंचे तो पत्रकार जगेंद्र सिंह के पिता उनके गले लगकर फफक कर रो उठे। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से मंत्री का बचाव कर रही है। सरकार को शोक संतृप्त परिवार के प्रति कोई लगाव नहीं। सुमेर सिंह को रोते देखे वीएम सिंह की भी आंखें भर आईं और उन्होंने आक्रोशित लहजे में कहा कि जनता के हित का ध्यान नहीं रखने वाली सरकार को जनता ही दबाव देगी।
कई माननीय हो सकते हैं बेनकाब!
पुवायां। पत्रकार जगेंद्र प्रकरण का मामला हाईकोर्ट में पहुंचने से जिले के कई नेताओं की धड़कनें बढ़ीं चल रही हैं। यह वे नेता हैं जिन्होंने जगेंद्र सिंह को आगे कर राममूर्ति सिंह वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। इनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं जो मंत्री का खासमखास बनकर उनकी तमाम जानकारियां जगेंद्र सिंह को देकर अपने हित साध रहे थे।
गौरतलब है कि जगेंद्र सिंह की मौत हो जाने के बाद अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने लखनऊ हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल कर रखी है। 16 जून को सुनवाई होने के बाद न्यायालय ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होनी है। इसके साथ ही परिवार के लोग भी धरने के माध्यम से सीबीआई जांच की मांग को लेकर सरकार के ऊपर दबाव बढ़ा रहे हैं। जगेंद्र सिंह की मौत के बाद दर्ज कराई गई हत्या की रिपोर्ट में राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा का भी नाम है।
मामले की पृष्ठभूमि देखें तो पूर्व विधायक देवेंद्रपाल सिंह ने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के कई मामलों की शिकायत सरकार से कर रखी थी और शिकायत की प्रतियां जगेंद्र सिंह को खबर प्रकाशित करने को उपलब्ध कराई थीं, लेकिन अंदरखाने मामला पूरी तरह से उलट है। जानकार बताते हैं कि देवेंद्रपाल सिंह की तरह ही जिले के कुछ और नेता भी राममूर्ति सिंह वर्मा से खुन्नस रखते हैं, लेकिन यह बात अंदर ही अंदर रहती है। ऊपर से राज्यमंत्री के साथ दिखने वाले नेताओं का भी राममूर्ति सिंह के खिलाफ खबरों के प्रकाशन में पूरा हाथ था और यह लोग भी चाहते थे मामला हाईलाइट होने के बाद राममूर्ति सिंह वर्मा का मंत्री पद चला जाए। यह बात और है कि देवेंद्रपाल सिंह सामने आ गए और उन पर अनुशासनहीनता की गाज गिराते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
अब यदि न्यायालय या सरकार सीबीआई जांच का निर्णय लेती है तो जगेंद्र सिंह को आगे रखकर एक-दूसरे को मात देने का खेल खेलने वाले और भी कई नेता सामने आए जाएंगे और सीबीआई के शिकंजे में फंसने का खतरा पैदा हो जाएगा। इस कारण कुछ नेताओं की नींद उड़ी हुई है। 16 जून को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में भी यह नेता पल पल की जानकारी लेते रहे। इनके कुछ लोग जगेंद्र के घर के पास चल रहे धरना स्थल से लेकर पूरे मामले पर निगाह रख रहे हैं।
चौथे दिन भी धरने पर बैठे जगेंद्र सिंह के परिवार वाले
खुटार। पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में अपनी मांगों के निदान के लिए परिवार के लोग चौथे दिन भी धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे। परिवार के लोगों के साथ भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे।
गौरतलब है कि पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सहित सहायता आदि की मांग को लेकर जगेंद्र सिंह का परिवार रविवार से घर के पास धरना-प्रदर्शन पर बैठा है। बुधवार को चौथे दिन धरने पर परिवार के साथ भाजपा नेता रागिनी सिंह, देवेश गुप्ता, कांग्रेस नेता संतोष शर्मा कई कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहीं।
उधर, धरने पर बैठी पत्रकार जगेंद्र की पत्नी सुमन सिंह का स्वास्थ्य सोमवार को बिगड़ गया था। बुधवार को भी डॉक्टर मौके पर मौजूद रहे और परिवार के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत सामान्य है। धरना स्थल पर जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह, बहन लवली सिंह, पुत्र राहुल और राजन, पुत्री रचना सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
धरना स्थल पर ही जगेंद्र के पिता ने मुड़वाए बाल
खुटार। बुधवार को पत्रकार जगेंद्र सिंह का दसवां संस्कार संपन्न हुआ। रिश्तेदारों के अलावा नगर के तमाम लोग भी इसमें शामिल हुए।
जगेंद्र सिंह के पिता सुमेर ने दसवां संस्कार होने के बाद भी धरना से हटने से इंकार कर दिया। बेहद आक्रोशित लहजे में उन्होंने कहा कि सपा सरकार मंत्री के पक्ष में पूरी तरह से खड़ी हो गई है। इससे साफ है कि मंत्री को बचा लिया जाएगा और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, लेकिन न्याय पाने के लिए वह किसी भी हद तक जाएंगे और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। दसवां संस्कार के समय बाल मुड़वाने के लिए भी वह धरना स्थल से नहीं हटे। वहीं बाल मुड़वाए। इस दौरान तमाम लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।
पलिया प्रेस क्लब ने दिया समर्थन
खुटार। बुधवार को पलिया प्रेस क्लब के अध्यक्ष सहित तमाम पत्रकार खुटार पहुंचे और धरने में शामिल हो गए। अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार की हत्या लोकतंत्र पर कलंक है। सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि किसी मंत्री, विधायक की मौत पर भी क्या सरकार यही कहती कि जांच होने के बाद ही किसी दोषी की गिरफ्तार होगी। यदि ऐसा नहीं है तो पत्रकार की मौत के मामले में दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पलिया प्रेस क्लब की ओर से जगेंद्र प्रकरण में सीबीआई जांच, परिवार के लोगों को आर्थिक सहायता आदि के लिए चक्का जाम और पलिया कोतवाली का घेराव आदि किया जा चुका है। बुधवार को प्रेस क्लब के लोग परिवार के साथ धरने पर भी बैठे। आगे भी प्रेस क्लब परिवार के हर आंदोलन में साथ देगा। इस दौरान प्रेस क्लब के सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
आत्मदाह की धमकी के चलते परिवार निगरानी में
पुवायां। पत्रकार जगेंद्र सिंह के मामले में आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी सहित अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठे परिवार पर प्रशासन की कड़ी निगाह है। जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दे रखी है। इसको लेकर प्रशासन खासा सतर्क है।
जगेंद्र सिंह के घर और धरना स्थल पर सादा कपड़ों में कई पुलिसकर्मी आने जाने वालों से लेकर परिवार के लोगों पर नजर रखे हैं। स्वास्थ्य विभाग को आठ घंटे के अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, तो वहीं एलआईयू कर्मी भी पूरे मामले में हर आधे घंटे पर अधिकारियों को रिपोर्ट कर रहे हैं।
इसके अलावा मौके एसडीएम लालबहादुर, सीओ उमेश शर्मा, सिंधौली के कोतवाली प्रभारी वीर सिंह, खुटार एसओ राजेश सिंह, नायब तहसीलदार संजय कुमार, एक आई के नेतृत्व में क्यूआरटी के 12 जवान, महिला एसआई के नेतृत्व में छह महिला सिपाही तैनात हैं। इसके अलावा 18 लेखपाल भी मौके पर तैनात हैं। छह लेखपाल आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं।
पुवायां में फूंका गया राममूर्ति का पुतला
पुवायां। पुवायां के चौराहा बाजार में बुधवार को युवा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने पत्रकार जगेंद्र सिंह प्रकरण में आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा का पुतला दहन किया। इस दौरान पार्थ मिश्रा ने कहा कि पत्रकार की हत्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यदि इस मामले के आरोपी जेल नहीं गए तो लोकतंत्र पर धब्बे जैसा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में खुद आगे आकर आरोपी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। इससे सरकार के प्रति सही संदेश जाता। इसके बाद संगठन के लोगों ने सरकार और मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुतला अहन किया। पुतला दहन के दौरान अर्पित गुप्ता, निर्मल सिंह, अमरदीप राठौर, दीपांशु, सचिन, पवन वर्मा, हिमकर, आदेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसान नेता वीएम सिंह बुधवार को पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे और उनके पिता सुमेर सिंह से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इसके बाद वह परिवार के लोगों के साथ धरने में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह जगेंद्र सिंह के परिवार के साथ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को परिवार के लोगों की पूरी मदद करने को कहा है।
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मीडिया से बात करते हुए किसान नेता ने कहा कि पत्रकार की हत्या के मामले में सरकार का रवैया बेहद खराब है। यदि पत्रकार के मामले में ऐसा हो रहा है तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवार को सांत्वना देने आए हैं। वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश में आम जनता की कोई वैल्यू नहीं है, वैल्यू केवल वोट की है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अखिलेश की बात मान भी ली जाए कि राज्यमंत्री निर्दोष हैं तो उन्हें सीबीआई जांच पर आपत्ति क्यों है। यदि सीबीआई जांच में भी मंत्री दोषी पाए जाएं, जेल भेजे जाएं और सरकार को लगे कि बिना मंत्री के सरकार नहीं चल सकती तो मंत्री से जेल के अंदर से कार्य कराएं।
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वीएम सिंह ने कहा कि सरकार को जनता की ताकत का एहसास नहीं है यही कारण है कि अभी तक जगेंद्र प्रकरण में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जगेंद्र के पत्रकार होने पर उठ रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि टीवी चैनल, डेली न्यूज पेपर के अलावा साप्ताहिक, मासिक पत्रिका सहित सोशल मीडिया पर खबरें लिखने वाला भी पत्रकार है। इस पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। इस दौरान अमरदीप सिंह, अमरजीत सिंह, मनदेव मिश्रा, अमरीश दीक्षित, मनप्रीत सिंह, श्रीकृष्ण वर्मा, गुरनाम सिंह, गुरमुख सिंह आदि मौजूद रहे।
फफक कर रोए सुमेर तो भर आईं वीएम की भी भी आंखे
खुटार। किसान नेता वीएम सिंह जब धरना स्थल पर पहुंचे तो पत्रकार जगेंद्र सिंह के पिता उनके गले लगकर फफक कर रो उठे। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से मंत्री का बचाव कर रही है। सरकार को शोक संतृप्त परिवार के प्रति कोई लगाव नहीं। सुमेर सिंह को रोते देखे वीएम सिंह की भी आंखें भर आईं और उन्होंने आक्रोशित लहजे में कहा कि जनता के हित का ध्यान नहीं रखने वाली सरकार को जनता ही दबाव देगी।
कई माननीय हो सकते हैं बेनकाब!
पुवायां। पत्रकार जगेंद्र प्रकरण का मामला हाईकोर्ट में पहुंचने से जिले के कई नेताओं की धड़कनें बढ़ीं चल रही हैं। यह वे नेता हैं जिन्होंने जगेंद्र सिंह को आगे कर राममूर्ति सिंह वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। इनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं जो मंत्री का खासमखास बनकर उनकी तमाम जानकारियां जगेंद्र सिंह को देकर अपने हित साध रहे थे।
गौरतलब है कि जगेंद्र सिंह की मौत हो जाने के बाद अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने लखनऊ हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल कर रखी है। 16 जून को सुनवाई होने के बाद न्यायालय ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होनी है। इसके साथ ही परिवार के लोग भी धरने के माध्यम से सीबीआई जांच की मांग को लेकर सरकार के ऊपर दबाव बढ़ा रहे हैं। जगेंद्र सिंह की मौत के बाद दर्ज कराई गई हत्या की रिपोर्ट में राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा का भी नाम है।
मामले की पृष्ठभूमि देखें तो पूर्व विधायक देवेंद्रपाल सिंह ने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के कई मामलों की शिकायत सरकार से कर रखी थी और शिकायत की प्रतियां जगेंद्र सिंह को खबर प्रकाशित करने को उपलब्ध कराई थीं, लेकिन अंदरखाने मामला पूरी तरह से उलट है। जानकार बताते हैं कि देवेंद्रपाल सिंह की तरह ही जिले के कुछ और नेता भी राममूर्ति सिंह वर्मा से खुन्नस रखते हैं, लेकिन यह बात अंदर ही अंदर रहती है। ऊपर से राज्यमंत्री के साथ दिखने वाले नेताओं का भी राममूर्ति सिंह के खिलाफ खबरों के प्रकाशन में पूरा हाथ था और यह लोग भी चाहते थे मामला हाईलाइट होने के बाद राममूर्ति सिंह वर्मा का मंत्री पद चला जाए। यह बात और है कि देवेंद्रपाल सिंह सामने आ गए और उन पर अनुशासनहीनता की गाज गिराते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
अब यदि न्यायालय या सरकार सीबीआई जांच का निर्णय लेती है तो जगेंद्र सिंह को आगे रखकर एक-दूसरे को मात देने का खेल खेलने वाले और भी कई नेता सामने आए जाएंगे और सीबीआई के शिकंजे में फंसने का खतरा पैदा हो जाएगा। इस कारण कुछ नेताओं की नींद उड़ी हुई है। 16 जून को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में भी यह नेता पल पल की जानकारी लेते रहे। इनके कुछ लोग जगेंद्र के घर के पास चल रहे धरना स्थल से लेकर पूरे मामले पर निगाह रख रहे हैं।
चौथे दिन भी धरने पर बैठे जगेंद्र सिंह के परिवार वाले
खुटार। पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में अपनी मांगों के निदान के लिए परिवार के लोग चौथे दिन भी धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे। परिवार के लोगों के साथ भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे।
गौरतलब है कि पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सहित सहायता आदि की मांग को लेकर जगेंद्र सिंह का परिवार रविवार से घर के पास धरना-प्रदर्शन पर बैठा है। बुधवार को चौथे दिन धरने पर परिवार के साथ भाजपा नेता रागिनी सिंह, देवेश गुप्ता, कांग्रेस नेता संतोष शर्मा कई कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहीं।
उधर, धरने पर बैठी पत्रकार जगेंद्र की पत्नी सुमन सिंह का स्वास्थ्य सोमवार को बिगड़ गया था। बुधवार को भी डॉक्टर मौके पर मौजूद रहे और परिवार के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत सामान्य है। धरना स्थल पर जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह, बहन लवली सिंह, पुत्र राहुल और राजन, पुत्री रचना सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
धरना स्थल पर ही जगेंद्र के पिता ने मुड़वाए बाल
खुटार। बुधवार को पत्रकार जगेंद्र सिंह का दसवां संस्कार संपन्न हुआ। रिश्तेदारों के अलावा नगर के तमाम लोग भी इसमें शामिल हुए।
जगेंद्र सिंह के पिता सुमेर ने दसवां संस्कार होने के बाद भी धरना से हटने से इंकार कर दिया। बेहद आक्रोशित लहजे में उन्होंने कहा कि सपा सरकार मंत्री के पक्ष में पूरी तरह से खड़ी हो गई है। इससे साफ है कि मंत्री को बचा लिया जाएगा और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, लेकिन न्याय पाने के लिए वह किसी भी हद तक जाएंगे और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। दसवां संस्कार के समय बाल मुड़वाने के लिए भी वह धरना स्थल से नहीं हटे। वहीं बाल मुड़वाए। इस दौरान तमाम लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।
पलिया प्रेस क्लब ने दिया समर्थन
खुटार। बुधवार को पलिया प्रेस क्लब के अध्यक्ष सहित तमाम पत्रकार खुटार पहुंचे और धरने में शामिल हो गए। अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार की हत्या लोकतंत्र पर कलंक है। सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि किसी मंत्री, विधायक की मौत पर भी क्या सरकार यही कहती कि जांच होने के बाद ही किसी दोषी की गिरफ्तार होगी। यदि ऐसा नहीं है तो पत्रकार की मौत के मामले में दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पलिया प्रेस क्लब की ओर से जगेंद्र प्रकरण में सीबीआई जांच, परिवार के लोगों को आर्थिक सहायता आदि के लिए चक्का जाम और पलिया कोतवाली का घेराव आदि किया जा चुका है। बुधवार को प्रेस क्लब के लोग परिवार के साथ धरने पर भी बैठे। आगे भी प्रेस क्लब परिवार के हर आंदोलन में साथ देगा। इस दौरान प्रेस क्लब के सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
आत्मदाह की धमकी के चलते परिवार निगरानी में
पुवायां। पत्रकार जगेंद्र सिंह के मामले में आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी सहित अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठे परिवार पर प्रशासन की कड़ी निगाह है। जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दे रखी है। इसको लेकर प्रशासन खासा सतर्क है।
जगेंद्र सिंह के घर और धरना स्थल पर सादा कपड़ों में कई पुलिसकर्मी आने जाने वालों से लेकर परिवार के लोगों पर नजर रखे हैं। स्वास्थ्य विभाग को आठ घंटे के अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, तो वहीं एलआईयू कर्मी भी पूरे मामले में हर आधे घंटे पर अधिकारियों को रिपोर्ट कर रहे हैं।
इसके अलावा मौके एसडीएम लालबहादुर, सीओ उमेश शर्मा, सिंधौली के कोतवाली प्रभारी वीर सिंह, खुटार एसओ राजेश सिंह, नायब तहसीलदार संजय कुमार, एक आई के नेतृत्व में क्यूआरटी के 12 जवान, महिला एसआई के नेतृत्व में छह महिला सिपाही तैनात हैं। इसके अलावा 18 लेखपाल भी मौके पर तैनात हैं। छह लेखपाल आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं।
पुवायां में फूंका गया राममूर्ति का पुतला
पुवायां। पुवायां के चौराहा बाजार में बुधवार को युवा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने पत्रकार जगेंद्र सिंह प्रकरण में आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा का पुतला दहन किया। इस दौरान पार्थ मिश्रा ने कहा कि पत्रकार की हत्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यदि इस मामले के आरोपी जेल नहीं गए तो लोकतंत्र पर धब्बे जैसा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में खुद आगे आकर आरोपी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। इससे सरकार के प्रति सही संदेश जाता। इसके बाद संगठन के लोगों ने सरकार और मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुतला अहन किया। पुतला दहन के दौरान अर्पित गुप्ता, निर्मल सिंह, अमरदीप राठौर, दीपांशु, सचिन, पवन वर्मा, हिमकर, आदेश सिंह आदि मौजूद रहे।