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Shahjahanpur News: कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा
Mon, 17 Feb 2025 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 17 Feb 2025 12:44 AM IST
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पुवायां। कोर्ट के आदेश पर महिला ने पुत्रवधू समेत तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। मोहल्ला कसभरा मठिया और वर्तमान में गांव बरगदिया निवासी सरोज देवी के अनुसार, उनकी जमीन गांव बरगदिया में है।
पति श्रीराम ने उनके नाम रजिस्टर्ड वसीयत की थी। पति की मौत हो गई थी। इसके बाद रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर 10 जून, 1998 को जमीन उनके नाम आ गई थी। वह तब से भूमि पर काबिज भी हैं।
उनकी बड़ी बहू अनीता देवी ने जमीन हड़पने की नीयत से अपने दामाद गांव सतवां निवासी कपिल मोहन वाजपेयी और उसके साथी शरद वाजपेयी आदि से साजिश कर उनसे दाखिल खारिज की 10 जून, 1998 की नकल ले ली। उस पर दर्ज आदेश में लिखित शब्द पंजीकृत वसीयत में बढ़ाकर अपंजीकृत कर दिया।
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तीनों लोगों ने फर्जी दस्तावेज का असली की तरह प्रयोग कर अनीता का नाम दर्ज करा दिया और उनका दाखिल खारिज आदेश एकतरफा खारिज करा दिया। जानकारी होने पर उन्होंने तहसील में अभिलेख दिखवाए, तब धोखाधड़ी का पता चल सका। इसके बाद उन्होंने फर्जी आदेश को निरस्त कराया। इस पर तीनों ने उनको घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस को तहरीर देने पर कार्रवाई नहीं की गई, इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रिपेार्ट दर्ज कर ली गई है।
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पति श्रीराम ने उनके नाम रजिस्टर्ड वसीयत की थी। पति की मौत हो गई थी। इसके बाद रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर 10 जून, 1998 को जमीन उनके नाम आ गई थी। वह तब से भूमि पर काबिज भी हैं।
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उनकी बड़ी बहू अनीता देवी ने जमीन हड़पने की नीयत से अपने दामाद गांव सतवां निवासी कपिल मोहन वाजपेयी और उसके साथी शरद वाजपेयी आदि से साजिश कर उनसे दाखिल खारिज की 10 जून, 1998 की नकल ले ली। उस पर दर्ज आदेश में लिखित शब्द पंजीकृत वसीयत में बढ़ाकर अपंजीकृत कर दिया।
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तीनों लोगों ने फर्जी दस्तावेज का असली की तरह प्रयोग कर अनीता का नाम दर्ज करा दिया और उनका दाखिल खारिज आदेश एकतरफा खारिज करा दिया। जानकारी होने पर उन्होंने तहसील में अभिलेख दिखवाए, तब धोखाधड़ी का पता चल सका। इसके बाद उन्होंने फर्जी आदेश को निरस्त कराया। इस पर तीनों ने उनको घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस को तहरीर देने पर कार्रवाई नहीं की गई, इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रिपेार्ट दर्ज कर ली गई है।