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मतगणना के लिए एजेंट बनाने की उधेड़बुन में जुटे उम्मीदवार
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शाहजहांपुर में रोजा मंडी परिसर में ईवीएम स्ट्रांग रूम बनाए गए केंद्रीय भंडारण निगम गोदाम के गेट ?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव के लिए 14 फरवरी को हुए मतदान के बाद मतगणना के जरिये उम्मीदवारों के भाग्य का पिटारा दस मार्च को खुलेगा। वोटों की गिनती सरकारी अमला करेगा, लेकिन उस पर निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उम्मीदवारों को पांच मार्च तक अपने मतगणना अभिकर्ता तय करने होंगे। आयोग की शर्त है कि कोई भी शस्त्रधारक मतगणना एजेंट नहीं बन सकेगा। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में टेबिल वार काउंटिंग एजेंट बनाने के लिए प्रत्याशी ऐसे कार्यकर्ता चिह्नित करने में जुटे हैं, जो न केवल पार्टी के प्रति समर्पित हों, बल्कि उनका अंकगणित भी बेहतर हो।
मतों की गिनती करेंगे विभिन्न संवर्गों के 750 कर्मचारी
जनपद के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती के लिए विभिन्न संवर्गों के लगभग 750 कर्मचारी जुटाए जाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र के मतगणना पंडाल में 14-14 टेबिल लगाई जाएंगी। कोविड गाइडलाइन का पालन कराने के लिए दो भागों मेें सात-सात टेबिल लगई जाएंगी। प्रत्येक टेबिल पर आठ-आठ कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनमें चार मतगणना कर्मचारी, एक पर्यवेक्षक, एक माइक्रो ऑब्जर्वर और दो कर्मचारी स्ट्रांग रूम से ईवीएम लाने के लिए नियुक्त किए जाएंगे।
बैंक कर्मचारियों को माइक्रो ऑब्जर्वर, विभिन्न विभागों के राजपत्रित अधिकारियों को पर्यवेक्षक और तृतीय श्रेणी लिपिकों को मतगणना सहायक नामित किया है। दस फीसदी अन्य कर्मचारी रिजर्व ड्यूटी में रहेंगे। इनके अतिरिक्त प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पंडाल में एक टेबिल पोस्टल बैलेट की गिनती को लगाई जाएगी और एक अन्य टेबिल कोविड हेल्प डेस्क की होगी।
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शाहजहांपुर शहर और कटरा सीट के पहले मिलेंगे नतीजे
मतगणना की व्यवस्था इस तरह की गई है कि प्रत्येक राउंड (चक्र) में हर विधानसभा क्षेत्र के 16 बूथों पर पड़े वोटों की गिनती हो सके। बता दें कि जनपद में कुल 2647 बूथों पर मतदान हुआ है। सबसे कम 406 बूथ शाहजहांपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में और सबसे ज्यादा 473 बूथ पुवायां विधानसभा क्षेत्र मेें हैं। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 30वें चक्र की मतगणना के साथ निर्णायक नतीजे मिलने लगेंगे। अधिकतम 34 चक्रों में मतगणना पूरी हो जाएगी। इसलिए शहर समेत कटरा विधानसभा क्षेत्र के नतीजे सबसे पहले मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ईवीएम खुलने से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी।
प्रेक्षक कराएंगे एक बूथ की वीवीपैट गिनती
मतगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और वोटों की गिनती को लेकर प्रत्याशियों अथवा उनके अभिकर्ताओं द्वारा पक्षपात के किसी आरोप से बचने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पंडाल में किसी एक बूथ की वीवीपैट मशीन में पड़ीं पर्चियां निकालकर उनकी गिनती भी कराई जाएगी। इसके लिए आयोग ने चुनाव प्रेक्षक को यह अधिकार दिया है कि वीवीपैट के वोटों की गिनती के लिए वह स्वेच्छा से किसी एक बूथ की वीवीपैट मशीन का चयन कर लें।
शनिवार से दो चरणों में होगा मतगणना प्रशिक्षण
मतगणना ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को शनिवार पांच मार्च से दो पालियों में दो चरणों में वोटों की गिनती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहला प्रशिक्षण पांच मार्च को सुबह 10:30 बजे से दोपहर एक बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर तीन बजे से शाम 5.30 बजे तक होगा। कर्मचारी मतगणना की प्रक्रिया भली भांति समझ सकें। यदि कोई बात समझ में नहीं आई हो तो उसे भली प्रकार समझ सकें, इसके लिए दूसरे चरण में प्रशिक्षण मतगणना से एक दिन पहले नौ मार्च को दिन में 11.30 बजे से दोपहर दो बजे तक और दोपहर तीन बजे से शाम 5.30 बजे तक दिया जाएगा।
मतगणना से जुड़ी सभी तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रत्याशियों से उन लोगों की सूची मांगी गई है, जिन्हें वह अपना काउंटिंग एजेंट बनाना चाहेंगे। कई प्रत्याशियों ने अपने प्रस्तावित मतगणना अभिकर्ताओं की सूची उपलब्ध करा दी है। एक बार मतगणना पंडाल में प्रवेश करने के बाद मतों की गिनती पूरी होने तक किसी भी काउंटिंग एजेंट को मतगणना केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। -रामसेवक द्विवेदी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन
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मतों की गिनती करेंगे विभिन्न संवर्गों के 750 कर्मचारी
जनपद के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती के लिए विभिन्न संवर्गों के लगभग 750 कर्मचारी जुटाए जाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र के मतगणना पंडाल में 14-14 टेबिल लगाई जाएंगी। कोविड गाइडलाइन का पालन कराने के लिए दो भागों मेें सात-सात टेबिल लगई जाएंगी। प्रत्येक टेबिल पर आठ-आठ कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनमें चार मतगणना कर्मचारी, एक पर्यवेक्षक, एक माइक्रो ऑब्जर्वर और दो कर्मचारी स्ट्रांग रूम से ईवीएम लाने के लिए नियुक्त किए जाएंगे।
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बैंक कर्मचारियों को माइक्रो ऑब्जर्वर, विभिन्न विभागों के राजपत्रित अधिकारियों को पर्यवेक्षक और तृतीय श्रेणी लिपिकों को मतगणना सहायक नामित किया है। दस फीसदी अन्य कर्मचारी रिजर्व ड्यूटी में रहेंगे। इनके अतिरिक्त प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पंडाल में एक टेबिल पोस्टल बैलेट की गिनती को लगाई जाएगी और एक अन्य टेबिल कोविड हेल्प डेस्क की होगी।
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शाहजहांपुर शहर और कटरा सीट के पहले मिलेंगे नतीजे
मतगणना की व्यवस्था इस तरह की गई है कि प्रत्येक राउंड (चक्र) में हर विधानसभा क्षेत्र के 16 बूथों पर पड़े वोटों की गिनती हो सके। बता दें कि जनपद में कुल 2647 बूथों पर मतदान हुआ है। सबसे कम 406 बूथ शाहजहांपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में और सबसे ज्यादा 473 बूथ पुवायां विधानसभा क्षेत्र मेें हैं। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 30वें चक्र की मतगणना के साथ निर्णायक नतीजे मिलने लगेंगे। अधिकतम 34 चक्रों में मतगणना पूरी हो जाएगी। इसलिए शहर समेत कटरा विधानसभा क्षेत्र के नतीजे सबसे पहले मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ईवीएम खुलने से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी।
प्रेक्षक कराएंगे एक बूथ की वीवीपैट गिनती
मतगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और वोटों की गिनती को लेकर प्रत्याशियों अथवा उनके अभिकर्ताओं द्वारा पक्षपात के किसी आरोप से बचने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पंडाल में किसी एक बूथ की वीवीपैट मशीन में पड़ीं पर्चियां निकालकर उनकी गिनती भी कराई जाएगी। इसके लिए आयोग ने चुनाव प्रेक्षक को यह अधिकार दिया है कि वीवीपैट के वोटों की गिनती के लिए वह स्वेच्छा से किसी एक बूथ की वीवीपैट मशीन का चयन कर लें।
शनिवार से दो चरणों में होगा मतगणना प्रशिक्षण
मतगणना ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को शनिवार पांच मार्च से दो पालियों में दो चरणों में वोटों की गिनती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहला प्रशिक्षण पांच मार्च को सुबह 10:30 बजे से दोपहर एक बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर तीन बजे से शाम 5.30 बजे तक होगा। कर्मचारी मतगणना की प्रक्रिया भली भांति समझ सकें। यदि कोई बात समझ में नहीं आई हो तो उसे भली प्रकार समझ सकें, इसके लिए दूसरे चरण में प्रशिक्षण मतगणना से एक दिन पहले नौ मार्च को दिन में 11.30 बजे से दोपहर दो बजे तक और दोपहर तीन बजे से शाम 5.30 बजे तक दिया जाएगा।
मतगणना से जुड़ी सभी तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रत्याशियों से उन लोगों की सूची मांगी गई है, जिन्हें वह अपना काउंटिंग एजेंट बनाना चाहेंगे। कई प्रत्याशियों ने अपने प्रस्तावित मतगणना अभिकर्ताओं की सूची उपलब्ध करा दी है। एक बार मतगणना पंडाल में प्रवेश करने के बाद मतों की गिनती पूरी होने तक किसी भी काउंटिंग एजेंट को मतगणना केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। -रामसेवक द्विवेदी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन