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भैंसी पुल : बस चालक खतरे में डाल रहे यात्रियों की जान
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पुवायां खुटार मार्ग पर जर्जर घोषित भैंसी पुल से रोडवेज बस निकालता चालक
- फोटो : POWAYAN
पुवायां। खुटार-पुवायां हाईवे पर भैंसी नदी के पुल को जर्जर घोषित करते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने पुल पर भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी थी। एनएचएआई की ओर से पुल के दोनों ओर बोर्ड भी लगवाए गए थे। अब बैरिकेडिंग तोड़कर भारी वाहन और रोडवेज की बसें पुल के ऊपर से निकाली जा रही हैं, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पुवायां-खुटार हाईवे पर भैंसी नदी के जर्जर पुल में पड़े लकड़ी के कई पटले तीन महीने से टूटे पड़े हैं। लकड़ी के पटलों के ऊपर पड़ी लोहे की चादरों की वजह से पुल पर आवागमन चल रहा था। दो माह पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने पुल का मुआयना किया था तो उन्होंने पुल का निर्माण जल्द शुरू कराने और साइड से निकलने के लिए रास्ता सही कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों की नींद टूटी और पुल के दोनों ओर बैरिकेड लगाकर भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी थी।
एक माह तक तो भारी वाहन पुल के पास साइड से निकलते रहे, लेकिन कुछ दिन बाद ही बैरिकेड तोड़ दिए और अब भारी वाहन भी पुल के ऊपर से गुजरने लगे हैं। इतना ही नहीं, 50-55 यात्रियों को बैठाकर रोडवेज की बसों के चालक भी यात्रियों की जान की परवाह न करते हुए जर्जर पुल के ऊपर से ही बसों को निकालते हैं। इससे किसी भी दिन बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। कई दिनों से टूटी पड़ी बैरिकेड को भी एनएचएआई के अधिकारियों ने ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी है।
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साइड वाले रास्ते से भी निकलना मुश्किल
भैंसी नदी फिलहाल सूखी हुई है। पुल जर्जर होने के कारण साइड से रास्ता शुरू कर दिया गया। दो-चार दिन में ही रेतीली मिट्टी होने के कारण साइड वाले रास्ते से निकलना मुश्किल हो चला है। लोगों का कहना है कि नए पुल के निर्माण में काफी समय लगेगा। इस कारण एनएचएआई के अधिकारी अगर साइड वाले रास्ते को ठीक से बना देते हैं तो लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अधिकारी और एआरएम नहीं उठाते फोन
जर्जर पुल के ऊपर से भारी वाहन निकलने के संबंध में जानकारी करने के लिए एनएचएआई के अधिकारी अमित रंजन और असर फारुखी को कई बार फोन लगाया गया, लेकिन अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। इसके अलावा जर्जर पुल के ऊपर से रोडवेज की बसें निकलने के संबंध में एआरएम को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया।
मेरी आज ही एनएचएआई के एई से बात हुई है। उनसे कहा गया है कि बैरिकेडिंग सही कराई जाए और पुल के नीचे वाला रास्ता सही कराया जाए। रास्ता सही नहीं होने से बारिश के मौसम में बड़ी समस्या हो सकती है। -सुशांत श्रीवास्तव, एसडीएम पुवायां
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पुवायां-खुटार हाईवे पर भैंसी नदी के जर्जर पुल में पड़े लकड़ी के कई पटले तीन महीने से टूटे पड़े हैं। लकड़ी के पटलों के ऊपर पड़ी लोहे की चादरों की वजह से पुल पर आवागमन चल रहा था। दो माह पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने पुल का मुआयना किया था तो उन्होंने पुल का निर्माण जल्द शुरू कराने और साइड से निकलने के लिए रास्ता सही कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों की नींद टूटी और पुल के दोनों ओर बैरिकेड लगाकर भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी थी।
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एक माह तक तो भारी वाहन पुल के पास साइड से निकलते रहे, लेकिन कुछ दिन बाद ही बैरिकेड तोड़ दिए और अब भारी वाहन भी पुल के ऊपर से गुजरने लगे हैं। इतना ही नहीं, 50-55 यात्रियों को बैठाकर रोडवेज की बसों के चालक भी यात्रियों की जान की परवाह न करते हुए जर्जर पुल के ऊपर से ही बसों को निकालते हैं। इससे किसी भी दिन बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। कई दिनों से टूटी पड़ी बैरिकेड को भी एनएचएआई के अधिकारियों ने ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी है।
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साइड वाले रास्ते से भी निकलना मुश्किल
भैंसी नदी फिलहाल सूखी हुई है। पुल जर्जर होने के कारण साइड से रास्ता शुरू कर दिया गया। दो-चार दिन में ही रेतीली मिट्टी होने के कारण साइड वाले रास्ते से निकलना मुश्किल हो चला है। लोगों का कहना है कि नए पुल के निर्माण में काफी समय लगेगा। इस कारण एनएचएआई के अधिकारी अगर साइड वाले रास्ते को ठीक से बना देते हैं तो लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अधिकारी और एआरएम नहीं उठाते फोन
जर्जर पुल के ऊपर से भारी वाहन निकलने के संबंध में जानकारी करने के लिए एनएचएआई के अधिकारी अमित रंजन और असर फारुखी को कई बार फोन लगाया गया, लेकिन अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। इसके अलावा जर्जर पुल के ऊपर से रोडवेज की बसें निकलने के संबंध में एआरएम को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया।
मेरी आज ही एनएचएआई के एई से बात हुई है। उनसे कहा गया है कि बैरिकेडिंग सही कराई जाए और पुल के नीचे वाला रास्ता सही कराया जाए। रास्ता सही नहीं होने से बारिश के मौसम में बड़ी समस्या हो सकती है। -सुशांत श्रीवास्तव, एसडीएम पुवायां