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Shahjahanpur News: बजट की बाधा... बरसात से पहले शहर के तालाबों का सुंदरीकरण होना मुश्किल
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चिनौर स्थित निर्माणाधीन तालाब। संवाद
शाहजहांपुर। महानगर क्षेत्र में तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य बरसात से पहले होना मुश्किल नजर आ रहा है। बजट की किस्त न मिलने के कारण करीब दस माह से काम अटका हुआ है। तालाबों पर अतिक्रमण न हटाए जाने से उसका अस्तित्व बचाना मुश्किल है।
अमृत 2.0 योजना के तहत नगर निगम की ओर से शहर क्षेत्र में चिनौर में दो तालाबों के अलावा पक्का तालाब और अजीजगंज तालाब को सुंदरीकरण के लिए चयनित किया गया था। तालाब की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया। अजीजगंज स्थित तालाब पर तो लोगों ने मकानों का निर्माण भी करा लिया।
नगर निगम अब तक इसको कब्जामुक्त नहीं करा पाया है। यहां पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नगर निगम की ओर से चिह्नित चार तालाबों के चारों तरफ पौधरोपण होना है। टहलने के लिए पाथ-वे, लोगों के बैठने के लिए सीट आदि का निर्माण कराया जाना है। अब तक तालाबों की खोदाई का काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में तय समय में इनका निर्माण पूरा होना संभव नहीं लग रहा है।
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पक्का तालाब का काम अधूरा, बजट ही जारी नहीं
पक्का तालाब का दो करोड़ 16 लाख 69 हजार रुपये के बजट से सुंदरीकरण होना है। 15 मार्च 2024 को कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। पहली किस्त के रूप में 32.93 लाख रुपये जारी किए गए। 12 माह में निर्माण कार्य पूरा होना था लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। बजट की दूसरी किस्त जारी नहीं होने की वजह से काम अटका हुआ है।
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बजट जारी होने के बाद भी काम में देरी
नगर निगम की ओर से चिनौर में एक तालाब के लिए 94 लाख 58 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य के लिए 13 लाख 92 हजार रुपये जारी किए गए। बजट के अभाव में काम अटका है। चिनौर क्षेत्र में ही दूसरे तालाब के लिए 114.14 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई हैं। इसमें 16 लाख 88 हजार रुपये बजट जारी कर दिया गया है।
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टहलने के साथ ही पशु-पक्षियों को भी मिलता पानी
तालाब जल संरक्षण, कृषि, पर्यावरण संतुलन का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक व मानव-निर्मित स्रोत है। यह वर्षा के पानी को संचित कर भूजल स्तर बढ़ाता है। तालाब से पशु-पक्षियों को इस भीषण गर्मी में पीने के लिए पानी मिलेगा। लोग सुबह-शाम यहां टहलने आएंगे। शहर में सुबह की सैर करने के वैसे भी बहुत कम स्थान हैं। ऐेसे में लोगों को बड़ा फायदा होगा।
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पक्का तालाब के निर्माण और सुंदरीकरण के लिए वित्तमंत्री से बात की थी। निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद पहली किस्त जारी की गई। संबंधित एजेंसी ने बजट नहीं मिलने पर आठ माह पहले काम बंद कर दिया था। बजट जारी होने के बाद ही निर्माण हो पाएगा।
- जगदीश कुशवाहा, पार्षद बाडूजई प्रथम
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तालाब को सुंदरीकरण के लिए चिह्नित किया गया था। अब तक तालाब की जमीन से कब्जाधारकों को नहीं हटाया गया है। बजट जारी होने के बाद अब तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। तालाब की जमीन पर लोग कब्जा किए हुए हैं।
- मनीष गुप्ता, पार्षद अजीजगंज
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शासन की ओर से सीधे ठेकेदार के खाता में बजट आता है। बजट डालने की प्रक्रिया चल रही है। एक सप्ताह में बजट ठेकेदारों के खातों में पहुंच जाएगा। बारिश से पहले तालाबों का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
- आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम
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अमृत 2.0 योजना के तहत नगर निगम की ओर से शहर क्षेत्र में चिनौर में दो तालाबों के अलावा पक्का तालाब और अजीजगंज तालाब को सुंदरीकरण के लिए चयनित किया गया था। तालाब की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया। अजीजगंज स्थित तालाब पर तो लोगों ने मकानों का निर्माण भी करा लिया।
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नगर निगम अब तक इसको कब्जामुक्त नहीं करा पाया है। यहां पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नगर निगम की ओर से चिह्नित चार तालाबों के चारों तरफ पौधरोपण होना है। टहलने के लिए पाथ-वे, लोगों के बैठने के लिए सीट आदि का निर्माण कराया जाना है। अब तक तालाबों की खोदाई का काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में तय समय में इनका निर्माण पूरा होना संभव नहीं लग रहा है।
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पक्का तालाब का काम अधूरा, बजट ही जारी नहीं
पक्का तालाब का दो करोड़ 16 लाख 69 हजार रुपये के बजट से सुंदरीकरण होना है। 15 मार्च 2024 को कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। पहली किस्त के रूप में 32.93 लाख रुपये जारी किए गए। 12 माह में निर्माण कार्य पूरा होना था लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। बजट की दूसरी किस्त जारी नहीं होने की वजह से काम अटका हुआ है।
बजट जारी होने के बाद भी काम में देरी
नगर निगम की ओर से चिनौर में एक तालाब के लिए 94 लाख 58 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य के लिए 13 लाख 92 हजार रुपये जारी किए गए। बजट के अभाव में काम अटका है। चिनौर क्षेत्र में ही दूसरे तालाब के लिए 114.14 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई हैं। इसमें 16 लाख 88 हजार रुपये बजट जारी कर दिया गया है।
टहलने के साथ ही पशु-पक्षियों को भी मिलता पानी
तालाब जल संरक्षण, कृषि, पर्यावरण संतुलन का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक व मानव-निर्मित स्रोत है। यह वर्षा के पानी को संचित कर भूजल स्तर बढ़ाता है। तालाब से पशु-पक्षियों को इस भीषण गर्मी में पीने के लिए पानी मिलेगा। लोग सुबह-शाम यहां टहलने आएंगे। शहर में सुबह की सैर करने के वैसे भी बहुत कम स्थान हैं। ऐेसे में लोगों को बड़ा फायदा होगा।
पक्का तालाब के निर्माण और सुंदरीकरण के लिए वित्तमंत्री से बात की थी। निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद पहली किस्त जारी की गई। संबंधित एजेंसी ने बजट नहीं मिलने पर आठ माह पहले काम बंद कर दिया था। बजट जारी होने के बाद ही निर्माण हो पाएगा।
- जगदीश कुशवाहा, पार्षद बाडूजई प्रथम
तालाब को सुंदरीकरण के लिए चिह्नित किया गया था। अब तक तालाब की जमीन से कब्जाधारकों को नहीं हटाया गया है। बजट जारी होने के बाद अब तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। तालाब की जमीन पर लोग कब्जा किए हुए हैं।
- मनीष गुप्ता, पार्षद अजीजगंज
शासन की ओर से सीधे ठेकेदार के खाता में बजट आता है। बजट डालने की प्रक्रिया चल रही है। एक सप्ताह में बजट ठेकेदारों के खातों में पहुंच जाएगा। बारिश से पहले तालाबों का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
- आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम

चिनौर स्थित निर्माणाधीन तालाब। संवाद

चिनौर स्थित निर्माणाधीन तालाब। संवाद

चिनौर स्थित निर्माणाधीन तालाब। संवाद

चिनौर स्थित निर्माणाधीन तालाब। संवाद

चिनौर स्थित निर्माणाधीन तालाब। संवाद