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Shahjahanpur News: बजट मिला, लेकिन स्कूलों से हाईटेंशन लाइन हटाने की कवायद कागजों तक

Fri, 19 Sep 2025 12:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:30 AM IST
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Budget received, but efforts to remove high-tension lines from schools remain limited to paper.
शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद - फोटो : mathura
शाहजहांपुर। अब तक बजट के अभाव में स्कूलों के ऊपर से गुजरी बिजली की लाइनें न हटाने का बहाना बना रहा विद्युत निगम बजट मिलने के डेढ़ महीने बाद भी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। अब तक जिले के एक भी स्कूल के ऊपर से गुजरी बिजली लाइन को विद्युत निगम नहीं हटा सका है। 126 परिषदीय स्कूलों के ऊपर से गुजरी लाइनों से बच्चे और शिक्षक भयभीत हैं। स्कूल परिसरों के अंदर बिजली के खंभे और गेट पर ट्रांसफॉर्मर लगा होने से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए खतरा रहता है।
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जनपद में 2716 परिषदीय स्कूलों का संचालन होता है। इनमें तीन लाख दो हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। इनमें 126 स्कूलों के बच्चों को ऊपर से गुजरी बिजली की लाइनों से खतरा है। लंबे समय से स्कूलों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइनों को हटवाने की कवायद चल रही थी। इस वर्ष जुलाई में शासन ने एक करोड़ 45 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया।
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धनराशि जारी होने के बाद प्रशासन ने एक महीने के अंदर विद्युत लाइनें शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पूरा महीना गुजर जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। शहरी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर में करीब सौ विद्यार्थी पंजीकृत हैं। स्कूल के नाम पर मात्र दो ही कमरे हैं। जहां पर बच्चों के खेलने की व्यवस्था है, वहां बिजली का खंभा लगा है। शिक्षक सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को उस ओर जाने नहीं देते हैं।
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ट्रांसफॉर्मर के पास चपरासी को खड़ा करते हैं, तब हैं निकालते बच्चे
शहर के कंपोजिट स्कूल मंडी में 115 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। स्कूल के गेट पर ही ट्रांसफॉर्मर रखा है, इससे बच्चों को खतरा रहता है। कई बार ट्रांसफॉर्मर में आग लगने पर विद्युत निगम और शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया। स्कूल में छुट्टी होने पर चपरासी को ट्रांसफॉर्मर के आगे खड़ा कर बच्चों को सुरक्षित तरीके से निकाला जाता है। सुबह बच्चों के आने पर शिक्षक निगाह बनाए रखते हैं।
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मघई टोला में स्कूल के पीछे ट्रांसफॉर्मर, छत पर हाईटेंशन लाइन
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मघई टोला के बच्चे बिजली की लाइन के खतरे के नजदीक रहते हैं। स्कूल के पीछे ही ट्रांसफॉर्मर रखा है, जबकि छत के ऊपर से लाइन गुजरी है। स्कूल में लगभग 150 बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल में खुले स्थान पर घूमने पर मनाही है, क्योंकि लाइन टूटने पर बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। इसी तरह सुभाषनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय तारीन टिकली के पास से भी लाइन गुजरी हुई है।
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शासन से मिले एक करोड़ 45 लाख रुपये बिजली निगम को भेज दिए गए थे। निगम ने अब तक किसी स्कूल में काम शुरू नहीं कराया है। डीएम ने एक महीने में स्कूलों से बिजली की लाइनें हटवाने के निर्देश दिए थे।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए
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स्कूलों के ऊपर से लाइनें हटाने को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। सारी प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है। जल्द ही कार्य शुरू कराएंगे। पूर्व में दस से 12 स्कूलों से लाइनें हटवाए जा चुकी हैं।

- जागेश कुमार, एसई-बिजली निगम

शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद- फोटो : mathura

शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद- फोटो : mathura

शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा व ऊपर से गुजरी लाइन। संवाद- फोटो : mathura

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