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Shahjahanpur News: बंच लाइनें व ट्रांसफॉर्मर जलते रहे... पर देर से जागा विद्युत निगम
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शाहजहांपुर में बिस्मिल पार्क के पास तारों का जाल। संवाद
शाहजहांपुर। तापमान बढ़ने पर बंच लाइनें और ट्रांसफॉर्मर जलने से लोग फॉल्ट और ट्रिपिंग से जूझते रहे पर अब जाकर आधी गर्मी गुजरने के बाद शहर के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से बिजनेस प्लान 2026-27 के जरिये भेजे गए प्रस्तावों पर मुहर लग सकी है। करीब 2.27 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। बावजूद इसके इन गर्मियों में भी समस्या का समाधान होना मुश्किल लग रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में नौ उपकेंद्रों से करीब 80 हजार उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों को रोशन किया जाता है। बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 2023 से 2026 तक रिवैंप योजना के तहत 164 करोड़ रुपये जिले भर में खर्च किए गए। उसके बाद भी ट्रांसफॉर्मरों को पॉवरफुल नहीं बनाया जा सका। इस पर बिजनेस प्लान 2026-27 के जरिये शहरी क्षेत्र में उपकेंद्र वार जेई से प्रस्ताव बनाकर मांगे गए।
करीब आठ महीने पहले जेई संवर्ग ने 52 स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि और 64 स्थानों पर पुराने ट्रांसफॉर्मर के साथ नए प्वाइंट बनाते हुए ट्रांसफॉर्मर रखने के प्रस्ताव दिए। उम्मीद थी कि गर्मी से पहले प्रस्तावों पर मुहर लग जाएगी, लेकिन आधी गर्मी बीतने के बाद अब जाकर शासन से प्रस्तावों पर सहमति मिली है। जिसके बाद निगम ने टेंडर प्रक्रिया को पूरा कराया है। संभावना है कि गर्मी के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। ऐसे में लोगों को गर्मी में लोकल फॉल्टों से निजात मिलना फिलहाल मुश्किल है।
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ये आ रही समस्या
विद्युत निगम के करीब 25 ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडेड हैं। ओवरलोडिंग के कारण उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। बार-बार ट्रांसफॉर्मर के फ्यूज उड़ने, बंच और लीड जलने से लोगों को दिक्कत आती है। इसी समस्या के निस्तारण के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा गया था।
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ये दिए गए थे प्रस्ताव
उपकेंद्र का नाम क्षमता वृद्धि
बहादुरगंज 10
रोजा 09
हथौड़ा 06
सिटी पार्क 03
निगोही रोड 08
ककरा 09
गोविंदगंज 07
अब्दुल्लागंज--
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बिजनेस प्लान के तहत दो करोड़ 27 लाख रुपये के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इसकी टेंडर डाले गए हैं, जो तय समय पर खोले जाएंगे। कार्य होने के बाद बिजली के नेटवर्क में काफी सुधार होगा।
-अनुज प्रताप सिंह, एसई, विद्युत निगम
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नगर निगम क्षेत्र में नौ उपकेंद्रों से करीब 80 हजार उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों को रोशन किया जाता है। बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 2023 से 2026 तक रिवैंप योजना के तहत 164 करोड़ रुपये जिले भर में खर्च किए गए। उसके बाद भी ट्रांसफॉर्मरों को पॉवरफुल नहीं बनाया जा सका। इस पर बिजनेस प्लान 2026-27 के जरिये शहरी क्षेत्र में उपकेंद्र वार जेई से प्रस्ताव बनाकर मांगे गए।
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करीब आठ महीने पहले जेई संवर्ग ने 52 स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि और 64 स्थानों पर पुराने ट्रांसफॉर्मर के साथ नए प्वाइंट बनाते हुए ट्रांसफॉर्मर रखने के प्रस्ताव दिए। उम्मीद थी कि गर्मी से पहले प्रस्तावों पर मुहर लग जाएगी, लेकिन आधी गर्मी बीतने के बाद अब जाकर शासन से प्रस्तावों पर सहमति मिली है। जिसके बाद निगम ने टेंडर प्रक्रिया को पूरा कराया है। संभावना है कि गर्मी के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। ऐसे में लोगों को गर्मी में लोकल फॉल्टों से निजात मिलना फिलहाल मुश्किल है।
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ये आ रही समस्या
विद्युत निगम के करीब 25 ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडेड हैं। ओवरलोडिंग के कारण उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। बार-बार ट्रांसफॉर्मर के फ्यूज उड़ने, बंच और लीड जलने से लोगों को दिक्कत आती है। इसी समस्या के निस्तारण के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा गया था।
ये दिए गए थे प्रस्ताव
उपकेंद्र का नाम क्षमता वृद्धि
बहादुरगंज 10
रोजा 09
हथौड़ा 06
सिटी पार्क 03
निगोही रोड 08
ककरा 09
गोविंदगंज 07
अब्दुल्लागंज
बिजनेस प्लान के तहत दो करोड़ 27 लाख रुपये के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इसकी टेंडर डाले गए हैं, जो तय समय पर खोले जाएंगे। कार्य होने के बाद बिजली के नेटवर्क में काफी सुधार होगा।
-अनुज प्रताप सिंह, एसई, विद्युत निगम