{"_id":"158ed723603dfe5fb3c002cbfb4fba61","slug":"brahmin-council-sought-reservation-on-economic-grounds-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्राह्मण महासभा ने आर्थिक आधार पर मांगा आरक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्राह्मण महासभा ने आर्थिक आधार पर मांगा आरक्षण
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 07 Oct 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कवि माधव मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार को आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था में संशोधन करके आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देना चाहिए। बुधवार को जिले के एक दिवसीय दौरे पर आए मिश्र ने कहा कि न सिर्फ दलित, पिछड़े बल्कि तमाम सवर्ण परिवार भी आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं, लेकिन उन्हें आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था से कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
महासभा के नगर अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ पांडेय के चूड़ी वाली गली स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था कई दशक पहले की सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई थी। उस वक्त दलितों, पिछड़ों को समाज की मुख्य धारा में लाने की जितनी आवश्यकता थी, उतनी आज नहीं है। दलितों और पिछड़ों की कई पीढ़ियां आरक्षण के बूते आज आर्थिक रूप से मजबूत हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सवर्ण जातियों में तमाम ऐसे परिवार हैं, जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे परिवारों के बच्चे स्कूल-कालेजों में मेधावी सिद्ध हो रहे, लेकिन नौकरियों की बात आने पर ऐसी प्रतिभाओं को मेरिट में नीचे धकेला जा रहा है। इन्हीं स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ब्राह्मण महासभा ने पांच जनवरी 2010 को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करके राष्ट्रपति से आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की थी।
विज्ञापन
इससे पूर्व, पदाधिकारियों की बैठक में महासभा चुनाव प्रक्रिया के राष्ट्रीय संयोजक माधव मिश्र ने दस प्रदेशों के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए ब्राह्मणों की एकजुटता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नगर महामंत्री वीएस त्रिवेदी के संचालन में हुई बैठक में महासभा के महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महामंत्री सावित्री शर्मा, नरेश चंद्र शुक्ला, हरचरन मिश्र, द्विजेंद्र मिश्र, नकुल शर्मा, रामकैलाश तिवारी, मनोज दीक्षित, भुवनेश्वरी देवी पांडेय, रीता मिश्रा, आर्यन वाजपेयी, विदुषी मिश्रा, जगजीत शर्मा आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
महासभा के नगर अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ पांडेय के चूड़ी वाली गली स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था कई दशक पहले की सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई थी। उस वक्त दलितों, पिछड़ों को समाज की मुख्य धारा में लाने की जितनी आवश्यकता थी, उतनी आज नहीं है। दलितों और पिछड़ों की कई पीढ़ियां आरक्षण के बूते आज आर्थिक रूप से मजबूत हो चुकी हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सवर्ण जातियों में तमाम ऐसे परिवार हैं, जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे परिवारों के बच्चे स्कूल-कालेजों में मेधावी सिद्ध हो रहे, लेकिन नौकरियों की बात आने पर ऐसी प्रतिभाओं को मेरिट में नीचे धकेला जा रहा है। इन्हीं स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ब्राह्मण महासभा ने पांच जनवरी 2010 को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करके राष्ट्रपति से आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की थी।
विज्ञापन
इससे पूर्व, पदाधिकारियों की बैठक में महासभा चुनाव प्रक्रिया के राष्ट्रीय संयोजक माधव मिश्र ने दस प्रदेशों के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए ब्राह्मणों की एकजुटता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नगर महामंत्री वीएस त्रिवेदी के संचालन में हुई बैठक में महासभा के महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महामंत्री सावित्री शर्मा, नरेश चंद्र शुक्ला, हरचरन मिश्र, द्विजेंद्र मिश्र, नकुल शर्मा, रामकैलाश तिवारी, मनोज दीक्षित, भुवनेश्वरी देवी पांडेय, रीता मिश्रा, आर्यन वाजपेयी, विदुषी मिश्रा, जगजीत शर्मा आदि उपस्थित रहे।