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Shahjahanpur News: ब्लॉकों में नहीं पहुंच पाई किताबें...अभी पुरानी से पढ़ेंगे बच्चे
Sun, 30 Mar 2025 11:46 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:46 PM IST
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शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बांटने के लिए आईं किताबें अभी तक ब्लॉक संसाधन केंद्रों तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसके पीछे की वजह टेंडर न होने की बात सामने आई है।
जनपद के 1805 प्राइमरी, 516 जूनियर और 442 कंपोजिट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए होली के बाद बीआरसी लालपुर गोदाम में किताबों की खेप आ गई थी। कक्षा चार से आठ तक के बच्चों के लिए हिंदी माध्यम की 14,77,995, अंग्रेजी माध्यम में 77,939 व उर्दू माध्यम में 14411 किताबें आई थी। किताबों को बीआरसी तक पहुंचाने के लिए तीन टेंडर डाले गए थे। इनमें दो के टेंडर गलत होने के कारण निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है। जल्दी किताबें आने से संभावना थी कि टेंडर होने के बाद पहली अप्रैल को किताबें बीआरसी तक पहुंचाकर बांट दी जाएंगी। लेकिन अभी तक किताबें ब्लॉकों तक नहीं पहुंच सकी हैं। इसके चलते सत्र के पहले दिन बच्चों को नई किताबें मिलना संभव नहीं होगा। वहीं, टेंडर न होने के कारण किताबों को बीईओ से स्वयं उठवाने के लिए अधिकारियों द्वारा मैसेज किया गया। ऐसे में अपने खर्च से बीईओ किताबें उठवाने को लेकर तैयार नहीं हो रहे हैं।
-किताबों को बीआरसी तक पहुंचाने के लिए अभी टेंडर नहीं हो पाया है। इसलिए अभी बच्चों को किताबें मिलने में थोड़ा समय लगेगा। पुरानी किताबें बच्चों को दे दी गई हैं।
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सुरेंद्र मौर्या, बीईओ, मुख्यालय
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जनपद के 1805 प्राइमरी, 516 जूनियर और 442 कंपोजिट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए होली के बाद बीआरसी लालपुर गोदाम में किताबों की खेप आ गई थी। कक्षा चार से आठ तक के बच्चों के लिए हिंदी माध्यम की 14,77,995, अंग्रेजी माध्यम में 77,939 व उर्दू माध्यम में 14411 किताबें आई थी। किताबों को बीआरसी तक पहुंचाने के लिए तीन टेंडर डाले गए थे। इनमें दो के टेंडर गलत होने के कारण निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है। जल्दी किताबें आने से संभावना थी कि टेंडर होने के बाद पहली अप्रैल को किताबें बीआरसी तक पहुंचाकर बांट दी जाएंगी। लेकिन अभी तक किताबें ब्लॉकों तक नहीं पहुंच सकी हैं। इसके चलते सत्र के पहले दिन बच्चों को नई किताबें मिलना संभव नहीं होगा। वहीं, टेंडर न होने के कारण किताबों को बीईओ से स्वयं उठवाने के लिए अधिकारियों द्वारा मैसेज किया गया। ऐसे में अपने खर्च से बीईओ किताबें उठवाने को लेकर तैयार नहीं हो रहे हैं।
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-किताबों को बीआरसी तक पहुंचाने के लिए अभी टेंडर नहीं हो पाया है। इसलिए अभी बच्चों को किताबें मिलने में थोड़ा समय लगेगा। पुरानी किताबें बच्चों को दे दी गई हैं।
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सुरेंद्र मौर्या, बीईओ, मुख्यालय