{"_id":"612d2b4c8ebc3e494c7de2ef","slug":"book-shahjahanpur-news-bly4580167124","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिनतारा नहीं, अब अंकों का जादू पढ़ेंगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिनतारा नहीं, अब अंकों का जादू पढ़ेंगे बच्चे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों की पुस्तकों के आवरण और नाम में परिवर्तन कर दिया है। हालांकि उनके अंदर के पाठों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। बच्चे अब गिनतारा नहीं, बल्कि अंकों का जादू वाली किताब पढ़ेंगे। इन किताबों का वितरण छात्र-छात्राओं को निशुल्क किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में अभी तक कक्षा दो से लेकर पांच तक की सभी विषय की पुस्तकों के नाम एक जैसे और छह से लेकर आठ तक की पुस्तकों के नाम एक ही थे। इससे बच्चों में काफी भ्रम की स्थिति रहती थी। बच्चों की अभिरुचि को ध्यान में रखते हुए शासन ने पुस्तकों के नाम परिवर्तन कर सरल और रोचक कर दिया है। इससे बच्चों को पुस्तकों का नाम याद रखने में सहूलियत होगी। साथ ही पुस्तकों के कवर पेज को भी बदल दिया। कवर पेज को भी काफी रुचिकर रंग और आकृति से सजाया है, जो बच्चों को आकर्षित करें।
पाठ्य पुस्तकों के साथ कार्यपुस्तिका का नाम भी बदला है। जो पुस्तक के नाम से मिलते-जुलते ही हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी ने बताया कि शासन ने एक अच्छी पहल करते हुए बच्चों की आयु वर्ग और उनकी रुचि के अनुसार पाठ्य पुस्तकों के नाम और कवर पेज बदले गए हैं। जिले के परिषदीय, सहायता प्राप्त आदि स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक एक लाख, 92 हजार, 425 बच्चे हैं, जिन्हें पुस्तकें बांट जान हैं।
विज्ञापन
दो से पांच तक की पुस्तकों के नए नाम
कक्षा दो की पाठ्य पुस्तक कलरव का नाम बदलकर किसलय कर दिया है। कक्षा तीन की पाठ्य पुस्तक कलरव का नाम बदलकर पंखुड़ी और गिनतारा का अंकों का जादू किया है। कक्षा चार की पुस्तक कलरव, गिनतारा, हमारा परिवेश, रेनबो, संस्कृत पीयूषम का नाम बदलकर क्रमश: फुलवारी, अंक जगत, पर्यावरण, स्प्रिंग और संस्कृत सुधा किया है। कक्षा पांच की पाठ्य पुस्तक कलरव, गिनतारा, हमारा परिवेश, रेनबो, संस्कृत पीयूषम, मंजरी, का नाम बदलकर क्रमश: वाटिका, गणित ज्ञान, प्रकृति, पीटल्स, संस्कृत सुबोध किया है।
कक्षा छह से आठ तक की पुस्तकों के नए नाम
कक्षा छह की पाठ्य पुस्तक मंजरी, गणित, आओ समझें विज्ञान, संस्कृत पीयूषम, रेनबो का नाम बदलकर क्रमश: अक्षरा, सीख गणित, विज्ञान भारती, संस्कृत निधि, अंग्रेजी रीडर प्रथम किया है। कक्षा सात की पाठ्य पुस्तक मंजरी, गणित, पृथ्वी ओर हमारा जीवन, आओ समझें विज्ञान, संस्कृत पीयूषम, रेनबो, गृह शिल्प, महान व्यक्तित्व का नाम बदलकर क्रमश: दीक्षा, गणित प्रकाश, हमारा भूमंडल, विज्ञान भारती-दो, संस्कृत मंजूषा, अंग्रेजी रीडर-दो, गृह कौशल, भारत की महान विभूतियां किया है।
शासन ने पुस्तकों के नाम परिवर्तन कर सरल और रोचक कर दिया है। अंदर का पाठ्यक्रम वही रखा गया है। अब बच्चों को पुस्तकों का नाम याद रखने में सहूलियत होगी। जिले में पुस्तकें नि:शुल्क वितरण के लिए आ चुकी है और स्कूलों में बांटी जा रही हैं।
- सुरेंद्र यादव, बीएसए
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में अभी तक कक्षा दो से लेकर पांच तक की सभी विषय की पुस्तकों के नाम एक जैसे और छह से लेकर आठ तक की पुस्तकों के नाम एक ही थे। इससे बच्चों में काफी भ्रम की स्थिति रहती थी। बच्चों की अभिरुचि को ध्यान में रखते हुए शासन ने पुस्तकों के नाम परिवर्तन कर सरल और रोचक कर दिया है। इससे बच्चों को पुस्तकों का नाम याद रखने में सहूलियत होगी। साथ ही पुस्तकों के कवर पेज को भी बदल दिया। कवर पेज को भी काफी रुचिकर रंग और आकृति से सजाया है, जो बच्चों को आकर्षित करें।
विज्ञापन
पाठ्य पुस्तकों के साथ कार्यपुस्तिका का नाम भी बदला है। जो पुस्तक के नाम से मिलते-जुलते ही हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी ने बताया कि शासन ने एक अच्छी पहल करते हुए बच्चों की आयु वर्ग और उनकी रुचि के अनुसार पाठ्य पुस्तकों के नाम और कवर पेज बदले गए हैं। जिले के परिषदीय, सहायता प्राप्त आदि स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक एक लाख, 92 हजार, 425 बच्चे हैं, जिन्हें पुस्तकें बांट जान हैं।
विज्ञापन
दो से पांच तक की पुस्तकों के नए नाम
कक्षा दो की पाठ्य पुस्तक कलरव का नाम बदलकर किसलय कर दिया है। कक्षा तीन की पाठ्य पुस्तक कलरव का नाम बदलकर पंखुड़ी और गिनतारा का अंकों का जादू किया है। कक्षा चार की पुस्तक कलरव, गिनतारा, हमारा परिवेश, रेनबो, संस्कृत पीयूषम का नाम बदलकर क्रमश: फुलवारी, अंक जगत, पर्यावरण, स्प्रिंग और संस्कृत सुधा किया है। कक्षा पांच की पाठ्य पुस्तक कलरव, गिनतारा, हमारा परिवेश, रेनबो, संस्कृत पीयूषम, मंजरी, का नाम बदलकर क्रमश: वाटिका, गणित ज्ञान, प्रकृति, पीटल्स, संस्कृत सुबोध किया है।
कक्षा छह से आठ तक की पुस्तकों के नए नाम
कक्षा छह की पाठ्य पुस्तक मंजरी, गणित, आओ समझें विज्ञान, संस्कृत पीयूषम, रेनबो का नाम बदलकर क्रमश: अक्षरा, सीख गणित, विज्ञान भारती, संस्कृत निधि, अंग्रेजी रीडर प्रथम किया है। कक्षा सात की पाठ्य पुस्तक मंजरी, गणित, पृथ्वी ओर हमारा जीवन, आओ समझें विज्ञान, संस्कृत पीयूषम, रेनबो, गृह शिल्प, महान व्यक्तित्व का नाम बदलकर क्रमश: दीक्षा, गणित प्रकाश, हमारा भूमंडल, विज्ञान भारती-दो, संस्कृत मंजूषा, अंग्रेजी रीडर-दो, गृह कौशल, भारत की महान विभूतियां किया है।
शासन ने पुस्तकों के नाम परिवर्तन कर सरल और रोचक कर दिया है। अंदर का पाठ्यक्रम वही रखा गया है। अब बच्चों को पुस्तकों का नाम याद रखने में सहूलियत होगी। जिले में पुस्तकें नि:शुल्क वितरण के लिए आ चुकी है और स्कूलों में बांटी जा रही हैं।
- सुरेंद्र यादव, बीएसए