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Shahjahanpur News: ब्लाइट और बारिश ने तोड़ दिए खरबूजा किसानों के सपने

Tue, 06 May 2025 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 May 2025 12:44 AM IST
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Blight and rain shattered the dreams of melon farmers
पुवायां के गुटैया क्षेत्र में ब्लाइट बीमारी लगने से सूखी फसल में भर गया बरसात का पानी। संवाद - फोटो : mathura
पुवायां। ब्लाइट नाम की बीमारी ने खरबूजा करने वाले किसानों के सपने तोड़ दिए हैं। खरबूजे में अभी एक-दो बार ही फसल तोड़ी गई है, लेकिन ब्लाइट ने 70 प्रतिशत फसल सुखा दी है। रविवार को हुई बारिश ने भी खरबूजा, खीरा, मक्का को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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पुवायां क्षेत्र में किसान खुद खरबूजे की खेती नहीं कर जमीन को तीन महीने के लिए ठेके पर दे देते हैं। पुवायां के मोहल्ला कुरगंजा और आसपास के कई गांवों के लोग खेत ठेके पर लेकर खरबूजे की खेती करते हैं। पिछले वर्ष खेत का ठेका प्रति एकड़ 30 से 35 हजार रुपये रहा था। मौसम अच्छा रहने से खरबूज की अच्छी पैदावार हुई। प्रति एकड़ 120 से 200 क्विंटल तक खरबूजा निकला था।
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दाम अच्छा मिलने के कारण खेती करने वालों को तीन महीने में प्रति एकड़ 25 से 30 हजार रुपये की बचत हुई थी। इस बार मक्का का क्षेत्रफल बढ़ने के कारण किसानों ने जमीन का ठेका बढ़ा दिया। अच्छे मुनाफे की सोचकर खेत का ठेका 45 से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ तक लेकर खरबूजा बोया गया था। अभी खरबूजे को एक से दो बार ही तोड़ा जा सका है, लेकिन ब्लाइट रोग ने 70 प्रतिशत खरबूजे की खेती को चौपट कर दिया है।
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किसानों ने बताया कि सुबह एक पौधे में ब्लाइट रोग के लक्षण दिखते हैं और शाम तक पूरा खेत इसकी चपेट में आ जाता है। ब्लाइट के कारण पौधा सूख जाता है और खरबूजा सड़ जाता है। तमाम प्रकार के स्प्रे करने के बाद भी ब्लाइट पर नियंत्रण नहीं हो रहा है, इस कारण खरबूजे में भारी घाटा होने की आशंका से खेती करने वालों के चेहरे उतर गए हैं। किसानों के अनुसार, अभी लगभग एक महीने तक खरबूजा होना था, लेकिन ब्लाइट ने पौध ही सुखा दी है, जिससे सब उजड़ गया है।

लगभग तीन हजार एकड़ में लगा है खरबूजा
इस बार पुवायां क्षेत्र में लगभग तीन हजार एकड़ में खरबूजा लगाया गया है। गंगसरा के दीपक कुमार ने अकेले 280 एकड़ खरबूजा बो रखा है। किसानों को उम्मीद थी कि मौसम साथ देगा और दाम भी अच्छा मिलेगा तो इस बार भी उनको अच्छा मुनाफा होगा, लेकिन रोग ने भारी नुकसान पहुंचाया है। रही सही कसर रविवार को हुई बारिश ने पूरी कर दी है। बारिश से पौधे और फल डूब गए हैं। रात भर में ही सैकड़ों क्विंटल खरबूजा सड़ गया। सोमवार को कई किसान खेत में पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने में जुटे रहे।

नेपाल, बिहार, उत्तराखंड सहित प्रदेश के 25 जिलों में जाता है खरबूजा
कई वर्ष से खरबूजे की खेती ने पुवायां को खरबूजे का हब बना दिया है। नेपाल, बिहार, उत्तराखंड और प्रदेश के लगभग 25 जिलों के व्यापारी पुवायां आकर डीसीएम और पिकअप वाहनों में खरबूजा भरवाकर ले जाते हैं। खरबूजे की गुल्ला, मुस्कान सहित कई किस्मों की भारी मांग है, इसका कारण इनका बेहद मीठा होना है।



इस बार तो सब चौपट हो गया
इस बार भी खरबूजे से अच्छे मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन ब्लाइट ने सब चौपट कर दिया है। भारी नुकसान होगा, इससे हम लोग बड़े कर्ज में डूब जाएंगे। बारिश ने भी भारी नुकसान पहुंचाया है। तमाम प्रकार के स्प्रे किए लेकिन सब बेअसर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों को मुआयना कर समाधान बताना चाहिए और सरकार को खरबूजा करने वालों की मदद करनी चाहिए। - वीरपाल, गांव बितौनी पुवायां


ब्लाइट बैक्टीरिया और फंगस से होने वाली बीमारी है। अक्सर यह ठंड में होती है। बैक्टीरिया है तो इस पर स्प्रे से कंट्रोल पाया जा सकता है। भ्रमण कर खरबूज की फसल में लगे रोग का पता लगाया जाएगा और किसानों को बचाव के तरीके भी बताए जाएंगे। - संजय यादव, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शाहजहांपुर

पुवायां के गुटैया क्षेत्र में ब्लाइट बीमारी लगने से सूखी फसल में भर गया बरसात का पानी। संवाद

पुवायां के गुटैया क्षेत्र में ब्लाइट बीमारी लगने से सूखी फसल में भर गया बरसात का पानी। संवाद- फोटो : mathura

पुवायां के गुटैया क्षेत्र में ब्लाइट बीमारी लगने से सूखी फसल में भर गया बरसात का पानी। संवाद

पुवायां के गुटैया क्षेत्र में ब्लाइट बीमारी लगने से सूखी फसल में भर गया बरसात का पानी। संवाद- फोटो : mathura

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